यहां भारतीय इतिहास के प्रमुख स्रोतों का विस्तृत विवरण दिया गया है, जिसे आकर्षक और व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

📖 साहित्यिक साक्ष्य (Literary Evidence)

Page Contents


🙏 धार्मिक साहित्य (Religious Literature)

धार्मिक साहित्य को ब्राह्मण और ब्राह्मणेत्तर ग्रंथों में विभाजित किया जा सकता है।

ब्राह्मण ग्रंथ

ब्राह्मणेत्तर साहित्य

वेद (The Vedas)

अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथ

सूत्र, दर्शन और स्मृतियाँ


🏛️ लौकिक साहित्य (Secular Literature)


🗺️ विदेशी यात्रियों के विवरण (Accounts of Foreign Travelers)

इनके विवरण से तत्कालीन सामाजिक और राजनीतिक स्थिति का पता चलता है।

यूनान एवं रोम के लेखक

चीनी यात्रियों के वृत्तांत

अरब यात्रियों के वृत्तांत


⛏️ पुरातत्व संबंधी साक्ष्य (Archaeological Evidence)

इसके तहत तीन प्रकार के साक्ष्य आते हैं: अभिलेख, मुद्रा और स्मारक।

अभिलेख (Inscriptions)

क्र.सं.अभिलेखशासक एवं अभिलेख की विशेषताएँ
1.हाथी गुम्फा अभिलेखकलिंग राज खारवेल
2.जूनागढ़ (गिरनार) अभिलेखरुद्रदामन (सुदर्शन झील की जानकारी)
3.नासिक अभिलेखगौतमी बलश्री (सातवाहनों की उपलब्धियाँ)
4.प्रयाग स्तम्भ अभिलेखसमुद्रगुप्त (इनकी विजयों की जानकारी)
5.ऐहोल अभिलेखपुलकेशिन द्वितीय
6.मन्दसौर अभिलेखमालवा नरेश यशोवर्मन
7.ग्वालियर अभिलेखप्रतिहार नरेश भोज
8.भितरी एवं जूनागढ़ अभिलेखस्कन्दगुप्त (हूणों पर विजय का विवरण)
9.देवपाड़ा अभिलेखबंगाल शासक विजयसेन
10.एरण अभिलेखभानुगुप्त

मुद्रा (Coins)


🗿 प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Period)

पुरापाषाण काल (5,00,000-10,000 ई.पू.)

🏹 मध्यपाषाण काल (Mesolithic Age: 10,000–4,000 ई.पू.)


🌱 नवपाषाण काल (Neolithic Age: 9,000–1,000 ई.पू.)


⏳ आद्य ऐतिहासिक काल (Proto-Historic Period)

इसे दो प्रमुख भागों में बांटा गया है:

  1. ताम्रपाषाण काल (3500 ई.पू. – 1200 ई.पू.)
  2. लौह काल (1000 ई.पू. – 600 ई.पू.)

🏛️ हड़प्पा संस्कृति (Harappan Civilization)

🌍 सैंधव सभ्यता के प्रमुख स्थल

वर्षउत्खननकर्ताप्रमुख स्थलनदीस्थिति
1921दयाराम साहनीहड़प्पारावी के बाएँ तटपाकिस्तान (मोंटगोमरी जिला)
1922राखलदास बनर्जीमोहनजोदड़ोसिन्धु के बाएँ तटपाकिस्तान (सिंध प्रांत) का लरकाना जिला
1931गोपाल मजूमदारचन्हूदड़ोसिन्धुसिंध प्रांत (पाकिस्तान)
1953बी.बी. लाल एवं बी.के. थापरकालीबंगनघग्घरराजस्थान (हनुमानगढ़ जिला)
1953-54रंगनाथ रावरंगपुरमादरगुजरात (काठियावाड़)
1955-63रंगनाथ रावलोथलभोगवागुजरात (अहमदाबाद)
1958यज्ञदत्त शर्माआलमगीरपुरहिन्डनउत्तर प्रदेश (मेरठ)
1974रवीन्द्र सिंह बिष्टबनावलीरंगोईहरियाणा (हिसार)
1990-91रवीन्द्र सिंह बिष्टधौलावीरामनहर व मानसरगुजरात (कच्छ)

📖 वैदिक काल (Vedic Period)

वैदिक काल को दो भागों में बांटा गया है:

  1. ऋग्वैदिक काल (1500–1000 ई.पू.)
  2. उत्तर वैदिक काल (1000–600 ई.पू.)

