कार्बनिक रसायन

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कार्बनिक यौगिकों का परिचय (Introduction to Organic Compounds)

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: जैव-शक्ति सिद्धांत (Vital Force Theory)

प्रारंभ में, 19वीं शताब्दी की शुरुआत में, रसायनज्ञों का मानना था कि कार्बनिक यौगिक केवल जीवित प्राणियों (Living Organisms) के शरीर में एक “जैव-शक्ति” या “Vital Force” के प्रभाव से ही बन सकते हैं। उनका मानना था कि इन यौगिकों को प्रयोगशाला में कृत्रिम रूप से नहीं बनाया जा सकता। इस सिद्धांत को बर्जीलियस (Berzelius) ने प्रतिपादित किया था।

जैव-शक्ति सिद्धांत का खंडन:


कार्बनिक यौगिकों की आधुनिक परिभाषा (Modern Definition)

आधुनिक परिभाषा के अनुसार:
कार्बनिक रसायन, रसायन विज्ञान की वह शाखा है जो हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbons) और उनके व्युत्पन्नों (Derivatives) का अध्ययन करती है।


कार्बन की अद्वितीय प्रकृति (The Unique Nature of Carbon)

पृथ्वी पर लाखों की संख्या में कार्बनिक यौगिक मौजूद हैं। कार्बन की इस विशाल विविधता के पीछे इसके दो अद्वितीय गुण जिम्मेदार हैं:

1. कार्बन की चतुष्-संयोजकता (Tetravalency of Carbon)

2. श्रृंखलन (Catenation)

3. बहु-बंध बनाने की क्षमता (Tendency to form Multiple Bonds):

कार्बन न केवल एकल बंध (Single bonds), बल्कि आवश्यकता पड़ने पर द्वि-बंध (Double bonds) और त्रि-बंध (Triple bonds) भी बना सकता है। यह गुण भी कार्बनिक यौगिकों की विविधता को बढ़ाता है।


निष्कर्ष

कार्बन की ये तीन विशेषताएं – चतुष्-संयोजकता, प्रबल श्रृंखलन गुण, और बहु-बंध बनाने की क्षमता – मिलकर उसे एक असाधारण तत्व बनाती हैं, जो पृथ्वी पर जीवन के आधार (Basis of Life) और लाखों विभिन्न प्रकार के कार्बनिक यौगिकों के निर्माण के लिए जिम्मेदार है। यह परिचय हमें यह समझने में मदद करता है कि हम कार्बनिक रसायन का अध्ययन एक अलग शाखा के रूप में क्यों करते हैं।


हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbons)

परिभाषा: वे कार्बनिक यौगिक जो केवल कार्बन (C) और हाइड्रोजन (H) परमाणुओं से मिलकर बने होते हैं, हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं।


1. संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Saturated Hydrocarbons)

एल्केन (Alkanes)

एल्केन श्रेणी के उदाहरण:

कार्बन परमाणु (n)आणविक सूत्रनाम (Name)उपयोग/विशेषता
1CH₄मीथेन (Methane)प्राकृतिक गैस और CNG का मुख्य घटक, “मार्श गैस” भी कहलाता है।
2C₂H₆इथेन (Ethane)प्राकृतिक गैस का दूसरा प्रमुख घटक।
3C₃H₈प्रोपेन (Propane)LPG (रसोई गैस) का मुख्य घटक।
4C₄H₁₀ब्यूटेन (Butane)LPG (रसोई गैस) और सिगरेट लाइटर का मुख्य घटक।

2. असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (Unsaturated Hydrocarbons)

(a) एल्कीन (Alkenes)

एल्कीन श्रेणी के उदाहरण:

कार्बन परमाणु (n)आणविक सूत्रनाम (Name)उपयोग/विशेषता
2C₂H₄एथीन (Ethene) / एथिलीनफलों को कृत्रिम रूप से पकाने में; पॉलीथीन प्लास्टिक बनाने में।
3C₃H₆प्रोपीन (Propene)पॉलीप्रोपीलीन प्लास्टिक बनाने में।

