यहाँ छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास के प्रमुख पड़ावों को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया गया है:
📌 सीपी मिल (बंगाल-नागपुर कॉटन मिल-1897):
स्थापना वर्ष: 1890-92
स्थान: राजनांदगांव
विशेष जानकारी: यह छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे पहला उद्योग था। [CG PSC(Lib. & SO)]
📌 बिलासपुर रेल मंडल:
स्थापना वर्ष: 1900
स्थान: बिलासपुर
विशेष जानकारी: यह कलकत्ता रेलवे के अंतर्गत आता था।
📌 माचिस उद्योग:
स्थापना वर्ष: 1902
स्थान: कोटा (बिलासपुर)
📌 मोहन जूट मिल:
स्थापना वर्ष: 1935
स्थान: रायगढ़
विशेष जानकारी: यह राज्य का एकमात्र जूट मिल है। [CG PSC(Pre), CGPSC(Lib)2014]
📌 भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP):
स्थापना वर्ष: 1955
स्थान: भिलाई
विशेष जानकारी: यहाँ उत्पादन 1959 से शुरू हुआ।
📌 एसोसिएट सीमेंट कम्पनी (ACC):
स्थापना वर्ष: 1965
स्थान: जामुल (दुर्ग)
विशेष जानकारी: यह प्रदेश का पहला सीमेंट संयंत्र था।
📌 भारत एल्युमीनियम कम्पनी (BALCO):
स्थापना वर्ष: 1965
स्थान: कोरबा
विशेष जानकारी: [CG PSC(AP)2016, (Pre)2023, (RDA)]
📌 वैगन रिपेयर शॉप (WRS):
स्थापना वर्ष: 1966
स्थान: रायपुर
विशेष जानकारी: उत्पादन 1968 से प्रारंभ हुआ। [CGPSC(ARO,APO)]
📌 राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) – प्रथम खान:
स्थापना वर्ष: 1968
स्थान: किरंदुल (दंतेवाड़ा)
📌 राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड (NTPC):
स्थापना वर्ष: 1978
स्थान: कोरबा
विशेष जानकारी: यह प्रदेश का पहला केन्द्रीय ताप विद्युत संयंत्र है।
📌 भारत रिफेक्ट्रीज उद्योग:
स्थापना वर्ष: 1978
स्थान: भिलाई
विशेष जानकारी: जापान की सहायता से स्थापित।
📌 फेरोस्क्रेप कॉर्पोरेट लिमिटेड (FSNL):
स्थापना वर्ष: 1979
स्थान: भिलाई
विशेष जानकारी: U.S.A की मदद से स्थापित।
📌 राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) – द्वितीय खान:
स्थापना वर्ष: 1980
स्थान: बचेली (दंतेवाड़ा)
📌 दक्षिण-पूर्व कोलफील्ड लिमिटेड (SECL):
स्थापना वर्ष: 1985
स्थान: बिलासपुर
विशेष जानकारी: उत्पादन 1987 में शुरू हुआ। [CGVyapam(Asst. lekh)]
📌 जिंदल स्टील पॉवर लिमिटेड (JSPL):
स्थापना वर्ष: 1988
स्थान: रायगढ़
विशेष जानकारी: यह एशिया का सबसे विशाल स्पंज आयरन प्लांट है।
📌 राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) – तृतीय खान:
स्थापना वर्ष: 1988
स्थान: बैलाडीला (दंतेवाड़ा)
📌 मोनेट (MONET) इस्पात संयंत्र:
स्थापना वर्ष: 2000
स्थान: कुर्रुभांठा (रायगढ़)
📌 मोनेट (MONET) इस्पात संयंत्र:
स्थापना वर्ष: 2002
स्थान: रायपुर
📌 राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड (NTPC):
स्थापना वर्ष: 2002
स्थान: सीपत (बिलासपुर)
📌 दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे जोन (SECR):
स्थापना वर्ष: 2003
स्थान: बिलासपुर
विशेष जानकारी: यह देश का 16वाँ रेलवे जोन है।
📌 श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह:
स्थापना वर्ष: 2007
स्थान: कोरबा पूर्व
विशेष जानकारी: इसकी क्षमता 500 Mw (250 Mw x 2 यूनिट) है।
📌 राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड (NTPC):
स्थापना वर्ष: 2014
स्थान: लारा, पुसौर (रायगढ़)
