क्रिया (Verb)

धातु (Dhaatu) – क्रिया का मूल रूप

परिभाषा:
क्रिया के मूल (basic/root), अविभाज्य (indivisible) और सबसे छोटे अंश को ‘धातु’ कहते हैं। धातु ही क्रिया पद का वह अंश है जो किसी क्रिया के सभी रूपों में समान रूप से पाया जाता है।


धातु की पहचान (How to Identify Dhaatu)

किसी भी क्रिया शब्द से ‘ना’ प्रत्यय को हटाने के बाद जो अंश बचता है, वही उसकी धातु कहलाता है।

क्रिया (पूर्ण रूप)प्रत्यय (-ना)धातु (मूल रूप)
पढ़ना-नापढ़
लिखना-नालिख
गाना-नागा
जाना-नाजा
देखना-नादेख
खाना-नाखा

क्रिया के विभिन्न रूपों में धातु को पहचानना:


धातु के भेद (Types of Dhaatu)

व्युत्पत्ति या बनावट के आधार पर, धातु के मुख्य रूप से दो भेद माने जाते हैं, हालांकि कुछ विद्वान इसके तीन या चार भेद भी करते हैं।

1. मूल धातु (Mool Dhaatu / Simple Root)

2. यौगिक धातु (Yaugik Dhaatu / Compound Root)

मूल धातुप्रथम प्रेरणार्थक (कराना)द्वितीय प्रेरणार्थक (करवाना)
पढ़पढ़ (पढ़ाना)पढ़वा (पढ़वाना)
करकर (कराना)करवा (करवाना)
देखदिख (दिखाना)दिखवा (दिखवाना)
सुनसुन (सुनाना)सुनवा (सुनवाना)
उठउठ (उठाना)उठवा (उठवाना)

अनुकरणात्मक धातु (Onomatopoeic Root):

निष्कर्ष

धातु, क्रिया का मूल तत्व और उसका ‘डीएनए’ है। क्रिया चाहे किसी भी काल, लिंग, वचन या रूप में प्रयोग हो, उसका धातु अंश हमेशा स्थिर रहता है। धातु के प्रकारों को समझने से हम यह जान पाते हैं कि हिन्दी में नए-नए क्रिया शब्दों का निर्माण किस प्रकार होता है, चाहे वह प्रेरणा से हो, संज्ञा से हो, या ध्वनियों के अनुकरण से हो।


 क्रिया

परिभाषा:
जिन शब्दों से किसी कार्य (action) के करने या होने, किसी घटना के घटित होने, या किसी व्यक्ति या वस्तु की अवस्था या स्थिति का बोध होता है, उन्हें क्रिया कहते हैं।

क्रिया के उदाहरण:


क्रिया के भेद (Types of Verb)

क्रिया के भेद कई आधारों पर किए जाते हैं, जिनमें सबसे प्रमुख हैं:
क) कर्म के आधार पर
ख) संरचना या प्रयोग के आधार पर


क) कर्म के आधार पर क्रिया के भेद (Based on Object)

यह क्रिया का सबसे महत्वपूर्ण वर्गीकरण है।

1. अकर्मक क्रिया (Intransitive Verb)

2. सकर्मक क्रिया (Transitive Verb)

सकर्मक क्रिया के दो उपभेद:


ख) संरचना या प्रयोग के आधार पर क्रिया के भेद (Based on Structure)