(b) एल्काइन (Alkynes)

एल्काइन श्रेणी के उदाहरण:

कार्बन परमाणु (n)आणविक सूत्रनाम (Name)उपयोग/विशेषता
2C₂H₂एथाइन (Ethyne) / एसिटिलीनवेल्डिंग के लिए ऑक्सी-एसिटिलीन टॉर्च में; फलों को पकाने में भी।
3C₃H₄प्रोपाइन (Propyne)

सारांश सारणी: संतृप्त बनाम असंतृप्त हाइड्रोकार्बन

विशेषतासंतृप्त हाइड्रोकार्बन (एल्केन)असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (एल्कीन, एल्काइन)
कार्बन-कार्बन बंधकेवल एकल बंध (Single bond)द्वि-बंध (Double bond) या त्रि-बंध (Triple bond)
सामान्य सूत्रCₙH₂ₙ₊₂एल्कीन: CₙH₂ₙ, एल्काइन: CₙH₂ₙ₋₂
अभिक्रियाशीलताकम अभिक्रियाशीलअधिक अभिक्रियाशील
हाइड्रोजन की मात्राअधिकतमअधिकतम से कम
उदाहरणमीथेन (CH₄), इथेन (C₂H₆)एथीन (C₂H₄), एसिटिलीन (C₂H₂)

समजातीय श्रेणी (Homologous Series)

परिभाषा

कार्बनिक यौगिकों की एक ऐसी श्रृंखला (Series), जिसमें:

  1. सभी सदस्यों में एक ही प्रकार का क्रियात्मक समूह (Same Functional Group) होता है, और
  2. जिसके किसी भी दो क्रमागत (Consecutive) सदस्यों के बीच -CH₂- समूह का निश्चित अंतर होता है,
    समजातीय श्रेणी कहलाती है।

समजातीय श्रेणी की विशेषताएं (Characteristics of a Homologous Series)

1. सामान्य सूत्र (General Formula):

2. क्रमागत सदस्यों में अंतर:

3. समान क्रियात्मक समूह (Same Functional Group):

4. समान रासायनिक गुणधर्म (Similar Chemical Properties):

5. भौतिक गुणधर्मों में क्रमिक परिवर्तन (Gradual Change in Physical Properties):

6. समान निर्माण विधियाँ (Similar Methods of Preparation):


प्रमुख समजातीय श्रेणियों के उदाहरण

श्रेणी का नामसामान्य सूत्र (Cₙ…)क्रियात्मक समूहप्रथम सदस्य (n=1)द्वितीय सदस्य (n=2)
एल्केन (Alkane)CₙH₂ₙ₊₂कोई नहीं (C-C)मीथेन (CH₄)इथेन (C₂H₆)
एल्कीन (Alkene)CₙH₂ₙ (n≥2)C=Cएथीन (C₂H₄)प्रोपीन (C₃H₆)
एल्काइन (Alkyne)CₙH₂ₙ₋₂ (n≥2)C≡Cएथाइन (C₂H₂)प्रोपाइन (C₃H₄)
अल्कोहल (Alcohol)CₙH₂ₙ₊₁OH-OHमेथेनॉल (CH₃OH)इथेनॉल (C₂H₅OH)
एल्डिहाइड (Aldehyde)CₙH₂ₙ₊₁CHO-CHOमेथेनल (HCHO)इथेनल (CH₃CHO)
कार्बोक्सिलिक एसिडCₙH₂ₙ₊₁COOH-COOHमेथेनोइक एसिड (HCOOH)**इथेनोइक एसिड (CH₃COOH)