विशेष जानकारी: यह देश का दूसरा सबसे बड़ा ताप विद्युत संयंत्र है।
🤝 प्रमुख उद्योगों में विदेशी सहायता
छत्तीसगढ़ के कुछ प्रमुख औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में विदेशी देशों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है:
🏭 भिलाई इस्पात संयंत्र (दुर्ग):
सहायता: पूर्व-सोवियत संघ (रूस)
वर्ष: 1955
🏭 भारत एल्युमिनियम कम्पनी, बाल्को (कोरबा):
सहायता: रूस एवं हंगरी
वर्ष: 1965
🏭 भारत रिफेक्ट्रीज, भिलाई (दुर्ग):
सहायता: जापान
वर्ष: 1978
🏭 फेरोस्क्रेप कॉरपोरेशन लिमिटेड, भिलाई (दुर्ग):
सहायता: संयुक्त राज्य अमेरिका [CGVypam(CBAS)2023]
🔩 लौह आधारित उद्योग
भिलाई इस्पात संयंत्र (भिलाई, दुर्ग)
🗓️ स्थापना: इस संयंत्र की स्थापना वर्ष 1955 में हुई थी। [CGVyapam (SI Mains)2023] [CG PSC(ADPE&S)2019, (Pre)2012]
📜 योजना: इसका निर्माण द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956-1961) के अंतर्गत किया गया।
🏗️ उत्पादन: यहाँ उत्पादन 1959 में शुरू हुआ। इसका उद्घाटन भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा किया गया था। [CG PSC(AP)2009, (Lib)2014] [CG Vyapam(NSA GAD)2016]
🤝 सहयोग: इसे रूस (तत्कालीन सोवियत संघ) की सहायता से स्थापित किया गया था। [CG PSC (RDA)2014], [CG PSC (Lib.)2014] [CG Vyapam (Patwari)2019]
🕊️ मित्रता का प्रतीक: रूस और भारत की दोस्ती के प्रतीक के रूप में यहाँ मैत्रीबाग (भिलाई) का निर्माण किया गया।
🏢 अधीन: यह संयंत्र स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के अधीन एक उपक्रम है। [CG PSC(RRO, APO) 2014]
📊 योगदान: भारत के कुल स्टील उत्पादन में लगभग 15% का योगदान छत्तीसगढ़ से होता है। [CGVyapam(SI Pre)2022]
🏞️ अयस्क क्षेत्र: भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए लौह अयस्क की आपूर्ति दल्लीराजहरा की खदानों से होती है। [CGVyapam (SI Pre)2022]
⚙️ प्रकृति: यह एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (PSU) है। [CG PSC (Pre) 2011]
🧱 कच्चा माल:
लौह अयस्क: वर्तमान में रावघाट (कांकेर) से आता है, जबकि पहले दल्लीराजहरा (बालोद) से लाया जाता था।
कोयला: कोरबा से।
पानी: पं. रविशंकर जलाशय (धमतरी) और तांदुला बांध (बालोद) से।
डोलोमाइट: हिरी माइंस (बिलासपुर) से।
मैंगनीज: मलाजखण्ड, बालाघाट (म.प्र.) से।
चूना: नंदिनी खुदिनी (दुर्ग) से।
विद्युत: N.S. Power Co. Bhilai, जो NTPC और SAIL का एक संयुक्त उपक्रम है, 574MW बिजली का उत्पादन करता है। यह संयंत्र BSP के भीतर ही स्थापित है। [CG PSC(ADS)201]
राज्य के अन्य प्रमुख लौह इस्पात संयंत्र
जिंदल स्टील पॉवर: रायगढ़ में स्थित यह एशिया का सबसे बड़ा स्पंज आयरन संयंत्र है। [CG Vyapam(FCPR)201]
एन.एस. पॉवर कंपनी लि.: भिलाई (दुर्ग)। [CG PSC(ADS)201]
एच. ई. जी लिमिटेड: बोरई (दुर्ग)।
प्रकाश स्पंज आयरन: चांपा (जांजगीर-चांपा)।
नोवा स्पंज एण्ड आयरन उद्योग: दगोरी (बिलासपुर)।
नगरनार इस्पात संयंत्र: यह बस्तर में स्थित है और इसका स्वामित्व एन.एम.डी.सी. के पास है। (2008 से निर्माणाधीन) इसका उद्घाटन 7 जुलाई 2023 को प्रधानमंत्री द्वारा किया गया। [CG Vyapam(MBD)202]
एस्सार इस्पात संयंत्र: हीरानार (बस्तर)।
रजिन्दर, निको, नकोड़ा इस्पात संयंत्र: ये सभी सिलतरा (रायपुर) में स्थित हैं।