ऋग्वैदिक काल (Rigvedic Period)

विद्वानआर्यों का मूल निवास स्थान
मैक्समूलरमध्य एशिया (बैक्ट्रिया)
बाल गंगाधर तिलकउत्तरी ध्रुव
दयानन्द सरस्वतीतिब्बत
गंगानाथ झाब्रह्मर्षि देश
गार्डन चाइल्ड्सदक्षिणी रूस
डॉ. अविनाश चन्द्र दाससप्तसैंधव प्रदेश
प्राचीन नामवर्तमान नाम
सिंधुसिंधु
सरस्वतीसरसवती
शतुद्रिसतलज
विपाशाव्यास
परुष्णीरावी
असिकनीचिनाब
वितस्ताझेलम
गोमलगोमती
कुंभाकाबुल

📖 उत्तर वैदिक काल (Later Vedic Period)

वैदिक काल के प्रमुख यज्ञ

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

🙏 पंच महायज्ञ (Five Great Sacrifices)

  1. बह्मयज्ञ (ऋषियज्ञ): वेदों का पाठ करके प्राचीन ऋषियों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करना।
  2. देवयज्ञ: हवन की अग्नि में घी की आहुति देकर देवताओं का आह्वान करना।
  3. पितृयज्ञ: अपने पूर्वजों को जल और भोजन (श्राद्ध) का तर्पण करके उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना।
  4. भूतयज्ञ: सभी प्राणियों के प्रति कृतज्ञता के लिए पशु-पक्षियों और कीटों को बलि (भोजन) देना।
  5. नृयज्ञ (अतिथियज्ञ): अतिथि सत्कार के माध्यम से मानव के प्रति कृतज्ञता दर्शाना।

📜 उत्तर वैदिक काल की सामाजिक और धार्मिक व्यवस्था (Later Vedic Society and Religion)


💍 विवाह के प्रकार (Types of Marriage)

प्राचीन भारत में आठ प्रकार के विवाह प्रचलित थे:

  1. ब्रह्म विवाह: पिता अपनी पुत्री के लिए एक योग्य वर ढूंढकर उससे विवाह करता था।
  2. दैव विवाह: पिता अपनी पुत्री का विवाह यज्ञ करने वाले पुरोहित से करता था।
  3. आर्य विवाह: वर, कन्या के पिता को सम्मान स्वरूप एक जोड़ी बैल प्रदान करता था।
  4. प्रजापत्य विवाह: वर पक्ष की ओर से विवाह का प्रस्ताव आता था।
  5. असुर विवाह: वर, कन्या के पिता को धन या वस्तुएँ देकर विवाह करता था।
  6. गंधर्व विवाह: यह प्रेम विवाह था, जिसमें माता-पिता की अनुमति आवश्यक नहीं थी।
  7. राक्षस विवाह: कन्या का अपहरण करके उससे विवाह करना।
  8. पैशाच विवाह: धोखे से या बलपूर्वक कन्या से विवाह करना।

नोट: असुर विवाह केवल वैश्य व शूद्र में, गंधर्व विवाह क्षत्रियों में, और राक्षस विवाह भी क्षत्रियों के लिए मान्य था। राक्षस और पैशाच विवाह को निंदनीय माना जाता था।


🧘 धार्मिक आंदोलन (Religious Movements)

जैन धर्म (Jainism)

विशेषताविवरण
समय300 ई.पू.
स्थलपाटलिपुत्र
अध्यक्षस्थूलभद्र
शासकचन्द्रगुप्त मौर्य
कार्य12 अंगों का प्रणयन, जैन धर्म का दो भागों में विभाजन (श्वेताम्बर और दिगम्बर)
विशेषताविवरण
समय512 ई.
स्थलवल्लभी
अध्यक्षदेवर्धिक्षमाश्रमण
कार्यधर्म ग्रंथों को अंतिम रूप से संकलित कर लिपिबद्ध किया गया।