निष्कर्ष

समजातीय श्रेणी की अवधारणा कार्बनिक रसायन विज्ञान के विशाल अध्ययन को सरल और व्यवस्थित बनाती है। यह हमें कुछ सदस्यों के गुणों का अध्ययन करके पूरी श्रेणी के गुणों के बारे में भविष्यवाणी करने में सक्षम बनाती है, जिससे लाखों यौगिकों का अध्ययन संभव हो पाता है।


क्रियात्मक समूह (Functional Group)

परिभाषा

किसी कार्बनिक यौगिक के अणु में उपस्थित वह विशिष्ट परमाणु या परमाणुओं का समूह, जो उस यौगिक के रासायनिक गुणों (Chemical Properties) के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी होता है, क्रियात्मक समूह कहलाता है।


प्रमुख क्रियात्मक समूहों की पहचान

यहाँ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण चार क्रियात्मक समूहों का विस्तृत विवरण दिया गया है:

1. अल्कोहल (Alcohol)

2. एल्डिहाइड (Aldehyde)

3. कीटोन (Ketone)

4. कार्बोक्सिलिक एसिड (Carboxylic Acid)


सारांश सारणी: एक नज़र में (बहुत महत्वपूर्ण)

क्रियात्मक समूह का नामसंरचना (सूत्र)सामान्य सूत्रनाम का अंत (Suffix)प्रसिद्ध उदाहरण
अल्कोहल– OHR-OH-ऑल (-ol)इथेनॉल (C₂H₅OH) – शराब
एल्डिहाइड– CHOR-CHO-अल (-al)फॉर्मेल्डिहाइड (HCHO) – फॉर्मेलिन
कीटोन> C=OR-CO-R’-ओन (-one)एसीटोन (CH₃COCH₃) – नेल पेंट रिमूवर
कार्बोक्सिलिक एसिड– COOHR-COOH-ओइक एसिड (-oic acid)एसिटिक एसिड (CH₃COOH) – सिरका

इस सारणी को याद रखने से आपको क्रियात्मक समूहों की पहचान करने और संबंधित यौगिकों के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्नों को हल करने में बहुत मदद मिलेगी।


कार्बनिक यौगिकों का नामकरण: IUPAC प्रणाली

नामकरण की कई प्रणालियाँ हैं, लेकिन सबसे स्वीकृत और सार्वभौमिक प्रणाली IUPAC (International Union of Pure and Applied Chemistry) प्रणाली है।

एक IUPAC नाम के मुख्य रूप से तीन भाग होते हैं:

[पूर्वुलग्न (Prefix)] + [शब्द मूल (Word Root)] + [अनुलग्न (Suffix)]


चरण 1: शब्द मूल (Word Root) – मुख्य श्रृंखला की पहचान

मुख्य शब्द मूल (याद रखना आवश्यक है):

कार्बन परमाणुओं की संख्या (n)शब्द मूल (Word Root)
1मेथ- (Meth-)
2एथ- (Eth-)
3प्रोप- (Prop-)
4ब्यूट- (But-)
5पेंट- (Pent-)
6हेक्स- (Hex-)
7हेप्ट- (Hept-)
8ऑक्ट- (Oct-)

चरण 2: अनुलग्न (Suffix) – बंधों और क्रियात्मक समूहों की पहचान

अनुलग्न को दो भागों में बांटा गया है: प्राथमिक और द्वितीयक।

(a) प्राथमिक अनुलग्न (Primary Suffix):

कार्बन-कार्बन बंध का प्रकारप्राथमिक अनुलग्नउदाहरण
एकल बंध (-C-C-)-एन (-ane)एथ + एन = एथेन
द्वि-बंध (=C=C=)-ईन (-ene)एथ + ईन = एथीन
त्रि-बंध (≡C≡C≡)-आइन (-yne)एथ + आइन = एथाइन

(b) द्वितीयक अनुलग्न (Secondary Suffix):

