📜 छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास: भाग -2

👑 कुषाण वंश (Kushan Period) –


👑 मेघ वंश (Megh Dynasty)


👑 मित्र वंश (Mitra Dynasty)


👑 वाकाटक वंश (Vakatak Dynasty) –

🌳 वाकाटक वंश की शाखाएँ

नंदीवर्धन शाखा (नागपुर)वत्सगुलाम शाखा (बरार)
रुद्र सेन प्रथम (महेन्द्रसेन) (335-336 ई.)सर्व सेन (शासक) (330-350 ई.)
पृथ्वी सेन प्रथम (360-385 ई.)विंध्य सेन द्वितीय (350-400 ई.) (विंध्य शक्ति द्वितीय के नाम से शासन किया)
रुद्र सेन द्वितीय (विवाह प्रभावती से) (385-410 ई.)प्रवर सेन द्वितीय (400-415 ई.)
दिवाकर सेन → दामोदर सेन (410-440 ई.) (प्रवरसेन द्वितीय)देव सेन (445-475 ई.)
नरेन्द्र सेन (440-460 ई.)हरि सेन (475-515 ई.)
पृथ्वी सेन द्वितीय (460-475 ई.)

1️⃣ प्रवरसेन प्रथम (Pravarasena-I)


2️⃣ महेन्द्रसेन (रुद्रसेन-I)


3️⃣ रुद्रसेन-II


4️⃣ प्रवरसेन-II (Damodarasena)


5️⃣ नरेन्द्रसेन


6️⃣ पृथ्वीसेन-II


7️⃣ देवसेन


👑 गुप्त वंश (Gupta Period) –

गुप्तकालीन शासक


🪙 गुप्तकालीन सिक्के (तालिका)


🏛️ गुप्तकालीन स्थापत्य

  1. तालागांव का देवरानी-जेठानी मंदिर (छत्तीसगढ़ का प्राचीनतम मंदिर)।
  2. पुजारीपाली (बरमकेला) का केंवटीन मंदिर