बौद्ध धर्म (Buddhism)

नाम/वस्तुसंबंध
महामायागौतम बुद्ध की माँ
राहुलगौतम बुद्ध का पुत्र
चन्नाबुद्ध का सारथी
कंथकबुद्ध का प्रिय घोड़ा
सुजाताकृषक कन्या जिसने बुद्ध को खीर खिलाई थी
अलार कलामबुद्ध के शिक्षक, जिन्होंने योग और उपनिषद् की शिक्षा दी
अश्वत्थ (पीपल)वह वृक्ष जिसके नीचे बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ
प्रतीकघटना
🐘 हाथीबुद्ध के गर्भ में आने का प्रतीक
🪷 कमलजन्म का प्रतीक
🐎 घोड़ागृह-त्याग का प्रतीक
🌳 पीपलज्ञान का प्रतीक
🐾 पदचिन्हनिर्वाण का प्रतीक
स्तूपमृत्यु का प्रतीक
सभासमयस्थानअध्यक्षशासनकालकार्य विशेषता
प्रथम483 ई.पू.राजगृहमहाकश्यपअजातशत्रुसुत्तपिटक तथा विनय पिटक का संग्रहण
द्वितीय383 ई.पू.वैशालीसर्वकामीकालाशोकबौद्ध संघ स्थविर तथा महासंघिक में बँटा
तृतीय255 ई.पू.पाटलिपुत्रमोग्गलिपुत्त तिस्सअशोकअभिधम्म पिटक को संकलित कर कथावत्थु को जोड़ा गया
चतुर्थप्रथम ई. शताब्दीकुण्डलवन (कश्मीर)वसुमित्र (अध्यक्ष)कनिष्कबौद्ध धर्म महायान तथा हीनयान में विभाजित हुआ

🙏 अन्य भारतीय धर्म

🔱 शैव धर्म (Shaivism)

🙏 वैष्णव धर्म (Vaishnavism)

🌙 इस्लाम धर्म (Islam)

✝️ ईसाई धर्म (Christianity)

🏛️ मगध साम्राज्य का उदय (Rise of Magadha Empire)

वंशसंस्थापककालराजधानी
बृहद्रथ वंशबृहद्रथमहाभारत कालगिरिव्रज (राजगृह)
हर्यक वंशबिम्बिसार545 ई.पू.राजगृह
शिशुनाग वंशशिशुनाग412 ई.पू.वैशाली
नन्द वंशमहापद्म344 ई.पू.पाटलिपुत्र

⚔️ विदेशी आक्रमण (Foreign Invasions)

🇮🇷 ईरानी आक्रमण (Persian Invasion)

🇬🇷 यूनानी आक्रमण (Greek Invasion)


👑 मौर्य साम्राज्य (Mauryan Empire)

🌟 चन्द्रगुप्त मौर्य (Chandragupta Maurya)

क्र.सं.शिलालेखखोज का वर्षलिपि
1.शाहबाजगढ़ी1836खरोष्ठी
2.मानसेहरा1889खरोष्ठी
3.गिरनार1822ब्राह्मी
4.धौली1837ब्राह्मी
5.कालसी1837ब्राह्मी
6.जूनागढ़1850ब्राह्मी

👑 बिन्दुसार (Bindusara)

👑 अशोक (Ashoka)

नामस्रोत
अशोक मौर्यगिरनार अभिलेख
अशोकवर्द्धनपुराण
पियदस्सीभाब्रु शिलालेख
अशोकमास्की, गुर्जरा, नेत्तूर, उद्गोलम अभिलेख

📜 अशोक के लेखों से संबंधित तथ्य (Facts Related to Ashoka’s Inscriptions)

🏛️ मौर्य प्रशासन (Mauryan Administration)