क्रियात्मक समूहसूत्रद्वितीयक अनुलग्नउदाहरण (प्रोपेन पर आधारित)
अल्कोहल-OH-ऑल (-ol)प्रोपेन + ऑल = प्रोपेनॉल
एल्डिहाइड-CHO-अल (-al)प्रोपेन + अल = प्रोपेनल
कीटोन>C=O-ओन (-one)प्रोपेन + ओन = प्रोपेनोन
कार्बोक्सिलिक एसिड-COOH**-ओइक एसिड (-oic acid)** प्रोपेन + ओइक एसिड = प्रोपेनोइक एसिड

चरण 3: पूर्वुलग्न (Prefix) – प्रतिस्थापियों की पहचान

कुछ सामान्य पूर्वुलग्न:

समूहसूत्रपूर्वुलग्न
हैलोजन-F, -Cl, -Br, -Iफ्लोरो-, क्लोरो-, ब्रोमो-, आयोडो-
एल्किल समूह*-CH₃मेथिल (Methyl-)
(एक शाखा)-C₂H₅एथिल (Ethyl-)

*एल्किल समूह एल्केन से एक हाइड्रोजन हटाने पर बनता है (जैसे मीथेन से मेथिल)।


नामकरण के सरल नियम और उदाहरण

1. सबसे लंबी कार्बन श्रृंखला चुनें:

यह आपका “शब्द मूल” तय करेगी।

2. श्रृंखला की नंबरिंग करें:

3. नाम लिखें (Prefix + Word Root + Suffix):

  1. सबसे पहले प्रतिस्थापी का नाम उसकी स्थिति (नंबर) के साथ लिखें (पूर्वुलग्न)।
  2. फिर मुख्य श्रृंखला का शब्द मूल लिखें।
  3. अंत में बंध के प्रकार (प्राथमिक अनुलग्न) और क्रियात्मक समूह (द्वितीयक अनुलग्न) का नाम लिखें।

उदाहरणों से समझें:

उदाहरण 1: एल्केन (शाखा के साथ)

codeCode

CH₃

   |

CH₃-CH-CH₂-CH₃

  1. सबसे लंबी श्रृंखला: 4 कार्बन की है (सीधी)। -> ब्यूट (But-)
  2. बंध का प्रकार: सभी एकल बंध हैं। -> -एन (-ane)
  3. प्रतिस्थापी: -CH₃ (मेथिल) समूह जुड़ा है।
  4. नंबरिंग: दाएं से नंबरिंग करने पर मेथिल को 3 नंबर मिलता है (-CH(3)-), लेकिन बाएं से नंबरिंग करने पर 2 नंबर मिलता है (-CH(2)-)। हम सबसे छोटा नंबर (2) चुनेंगे।
  5. पूरा नाम: 2-मेथिल (पूर्वुलग्न) + ब्यूट (शब्द मूल) + एन (अनुलग्न) = 2-मेथिलब्यूटेन

उदाहरण 2: अल्कोहल

codeCode

CH₃-CH₂-CH₂-OH

  1. सबसे लंबी श्रृंखला: 3 कार्बन की है। -> प्रोप (Prop-)
  2. बंध का प्रकार: सभी एकल बंध हैं। -> -एन (-ane)
  3. क्रियात्मक समूह: -OH (अल्कोहल)। -> -ऑल (-ol)
  4. नंबरिंग: उस सिरे से करेंगे जहाँ से -OH को छोटा नंबर मिले। यहाँ दाएं से करने पर 1 नंबर मिलता है।
  5. पूरा नाम: प्रोप + एन + 1-ऑल = प्रोपेन-1-ऑल (या सामान्यतः प्रोपेनॉल)

उदाहरण 3: एल्कीन

codeCode

CH₃-CH=CH-CH₃

  1. सबसे लंबी श्रृंखला: 4 कार्बन की है। -> ब्यूट (But-)
  2. बंध का प्रकार: एक द्वि-बंध (=) है। -> -ईन (-ene)
  3. नंबरिंग: द्वि-बंध को सबसे छोटा नंबर मिलना चाहिए। बाएं या दाएं किसी भी तरफ से नंबरिंग करने पर द्वि-बंध कार्बन 2 से शुरू हो रहा है।
  4. पूरा नाम: ब्यूट + -2-ईन = ब्यूट-2-ईन