रायपुर एलायज एण्ड स्टील कम्पनी: सिलतरा (रायपुर)।
(नोट: पृष्ठ 4 पर दिए गए नक्शे में इन्हीं लौह आधारित उद्योगों की भौगोलिक स्थिति को दर्शाया गया है।)
⚫ कोयला आधारित उद्योग
1. साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL)
🏢 संबद्धता: यह कोल इण्डिया लिमिटेड (CIL), कोलकाता के अधीन कार्यरत है।
🗓️ स्थापना: 1985 में स्थापित हुई। [CG Vyapam(FDFG)202]
⛏️ उत्पादन: 1987 से उत्पादन कार्य प्रारंभ हुआ।
📍 मुख्यालय: इसका मुख्यालय बिलासपुर में है। [CG PSC(Law)2022]
🎖️ दर्जा: इसे मिनीरत्न का दर्जा प्राप्त है।
🏭 कार्य: इसका मुख्य कार्य कोयले का उत्खनन करना है।
🔑 नियंत्रण: प्रशासनिक नियंत्रण के लिए खानों को तीन मुख्य समूहों में बांटा गया है:
सेंट्रल इंडिया कोलफील्ड्स: इसमें चिरमिरी, बैकुंठपुर, विश्रामपुर, हसदेव, भटगांव, जमुना, कोतमा, सोहागपुर और जोहिला क्षेत्र शामिल हैं।
कोरबा कोलफील्ड्स: इसमें कोरबा, कुसमुंडा, दीपका और गेवरा क्षेत्र आते हैं।
माण्ड रायगढ़ कोलफील्ड्स: इसमें रायगढ़ क्षेत्र की खदानें शामिल हैं।
2. राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड (NTPC)
💡 स्थापना: 1975
📍 मुख्यालय: नई दिल्ली
🏆 दर्जा: इसे 2010 में महारत्न कम्पनी का दर्जा मिला। यह एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है।
⚡ उत्पादन: छत्तीसगढ़ में NTPC तीन स्थानों पर विद्युत का उत्पादन करता है:
NTPC, कोरबा:
स्थान: कोरबा
स्थापना: 1978
उत्पादन: 1983 से प्रारंभ
क्षमता: 2600MW
NTPC, सीपत:
स्थान: बिलासपुर
स्थापना: 2002
उत्पादन: 2008 से प्रारंभ
क्षमता: 2980MW
विशेष: यह सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित देश का पहला संयंत्र है। [CG PSC(CMO)201]
NTPC, लारा (कुर्लीगांव):
स्थान: रायगढ़
स्थापना: 2014
उत्पादन: 2019 से प्रारंभ
क्षमता: 4000 MW
(नोट: भारत का पहला NTPC संयंत्र सिंगरौली, मध्य प्रदेश में है।)
बॉक्साइट: वर्तमान में मैनपाट (सरगुजा) से प्राप्त होता है। यह संयंत्र में उपयोग होने वाला प्रमुख खनिज है। [CG Vyapam(ANM)2013]
कोयला: कोरबा से।
पानी: हसदो बैराज (कोरबा) से।
🔄 प्रकृति: बाल्को अब एक संयुक्त क्षेत्र की कंपनी है। वर्ष 2001 में भारत सरकार ने इसके 51% शेयर स्टार लाइट कम्पनी को बेच दिए थे। [CG PSC(Pre)2013], [CGVyapam (Patwari)2019]
(नोट: पृष्ठ 6 के निचले हिस्से में दिए गए नक्शे में SECL और NTPC की विभिन्न इकाइयों की स्थिति को दर्शाया गया है।)
🏗️ सीमेंट उद्योग
📖 सामान्य जानकारी:
छत्तीसगढ़ राज्य में अनेक सीमेंट कारखाने स्थापित हैं।
सीमेंट निर्माण के लिए आवश्यक कच्चा माल, जैसे चूना पत्थर, यहाँ बड़ी मात्रा में उपलब्ध है। [CG Vyapam(CBAS)2023]
राज्य का सीमेंट उद्योग मुख्यतः निजी क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
बलौदाबाजार जिले में सीमेंट के सर्वाधिक कारखाने होने के कारण इसे ‘सीमेंट का हब’ कहा जाता है। [CG PSC(RAD,ARO)2014]
छत्तीसगढ़ के मध्य भाग में चूना पत्थर की प्रचुरता होने के कारण, यहाँ सीमेंट उद्योग अधिक केंद्रित हैं। [CG PSC(MI)201]
प्रमुख और बड़े सीमेंट संयंत्र
क्र.
नाम
स्थान
स्थापना
विशेष
1.
एसोसिएट सीमेंट कम्पनी (ACC)
जामुल (दुर्ग)
1965
प्रथम सीमेंट कारखाना [CG Vyapam(MBD)202]
2.