अधिकारीविभाग/कार्य
मंत्रीप्रधानमंत्री
पुरोहितधर्म एवं दान विभाग का प्रधान
सेनापतिसैन्य विभाग का प्रधान
समहर्ताआय का संग्रहकर्त्ता
सन्निधाताराजकीय कोष का अध्यक्ष
पौरनगर का कोतवाल

💸 मौर्यकालीन आर्थिक एवं सामाजिक व्यवस्था (Mauryan Economic and Social System)


⏳ मौर्योत्तर काल (Post-Mauryan Period)

⚫ शुंग वंश (Shunga Dynasty)

⚫ कण्व वंश (Kanva Dynasty)

⚫ सातवाहन/आंध्र वंश (Satavahana/Andhra Dynasty)

🇮🇳 भारत में इण्डो-ग्रीक राज्य (Indo-Greek Kingdom in India)

⚫ शक ‘सिथियन’ (Shaka ‘Scythian’)

⚫ पार्थियन/ ‘पह्लव’ (Parthian/’Pahlava’)

👑 कुषाण वंश (Kushan Dynasty)


⚫ नाग वंश (Naga Dynasty)


⚪ वाकाटक वंश (Vakataka Dynasty)


🛡️ चोल वंश (Chola Dynasty)

कर का नामसंबंधित क्षेत्र
आयमराजस्व
कडिमैलगान
मरमज्जाडिवृक्ष कर
किडाक्काशुपशु कर (नर पशु पर लगने वाला)
शासकउपाधियाँ
परान्तक प्रथममदुरैकोण्ड
राजराज प्रथमराजकेसरी, अरुमोलि, मुमाडिचोल देव
राजेन्द्र प्रथमगंगईकोण्डचोल, मुडिगुंडचोल, पण्डितचोल
कुलोतुंग प्रथमशुंगम तविर्त, कटैकोण्डचोलन

🏹 चेर वंश (Chera Dynasty)


🐠 पाण्ड्य वंश (Pandya Dynasty)


🏛️ संगमकालीन सामाजिक, धार्मिक एवं आर्थिक अवस्था (Sangam Period: Social, Religious and Economic Life)

तिनई (क्षेत्र)पुरम (युद्ध)निवासीदेवतागण
कुरिंजी (पहाड़िया)पशुओं की लूटकुरुवर (पहाड़िया)मुरुगन, सुब्रह्मण्य
मरुदम (मैदानी)स्थायी पारंपरिक युद्धउलवर (कृषक)सेनन, इंद्र
नेडल (तटीय)स्थायी पारंपरिक युद्धपटदावर (मछुवारे)वरुण, काडलर

🏛️ गुप्त काल (Gupta Period)

शब्दअर्थ
भागराजा को उत्पादन का हिस्सा
भोगराजा को उपहार में कर
हिरण्यनकद रूप में कर
विष्टिनिःशुल्क या बेगार श्रम
दीनारस्वर्ण मुद्राएँ
अग्रहारब्राह्मणों/मंदिरों को दी गई भूमि

🏛️ गुप्तकालीन प्रशासनिक एवं आर्थिक व्यवस्था (Gupta Period: Administration and Economy)

विद्वानरचना/सिद्धांत
वत्स भट्टीरावणवध
भासस्वप्नवासवदत्तम्, चारूदत्तम्
अमर सिंहअमरकोश
शूद्रकमृच्छकटिकम्
वराहमिहिरवृहत्संहिता, पंचसिद्धान्तिका
आर्यभट्टसूर्य सिद्धांत, आर्यभटीयम्
ब्रह्मगुप्तब्रह्म सिद्धांत
वागभट्टअष्टांगहृदयम् (चिकित्सा से संबंधित)
धन्वंतरिशल्यशास्त्र (चिकित्सा से संबंधित)

🗿 गुप्तकालीन मंदिर (Gupta Period Temples)

मंदिरस्थान
विष्णु मंदिरतिगवा (जबलपुर, मध्य प्रदेश)
शिव मंदिरभूमरा (नागौद, मध्य प्रदेश)
पार्वती मंदिरनचना कुठार (मध्य प्रदेश)
दशावतार मंदिरदेवगढ़ (झाँसी, उत्तर प्रदेश)
भितरगाँव का मंदिरभितरगाँव (कानपुर, उत्तर प्रदेश)
लक्ष्मण मंदिरसिरपुर (छत्तीसगढ़) (ईंटों द्वारा निर्मित)