यह सरल परिचय आपको प्रतियोगी परीक्षाओं में कार्बनिक यौगिकों के मूल नामकरण को समझने और पहचानने में मदद करेगा।



महत्वपूर्ण कार्बनिक यौगिक:

ईंधन (Fuels)

परिभाषा

ईंधन वह कोई भी पदार्थ है जिसे जलाने (दहन करने) पर ऊष्मा ऊर्जा (Heat Energy) प्राप्त होती है, जिसका उपयोग विभिन्न कार्यों (जैसे खाना पकाना, वाहन चलाना, बिजली बनाना) के लिए किया जाता है।


ईंधनों का वर्गीकरण (Classification of Fuels)

ईंधनों को उनकी भौतिक अवस्था के आधार पर तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है:

  1. ठोस ईंधन (Solid Fuels)
  2. द्रव ईंधन (Liquid Fuels)
  3. गैसीय ईंधन (Gaseous Fuels)

1. ठोस ईंधन (Solid Fuels)

2. द्रव ईंधन (Liquid Fuels)


3. गैसीय ईंधन (Gaseous Fuels)

(यह खंड परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है)

ईंधन का नामपूर्ण रूप (Full Form)मुख्य घटक (Main Component)महत्वपूर्ण तथ्य
LPG (एल.पी.जी.)Liquefied Petroleum Gas<br>(द्रवीभूत पेट्रोलियम गैस)प्रोपेन (C₃H₈) और ब्यूटेन (C₄H₁₀)• यह एक रंगहीन और गंधहीन गैस है।<br>• रिसाव का पता लगाने के लिए इसमें एक तीव्र गंध वाला पदार्थ “एथिल मरकैप्टन (Ethyl Mercaptan – C₂H₅SH)” मिलाया जाता है।<br>• इसे उच्च दाब पर द्रवित करके सिलेंडरों में भरा जाता है।
CNG (सी.एन.जी.)Compressed Natural Gas<br>(संपीडित प्राकृतिक गैस)मीथेन (Methane – CH₄) (लगभग 80-90%)• यह पेट्रोल/डीजल की तुलना में अधिक पर्यावरण अनुकूल (Eco-friendly) ईंधन है, क्योंकि यह कम प्रदूषण फैलाता है।<br>• वाहनों में उपयोग किया जाता है।
प्राकृतिक गैसNatural Gasमीथेन (CH₄)• पेट्रोलियम कुओं से प्राप्त होती है।
बायो-गैस / गोबर गैसBio-gas / Gobar Gasमीथेन (CH₄) (लगभग 50-75%)• यह पशुओं के गोबर और जैविक कचरे के अवायवीय अपघटन (Anaerobic Decomposition) से बनती है।
प्रोड्यूसर गैसProducer Gasकार्बन मोनोऑक्साइड (CO) + नाइट्रोजन (N₂)• इसका उपयोग कांच और स्टील उद्योग में ईंधन के रूप में होता है।
जल गैस (वॉटर गैस)Water Gas / SYN Gasकार्बन मोनोऑक्साइड (CO) + हाइड्रोजन (H₂)• इसका ऊष्मीय मान प्रोड्यूसर गैस से अधिक होता है।
कोल गैसCoal Gasहाइड्रोजन (H₂) + मीथेन (CH₄) + कार्बन मोनोऑक्साइड (CO)• कोयले के भंजक आसवन (Destructive Distillation) से प्राप्त होती है।

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य:


अल्कोहल (Alcohols)