  1. सामान्य क्रिया (Simple Verb): जब वाक्य में केवल एक ही क्रिया पद का प्रयोग हो। (जैसे – वह आया।)
  2. संयुक्त क्रिया (Compound Verb): जब दो या दो से अधिक क्रियाएँ मिलकर एक ही कार्य को पूर्ण करने का बोध कराएँ। इसमें पहली क्रिया मुख्य होती है और दूसरी उसकी सहायक। (जैसे – वह घर पहुँच गया। (पहुँचना + जाना))
  3. नामधातु क्रिया (Nominal Verb): जो क्रियाएँ संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण शब्दों में ‘ना’ प्रत्यय जोड़कर बनाई जाती हैं।
    • हाथ (संज्ञा) → हथियाना
    • बात (संज्ञा) → बतियाना
    • लात (संज्ञा) → लतियाना
    • गर्म (विशेषण) → गरमाना
    • अपना (सर्वनाम) → अपनाना
  4. प्रेरणार्थक क्रिया (Causative Verb): जब कर्ता स्वयं कार्य न करके, किसी दूसरे को कार्य करने के लिए प्रेरित करता है
    • प्रथम प्रेरणार्थक: माँ परिवार के लिए भोजन बनाती है। (माँ खुद कार्य कर रही है)
    • द्वितीय प्रेरणार्थक: माँ पुत्री से भोजन बनवाती है। (माँ दूसरे को प्रेरित कर रही है)
    • अन्य उदाहरण: पढ़ना → पढ़ाना → पढ़वाना; करना → कराना → करवाना
  5. पूर्वकालिक क्रिया (Absolutive Verb): जब कर्ता एक क्रिया को समाप्त करके तत्काल कोई दूसरी क्रिया आरंभ करता है, तो पहली समाप्त हुई क्रिया पूर्वकालिक क्रिया कहलाती है।
    • पहचान: धातु के साथ ‘कर’ या ‘करके’ लगा होता है।
    • उदाहरण: वह खाकर सो गया। (पहले खाने का काम हुआ, फिर सोने का)।
    • पुजारी ने नहाकर पूजा की।
  6. सहायक क्रिया (Auxiliary/Helping Verb): मुख्य क्रिया के अर्थ को स्पष्ट और पूर्ण करने में सहायता करने वाली क्रिया। (जैसे – वह पढ़ रहा है। यहाँ ‘रहा है’ सहायक क्रिया है)।
  7. कृदंत क्रिया (Participle): जब क्रिया शब्दों में प्रत्यय जुड़कर उनका प्रयोग संज्ञा, विशेषण या क्रिया-विशेषण की तरह होने लगता है। (जैसे – भागता हुआ चोर; उसका चलना अच्छा है)।


काल (Tense)

परिभाषा:
क्रिया के जिस रूप से उसके होने या करने के समय (Time) तथा उसकी पूर्णता या अपूर्णता की अवस्था (State) का बोध होता है, उसे ‘काल’ कहते हैं।

उदाहरण:


काल के भेद (Types of Tense)

काल के मुख्य रूप से तीन (3) भेद होते हैं:

  1. भूतकाल (Past Tense) – बीता हुआ समय
  2. वर्तमान काल (Present Tense) – चल रहा समय
  3. भविष्यत् काल (Future Tense) – आने वाला समय

1. भूतकाल (Past Tense)

भूतकाल के उपभेद (Sub-types of Past Tense):

भूतकाल के छह (6) उपभेद होते हैं:

क) सामान्य भूतकाल (Simple Past):

ख) आसन्न भूतकाल (Recent Past):

ग) पूर्ण भूतकाल (Complete Past):

घ) अपूर्ण भूतकाल (Incomplete Past):

ङ) संदिग्ध भूतकाल (Doubtful Past):

च) हेतु-हेतुमद् भूतकाल (Conditional Past):


2. वर्तमान काल (Present Tense)

वर्तमान काल के उपभेद (Sub-types of Present Tense):

वर्तमान काल के मुख्य रूप से तीन (3) उपभेद माने जाते हैं (कुछ विद्वान 5 भी मानते हैं)।

क) सामान्य वर्तमान काल (Simple Present):

ख) अपूर्ण / तात्कालिक वर्तमान काल (Present Continuous):

ग) संदिग्ध वर्तमान काल (Doubtful Present):


3. भविष्यत् काल (Future Tense)

भविष्यत् काल के उपभेद (Sub-types of Future Tense):

भविष्यत् काल के मुख्य रूप से तीन (3) उपभेद होते हैं।

क) सामान्य भविष्यत् काल (Simple Future):

ख) संभाव्य भविष्यत् काल (Subjunctive Future):

ग) हेतु-हेतुमद् भविष्यत् काल (Conditional Future):


क्रिया-विशेषण (Adverb)

परिभाषा:
वे अविकारी (अव्यय) शब्द जो वाक्य में क्रिया (Verb) की विशेषता बताते हैं, क्रिया-विशेषण कहलाते हैं।

विशेषण और क्रिया-विशेषण में अंतर:


क्रिया-विशेषण के भेद (Types of Adverb)

अर्थ के आधार पर, क्रिया-विशेषण के चार (4) मुख्य भेद होते हैं:

1. कालवाचक क्रिया-विशेषण (Adverb of Time)

2. स्थानवाचक क्रिया-विशेषण (Adverb of Place)

3. रीतिवाचक क्रिया-विशेषण (Adverb of Manner)

4. परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण (Adverb of Degree/Quantity)


क्रिया-विशेषण की सारणी (Table for Quick Revision)