🌟 सामाजिक एवं सांस्कृतिक अवस्था (Gupta Period: Social and Cultural Life)

👑 गुप्तोत्तर काल (Post-Gupta Period)

वल्लभी का मैत्रक वंश

मौखरी वंश

उत्तरगुप्त वंश

थानेश्वर का वर्द्धन वंश (पुष्यभूति वंश)

अधिकारीपद/कार्य
सिंहनादमुख्य सेनापति
अमात्यमन्त्रिपरिषद् के मंत्री
अपरिकभुक्ति का प्रशासक
दण्डपाशिकपुलिस अधिकारी
वृहदेश्वरअश्व सेना का अधिकारी
बलाधिकृतपैदल सेना का अधिकारी
कुंतलअश्वसेना का प्रधान अधिकारी

💡 महत्वपूर्ण तथ्य (Interesting Facts)


📝 प्रश्नमाला (Practice Questions)

  1. खजुराहो का कंदरिया महादेव मंदिर किसने बनवाया?
    (a) परमार (b) चेदि (c) राष्ट्रकूट (d) चन्देल
  2. चोलों का राज्य किस क्षेत्र में फैला था?
    (a) विजयनगर क्षेत्र (b) मालाबार तट (d) कोरोमंडल तट, दक्कन के कुछ भाग
  3. मीनाक्षी मंदिर कहाँ स्थित है?
    (c) मदुरै
  4. भारतीय दर्शन की प्रारम्भिक शाखा कौन-सी है?
    (a) सांख्य
  5. मालवा, गुजरात एवं महाराष्ट्र किस शासक ने पहली बार जीता?
    (d) चन्द्रगुप्त मौर्य
  6. सांची का स्तूप किस शासक ने बनवाया था?
    (b) अशोक
  7. ‘सत्यमेव जयते’ शब्द कहां से लिया गया है?
    (d) मुण्डकोपनिषद
  8. किस दक्षिण भारतीय राज्य में उत्तम ग्राम प्रशासन था?
    (c) चोल
  9. बुद्ध के उपदेश किससे संबंधित हैं?
    (d) आचरण की शुद्धता व पवित्रता
  10. चालुक्यों की राजधानी कहां थी?
    (a) वातापी
  11. 72 व्यापारी, चीन में किसके कार्यकाल में भेजे गए थे?
    (a) कुलोत्तुंग-I
  12. विक्रम संवत् कब से प्रारम्भ हुआ?
    (b) 58 ई.पू.
  13. सैंधव सभ्यता के महान् स्नानागार कहां से प्राप्त हुए हैं?
    (a) मोहनजोदड़ो
  14. मूर्ति पूजा का आरम्भ कब से माना जाता है?
    (a) पूर्व आर्य (Pre Aryan)
  15. बुद्ध की खड़ी प्रतिमा निम्न में से किस काल में बनाई गई?
    (b) कुषाणकाल


🤔 निम्नलिखित पर विचार करें

  1. कथन (A): लगभग दो वर्ष के अभियान के पश्चात् सिकंदर महान् ने 326 ई.पू. में भारत छोड़ दिया।
  2. कारण (R): वह चन्द्रगुप्त मौर्य से पराजित हुआ था।

🤔 बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions)

बौद्ध धर्म के विषय में कौन-से कथन सही हैं?