परिभाषा: अल्कोहल वे कार्बनिक यौगिक हैं जिनमें एक या एक से अधिक हाइड्रॉक्सिल ( क्रियात्मक समूह, किसी संतृप्त कार्बन परमाणु से जुड़े होते हैं। ये पानी के समान दिखते हैं लेकिन इनकी एक विशिष्ट गंध और गुण होते हैं।


1. मेथेनॉल (Methanol)

(a) सामान्य नाम और स्रोत:

(b) गुण (Properties):

  1. भौतिक अवस्था: यह एक रंगहीन (Colourless), वाष्पशील (Volatile) द्रव है।
  2. गंध: इसकी एक विशिष्ट तीखी गंध होती है।
  3. विलेयता: यह पानी में हर अनुपात में पूरी तरह से घुलनशील (Miscible) है।

(c) सबसे महत्वपूर्ण गुण: विषाक्तता (Toxicity):

(d) उपयोग (Uses):


2. इथेनॉल (Ethanol)

(a) सामान्य नाम और स्रोत:

(b) गुण (Properties):

  1. भौतिक अवस्था: यह भी एक रंगहीन, वाष्पशील द्रव है।
  2. गंध: इसकी एक सुखद, विशिष्ट गंध होती है।
  3. विलेयता: यह भी पानी में हर अनुपात में पूरी तरह से घुलनशील है।

(c) प्रभाव (Effect):

(d) विकृत अल्कोहल (Denatured Alcohol):

(e) उपयोग (Uses):


मेथेनॉल बनाम इथेनॉल: एक तुलनात्मक सारणी

विशेषतामेथेनॉल (CH₃OH)इथेनॉल (C₂H₅OH)
सामान्य नामकाष्ठ स्प्रिट (Wood Spirit)अनाज अल्कोहल (Grain Alcohol)
स्रोतलकड़ी का भंजक आसवनशर्करा का किण्वन (Fermentation)
विषाक्तताअत्यधिक जहरीला (Highly Poisonous)नशीला, लेकिन कम विषैला
शारीरिक प्रभावअंधापन और मृत्युनशा, यकृत को नुकसान (दीर्घकालिक)
मुख्य औद्योगिक उपयोगविलायक, फॉर्मेल्डिहाइड का निर्माणविलायक, पेय पदार्थ, एंटीसेप्टिक
ईंधन में उपयोगविशेष ईंधन, एंटी-फ्रीजगैसोहोल (पेट्रोल में मिश्रण)

प्रमुख कार्बनिक अम्ल: स्रोत और उपयोग

सामान्य नामIUPAC नामरासायनिक सूत्रमुख्य प्राकृतिक स्रोतमहत्वपूर्ण तथ्य / उपयोग
एसिटिक एसिडइथेनोइक एसिडCH₃COOHसिरका (Vinegar) (5-8% घोल)भोजन में खट्टापन लाने के लिए, अचार में परिरक्षक के रूप में।
फॉर्मिक एसिडमेथेनोइक एसिडHCOOHलाल चींटियों का डंक, मधुमक्खी का डंक, बिछुआ (Nettle) पौधे के पत्तेइसके कारण त्वचा में जलन और दर्द होता है।
साइट्रिक एसिडC₆H₈O₇खट्टे फल (Citrus Fruits) जैसे – नींबू, संतरा, आंवलाभोजन और पेय पदार्थों में खट्टे स्वाद के लिए, खाद्य परिरक्षक के रूप में।
लैक्टिक एसिडC₃H₆O₃खट्टा दूध, दही (Curd)मांसपेशियों में इसके जमाव के कारण थकान (Fatigue) महसूस होती है।
ऑक्जेलिक एसिडइथेनडाइओइक एसिडC₂H₂O₄टमाटर, पालक, अमरूदफोटोग्राफी में फेरस ऑक्जेलेट के रूप में, स्याही के धब्बे हटाने में।
टार्टरिक एसिडC₄H₆O₆इमली, कच्चा आम, अंगूरबेकिंग पाउडर का एक घटक (यह बेकिंग सोडा को अभिक्रिया करने में मदद करता है और कड़वाहट को दूर करता है)।
मैलिक एसिडC₄H₆O₅सेब (Apple) और कई अन्य फलफलों के खट्टे स्वाद में योगदान देता है।
ब्यूट्रिक एसिडब्यूटेनोइक एसिडC₃H₇COOHखराब मक्खन (Rancid Butter)दुर्गंधयुक्त मक्खन की गंध इसी के कारण होती है।
एस्कॉर्बिक एसिडC₆H₈O₆आंवला, खट्टे फल, ब्रोकोलीयह विटामिन C का रासायनिक नाम है।
यूरिक एसिडC₅H₄N₄O₃मूत्र (Urine)गठिया (Gout) रोग में इसके क्रिस्टल जोड़ों में जमा हो जाते हैं।
स्टीयरिक एसिडC₁₈H₃₆O₂वसा (Fats)मोमबत्तियां और साबुन बनाने में उपयोग होता है।