भेदक्या बताता है?प्रश्नउदाहरण शब्दउदाहरण वाक्य
कालवाचकसमय (Time)कब?आज, कल, हमेशा, अभीवह कल आएगा।
स्थानवाचकस्थान/दिशा (Place)कहाँ?यहाँ, वहाँ, अंदर, बाहरबच्चे बाहर खेल रहे हैं।
रीतिवाचकरीति/तरीका (Manner)कैसे?धीरे-धीरे, तेज, अचानककछुआ धीरे-धीरे चलता है।
परिमाणवाचकमात्रा/परिमाण (Quantity)कितना?बहुत, कम, ज्यादा, थोड़ातुम कम बोला करो।

प्रयोग के आधार पर भेद (संक्षिप्त)

रूप के आधार पर भेद (संस्वक्षिप्त)

व्याकरण में अर्थ के आधार पर चार भेद ही सर्वाधिक महत्वपूर्ण और प्रचलित हैं।



अव्यय / अविकारी शब्द

परिभाषा:
‘अव्यय’ शब्द दो अंशों से मिलकर बना है: अ + व्यय

इस प्रकार, अव्यय का शाब्दिक अर्थ है – “जो कभी व्यय (परिवर्तित) न हो।”

व्याकरणिक परिभाषा:
वे शब्द जिनके रूप में लिंग, वचन, कारक, काल, आदि के कारण कोई परिवर्तन या विकार नहीं होता, अव्यय या अविकारी शब्द कहलाते हैं। ये शब्द किसी भी परिस्थिति में हमेशा अपने मूल रूप में ही बने रहते हैं।


अव्यय के भेद (Types of Avyay)

प्रयोग के आधार पर, अव्यय के मुख्य रूप से चार (4) भेद होते हैं। कुछ विद्वान निपात को भी इसका पाँचवाँ भेद मानते हैं।

  1. क्रिया-विशेषण (Adverb)
  2. संबंधबोधक (Preposition)
  3. समुच्चयबोधक (Conjunction)
  4. विस्मयादिबोधक (Interjection)
  5. (निपात – Emphatic Particle)

अव्यय के भेदों की विस्तृत व्याख्या

1. क्रिया-विशेषण (Adverb)

2. संबंधबोधक (Preposition)

3. समुच्चयबोधक (Conjunction)

4. विस्मयादिबोधक (Interjection)

5. निपात (Nipat – Emphatic Particle)


अविकारी होने का प्रमाण (Proof of being Indeclinable)

आइए एक उदाहरण से समझते हैं कि ये शब्द क्यों नहीं बदलते:

आप देख सकते हैं कि ‘धीरे-धीरे’, ‘और’, ‘चुपचाप’, ‘के अंदर’ – इन शब्दों में लिंग या वचन के कारण कोई परिवर्तन नहीं हुआ। इसलिए ये अव्यय / अविकारी शब्द हैं।



कारक (Case)

परिभाषा:
संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से उसका संबंध क्रिया (Verb) तथा वाक्य के दूसरे शब्दों के साथ जाना जाता है, उसे ‘कारक’ कहते हैं।

उदाहरण:
“राम ने रावण को बाण से मारा।”
इस वाक्य में:


कारक के भेद और उनके विभक्ति चिह्न

हिन्दी में कारक के आठ (8) भेद माने जाते हैं। प्रत्येक कारक का अपना एक निश्चित विभक्ति चिह्न होता है, जिसे याद रखना बहुत आवश्यक है।

क्र. सं.कारक का नामविभक्ति चिह्न / परसर्गअर्थ / पहचान का तरीका
1.कर्ता कारकनेकाम को करने वाला (Who did it?)
2.कर्म कारककोक्रिया का फल/असर जिस पर पड़े (What? / Whom?)
3.करण कारकसे, के द्वाराक्रिया को करने का साधन या माध्यम (With what? / By what?)
4.संप्रदान कारकको, के लिए, हेतुजिसके लिए क्रिया की जाए (For whom?)
5.अपादान कारकसे (अलग होने के अर्थ में)अलग होना, तुलना करना, डरना, शर्माना
6.संबंध कारकका, की, के, रा, री, रेसंबंध बताना (Whose?)
7.अधिकरण कारकमें, परक्रिया के होने का स्थान या समय (आधार) (Where? / When?)
8.संबोधन कारकहे!, अरे!, ओ!, अजी!पुकारना, बुलाना, संबोधित करना

सभी कारकों की विस्तृत व्याख्या (उदाहरण सहित)

1. कर्ता कारक (Nominative Case)

2. कर्म कारक (Accusative Case)

3. करण कारक (Instrumental Case)

4. संप्रदान कारक (Dative Case)

5. अपादान कारक (Ablative Case)

6. संबंध कारक (Genitive/Possessive Case)

7. अधिकरण कारक (Locative Case)

8. संबोधन कारक (Vocative Case)