  1. बौद्ध धर्म ने ईश्वर के अस्तित्व को स्वीकार किया है।
  2. उसने ब्राह्मण वर्ग की सर्वोच्च सामाजिक कोटि को चुनौती दी।
  3. उसने कुछ शिल्पों को निम्न माना।

🏛️ दिल्ली सल्तनत (Delhi Sultanate)

शासक वंशशासन काल (ईस्वी सन्)
गुलाम वंश1206-1290
कुतुबुद्दीन ऐबक1206-10
इल्तुतमिश1211-36
रजिया बेगम1236-40
खिलजी वंश1290-1320
तुगलक वंश1320-1414
सैयद वंश1414-1451
लोदी वंश1451-1526

** गुलाम वंश (1206-90 ई.)**

** खिलजी वंश (1290-1320 ई.)**

दिल्ली सल्तनतकालीन प्रमुख अधिकारी एवं उनके कार्य

अधिकारीविभाग/कार्य
वजीरराजस्व विभाग (दीवान-ए-वजारत) का प्रधान
आरिज-ए-मुमालिकसेना विभाग (दीवान-ए-अर्ज) का प्रधान
दबीर-ए-खासशाही पत्र-व्यवहार विभाग (दीवान-ए-इंशा) का प्रधान
काजी-उल-कजातन्याय विभाग का प्रधान
बरीद-ए-मुमालिकगुप्तचर विभाग का प्रधान
कोतवालशहर की शांति व्यवस्था का सर्वोच्च अधिकारी

** दिल्ली सल्तनतकालीन प्रमुख विभाग**

विभागकार्य
दीवान-ए-मुस्तखराजराजस्व विभाग
दीवान-ए-अर्जसैन्य विभाग
दीवान-ए-कोहीकृषि विभाग
दीवान-ए-बंदगानदासों का विभाग
दीवान-ए-खैरातदान विभाग
दीवान-ए-इश्तिहाकपेंशन विभाग

🏛️ बहमनी साम्राज्य का विभाजन (Division of the Bahmani Empire)

बहमनी साम्राज्य का पतन होने के बाद, यह पाँच स्वतंत्र राज्यों में विभाजित हो गया:

राज्यराजधानीस्थापनासंस्थापकराजवंश
बरारएलिचपुर/गाविलगढ़1484 ई.फतेहउल्ला इमादशाहइमादशाही
बीजापुरनौरसपुर1489 ई.युसूफ आदिलशाहआदिलशाही
अहमदनगरजुन्नार/खिरकी1490 ई.मलिक अहमदनिजामशाही
गोलकुंडागोलकुंडा1512 ई.कुली कुतुबशाहकुतुबशाही
बीदरबीदर1526 ई.अमीर अली बरीदबरीदशाही

⚔️ शेरशाह सूरी और उसके उत्तराधिकारी (1540-55 ई.)


मुगल साम्राज्य (Mughal Empire)

👑 बाबर (1526-30 ई.)

वर्षयुद्धपक्षपरिणाम
21 अप्रैल, 1526 ई.पानीपत का प्रथम युद्धइब्राहिम लोदी एवं बाबरबाबर विजयी
17 मार्च, 1527 ई.खानवा का युद्धराणा सांगा एवं बाबरबाबर विजयी
29 जनवरी, 1528 ई.चन्देरी का युद्धमेदनी राय एवं बाबरबाबर विजयी
6 मई, 1529 ई.घाघरा का युद्धअफगानों एवं बाबरबाबर विजयी

👑 हुमायूँ (1530-56 ई.)


👑 अकबर (1556-1605 ई.)

वर्षकार्य
1562 ई.दास प्रथा का अंत, ‘हरम-दल’ से मुक्ति
1563 ई.तीर्थयात्रा कर समाप्त
1564 ई.जजिया कर समाप्त
1571 ई.फतेहपुर सीकरी की स्थापना एवं राजधानी का आगरा से फतेहपुर स्थानांतरण
1575 ई.इबादत खाने की स्थापना
1579 ई.महजर की घोषणा
1582 ई.दीन-ए-इलाही की घोषणा
नवरत्नपरिचय/पद
1. मुल्ला दो प्याजासलाहकार
2. राजा मानसिंहसेनापति
3. हकीम हुमामशाही रसोईघर के प्रमुख
4. राजा टोडरमलवित्त मंत्री
5. अब्दुर रहीम खान-ए-खानाकवि
6. फैजीकवि
7. अबुल फजलविद्वान/इतिहासकार
8. बीरबलसलाहकार/सेनापति
9. तानसेनसंगीतकार

👑 जहाँगीर (1605-27 ई.)


👑 शाहजहाँ (1627-58 ई.)