याद रखने के लिए विशेष बिंदु (Exam Focussed Points)

यह सारणी आपको विभिन्न अम्लों और उनके स्रोतों को प्रभावी ढंग से याद रखने में मदद करेगी।



बहुलक (Polymers):

बहुलक (Polymers)

परिभाषा: बहुलक और बहुलकीकरण

n [एकलक] –(बहुलकीकरण)–> [-एकलक-]ₙ (बहुलक)
(जहाँ n एक बहुत बड़ी संख्या है)


बहुलकों का वर्गीकरण (Classification of Polymers)

बहुलकों को उनके स्रोत, संरचना और आणविक बलों के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।

A. स्रोत के आधार पर (Based on Source)

  1. प्राकृतिक बहुलक (Natural Polymers):
    • परिभाषा: वे बहुलक जो हमें पौधों और जंतुओं से प्राप्त होते हैं।
    • उदाहरण:
      • स्टार्च / मंड: (एकलक – ग्लूकोज) – आलू, चावल, गेहूं में पाया जाता है।
      • सेलूलोज़: (एकलक – ग्लूकोज) – पौधों की कोशिका भित्ति का मुख्य घटक। कपास और कागज शुद्ध सेलूलोज़ हैं।
      • प्रोटीन: (एकलक – अमीनो एसिड) – बाल, नाखून, त्वचा, मांसपेशियां।
      • प्राकृतिक रबर: (एकलक – आइसोप्रीन) – रबर के पेड़ के लेटेक्स से प्राप्त होता है।
      • रेशम, ऊन।
  2. संश्लेषित बहुलक (Synthetic Polymers):
    • परिभाषा: वे बहुलक जिन्हें मनुष्यों द्वारा प्रयोगशाला या उद्योग में रासायनिक अभिक्रियाओं द्वारा बनाया जाता है। इन्हें मानव-निर्मित बहुलक (Man-made Polymers) भी कहते हैं।
    • उदाहरण: प्लास्टिक (पॉलीथीन, PVC, बेकेलाइट), संश्लेषित रेशे (नायलॉन, टेफ्लॉन), संश्लेषित रबर (नियोप्रीन)

B. संरचना के आधार पर (Based on Structure – प्लास्टिक पर केंद्रित)

संश्लेषित बहुलकों, विशेष रूप से प्लास्टिक को, उनकी आणविक संरचना और ऊष्मा के प्रति व्यवहार के आधार पर दो मुख्य प्रकारों में बांटा जाता है। (यह वर्गीकरण प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है)

  1. थर्मोप्लास्टिक (Thermoplastics):
    • परिभाषा: ये वे बहुलक हैं जो गर्म करने पर मुलायम हो जाते हैं और ठंडा करने पर पुनः कठोर हो जाते हैं।
    • गुण: इस प्रक्रिया को बार-बार दोहराया जा सकता है, इसलिए इन्हें पुनः चक्रित (Recycled) किया जा सकता है। इनकी संरचना रैखिक (Linear) या थोड़ी शाखित होती है।
    • उदाहरण (याद रखना आवश्यक है):
      • पॉलीथीन (Polythene): (एकलक – एथीन) – सबसे आम प्लास्टिक, थैलियाँ और बोतलें बनाने में।
      • पॉलीविनाइल क्लोराइड (Polyvinyl Chloride – PVC): (एकलक – विनाइल क्लोराइड) – पाइप, जूते, बरसाती कोट, बिजली के तारों के कवर बनाने में।
      • पॉलिस्टाइरीन (Polystyrene): (थर्मोकॉल)।
      • टेफ्लॉन (Teflon – PTFE): (पॉलीटेट्राफ्लोरोएथीन) – नॉन-स्टिक बर्तनों (Non-stick cookware) पर परत चढ़ाने के लिए, क्योंकि यह ऊष्मारोधी और रासायनिक रूप से अक्रिय होता है।
      • नायलॉन (Nylon): एक थर्मोप्लास्टिक रेशा।
  2. थर्मोसेटिंग प्लास्टिक (Thermosetting Plastics):
    • परिभाषा: ये वे बहुलक हैं जिन्हें निर्माण के दौरान गर्म करने पर एक बार स्थायी रूप से कठोर कर दिया जाता है, और फिर उन्हें दोबारा गर्म करके नरम नहीं किया जा सकता
    • गुण: इन्हें पुनः चक्रित नहीं किया जा सकता। इनकी संरचना में मजबूत क्रॉस-लिंक (Cross-links) होते हैं जो इन्हें कठोर बनाते हैं।
    • उदाहरण (याद रखना आवश्यक है):
      • बेकेलाइट (Bakelite): (एकलक – फिनोल और फॉर्मेल्डिहाइड) – यह पहला पूर्ण रूप से संश्लेषित प्लास्टिक था। यह ऊष्मा और विद्युत का कुचालक (Insulator) होता है।
        • उपयोग: बिजली के स्विच, प्लग, बर्तन के हत्थे (Handles), कंघे बनाने में।
      • मेलामाइन (Melamine): (मेलामाइन-फॉर्मेल्डिहाइड) – यह अग्नि-प्रतिरोधी (Fire-resistant) और न टूटने वाला प्लास्टिक है।
        • उपयोग: फर्श की टाइलें, न टूटने वाले रसोई के बर्तन, अग्निशामक कर्मचारियों के कपड़े बनाने में।

प्रमुख संश्लेषित रेशे (Major Synthetic Fibres)


रबर (Rubber)


पर्यावरणीय रसायन

पर्यावरणीय रसायन (Environmental Chemistry)

यह हमारे परिवेश में रासायनिक प्रजातियों के स्रोत, अभिक्रियाओं, परिवहन, प्रभाव और नियति का वैज्ञानिक अध्ययन है।

भाग 1: वायु प्रदूषण (Air Pollution)

जब हवा में अवांछित पदार्थ (गैसें, धूल, धुआं) इतनी मात्रा में जमा हो जाते हैं कि वे जीवित प्राणियों और पर्यावरण दोनों के लिए हानिकारक हों, तो उसे वायु प्रदूषण कहते हैं।


(a) ग्रीनहाउस प्रभाव और ग्लोबल वार्मिंग (Greenhouse Effect and Global Warming)


(b) अम्ल वर्षा (Acid Rain)


(c) ओजोन परत का क्षरण (Ozone Layer Depletion)


भाग 2: जल प्रदूषण (Water Pollution)

जब हानिकारक पदार्थ जैसे रसायन, औद्योगिक अपशिष्ट, या सूक्ष्मजीव जल निकायों (नदियों, झीलों, भूजल) में मिल जाते हैं और पानी की गुणवत्ता को खराब कर देते हैं, तो उसे जल प्रदूषण कहते हैं।