👑 औरंगजेब आलमगीर (1658-1707 ई.)

विद्रोहकालनेता
जाट विद्रोह1667-88 ई.गोकुल, राजाराम, चूरामण
अफगान विद्रोह1667-72 ई.भागू, अकमल खाँ
सतनामी विद्रोह1672 ई.सतनामी अनुयायी
बुंदेला विद्रोह1661-1707 ई.चम्पतराय, छत्रसाल
राजपूतों का विद्रोह1679-1709 ई.दुर्गादास राठौर
सिक्ख विद्रोह1675 से मृत्यु तकगुरु तेग बहादुर, गुरु गोविन्द सिंह एवं बंदा बहादुर

🏛️ मुगलकालीन प्रशासनिक व्यवस्था (Mughal Administrative System)


🌱 मुगलकालीन भू-राजस्व व्यवस्था (Mughal Land Revenue System)

🌍 उत्पादकता के आधार पर भूमि का वर्गीकरण

भूमि का प्रकारविशेषता
पोलज भूमियह सबसे उपजाऊ भूमि थी जिसमें हर साल खेती होती थी।
परती भूमिइस भूमि पर एक फसल के बाद उसे खाली छोड़ दिया जाता था।
चाचर भूमिइस भूमि पर 3-4 साल के अंतराल पर खेती होती थी।
बंजर भूमियह भूमि कृषि योग्य नहीं थी या बहुत कम उपजाऊ थी।

🌾 मुगल काल में कृषक (Peasants in the Mughal Era)

कृषक का प्रकारविशेषता
1. खुदकाश्तये किसान उसी गाँव की भूमि पर खेती करते थे, जहाँ वे रहते थे।
2. पाही काश्तये किसान दूसरे गाँव में जाकर कृषि कार्य करते थे।
3. मुजारियनये किसान खुदकाश्त कृषकों से भूमि किराए पर लेकर कृषि कार्य करते थे।

🪙 मुगलकालीन सिक्के (Mughal Coinage)


📚 मुगलकालीन साहित्य (Mughal Literature)


🕌 मुगलकालीन वास्तुकला (Mughal Architecture)


⚔️ मराठा शक्ति का अभ्युदय (Rise of the Maratha Power)

शिवाजी (1627-80 ई.)

संधिवर्षसंधि संबंधित पक्ष
सूरत की संधि1775 ई.रघुनाथ राव तथा ईस्ट इंडिया कंपनी
पुरंदर की संधि1776 ई.पेशवा माधवराव नारायण राव तथा ईस्ट इंडिया कंपनी
बड़गांव की संधि1779 ई.पेशवा माधवराव नारायण राव तथा ईस्ट इंडिया कंपनी
सालबाई की संधि1782 ई.बाजीराव द्वितीय तथा ईस्ट इंडिया कंपनी
बेसीन की संधि1802 ई.पेशवा माधवराव नारायण राव तथा ईस्ट इंडिया कंपनी

शिवाजी के अष्टप्रधान

शिवाजी के मंत्रिमंडल को ‘अष्टप्रधान’ कहा जाता था, जिसमें निम्नलिखित आठ मंत्री होते थे:

पद (Position)कार्य (Function)
पेशवा (प्रधानमंत्री)राज्य के प्रशासन और अर्थव्यवस्था की देखरेख करने वाला मुख्य अधिकारी।
सर-ए-नौबत (सेनापति)सैन्य विभाग का प्रमुख।
अमात्य (राजस्व मंत्री)आय-व्यय का लेखा-जोखा रखने वाला।
वाकयानवीस (सूचना मंत्री)गुप्तचर और संधि-विग्रह के विभागों का अध्यक्ष।
चिटनिसराजकीय पत्रों की भाषा-शैली को देखना।
सुमन्त (विदेश मंत्री)विदेशी मामलों का प्रभारी।
पंडित रावधार्मिक कार्यों से संबंधित।
न्यायाधीशन्याय विभाग का प्रमुख।

मराठा पेशवा (Maratha Peshwas)


🙏 महाराष्ट्र के प्रमुख संत (Prominent Saints of Maharashtra)