न्यूवोको (Nuvoco)
आरसमेटा (जांजगीर-चाम्पा)
1983
3.
न्यूवोको (पूर्व नाम – लाफार्ज)
सोनाडीह (बलौदाबाजार)
1993
[CGPSC(Pre)2023]
4.
अल्ट्राटेक सीमेंट कम्पनी
हिरमी (बलौदाबाजार)
1994
सिमगा तहसील में [CG PSC(Pre)202]
5.
ग्रासिम सीमेंट कम्पनी
रावन, (बलौदाबाजार)
1995
6.
अंबुजा सीमेंट कम्पनी
रवान (बलौदाबाजार)
1987
[CG PSC(ADH)20]
7.
बिड़ला सेंचुरी सीमेंट
बैकुंठ (रायपुर)
1975
तिल्दा तहसील में [CG PSC(Pre)201]
📝 विशेष नोट: जांजगीर-चांपा के आरसमेटा गाँव में 1983 में रेमण्ड सीमेंट कंपनी की स्थापना हुई थी। बाद में स्वामित्व परिवर्तन के कारण इसका नाम लाफार्ज सीमेंट हुआ और वर्तमान में इसे न्यूवोको (Nuvoco) सीमेंट कंपनी के नाम से जाना जाता है।
छत्तीसगढ़ में कृषि पर आधारित कई महत्वपूर्ण उद्योग स्थापित हैं, जिनका विवरण नीचे दिया गया है:
BNC कॉटन मिल:
स्थापना: इसकी स्थापना 1890-92 के दौरान जे.के. मैकवेथ कम्पनी द्वारा “सी.पी. मिल्स (सेंट्रल प्रोविन्सेज कॉटन मिल्स लिमिटेड)” के रूप में की गई थी। [CGVyapam(TET-2)]
महत्व: यह राज्य का पहला वृहद् उद्योग माना जाता है। [CG PSC(ACF)]
उत्पादन: यहाँ 1894 से उत्पादन कार्य शुरू हुआ।
पूर्व नाम: सी.पी. मिल।
स्थान: राजनांदगांव।
नाम परिवर्तन: वर्ष 1897 में कोलकाता की सॉ-बालिंस कम्पनी ने इसका अधिग्रहण किया और इसका नाम बदलकर “बंगाल-नागपुर कॉटन मिल्स (BNC)” कर दिया। [CGVyapam(TET-2)]
शासक: स्थापना के समय, नांदगांव रियासत के शासक बलराम दास मिल के संचालक बोर्ड के अध्यक्ष थे। [CG PSC(SEE)]
आंदोलन: इस मिल में ठाकुर प्यारेलाल सिंह के नेतृत्व में तीन बड़े मजदूर आंदोलन हुए (वर्ष 1920, 1924, और 1937 में)।
🌾 मोहन जूट मिल (जूट उद्योग):
स्थापना: 1935 [CGVyapam(MFA)]
स्थान: रायगढ़।
विशेषता: यह प्रदेश का पहला और एकमात्र जूट मिल है। [CG PSC(Pre)2019, (Lib.)2014, (SEE)2]
🍬 शक्कर उद्योग (04+1):
राज्य में कुल 4 सहकारी और 1 अन्य शक्कर कारखाना है।
नाम
स्थान
स्थापना
विशेष जानकारी
1. भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना
राम्हेपुर (कवर्धा) [CGVyapam(FI)2022]
2002-03
• यह राज्य का पहला शक्कर कारखाना है। • यहाँ से 6MW बिजली का उत्पादन (सह-उत्पाद के रूप में) होता है।
• इथेनॉल प्लांट: 80 KLPD (किलो लीटर प्रति दिन) क्षमता का यह प्लांट PPP मॉडल पर आधारित देश me इथेनॉल प्लांट है। [CGVyapam(MBS)20]
2. माँ महामाया सहकारी शक्कर कारखाना
केरता (सूरजपुर) [CGPSC(Lib&SO)2019(ACF)2021]
2007
• उत्पादन 2010 से शुरू हुआ। • यहाँ से 6MW बिजली का उत्पादन (सह-उत्पाद के रूप में) होता है। • इथेनॉल प्लांट: 20 KLPD (किलो लीटर प्रति दिन) क्षमता।
3. दंतेश्वरी मैय्या सहकारी शक्कर कारखाना
करकाभाठा (बालोद)
2009
• उत्पादन 2009-10 से शुरू हुआ। • यहाँ से 3MW बिजली का उत्पादन (सह-उत्पाद के रूप में) होता है। [CG PSC(Pre)2018(ACF)]
4. सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना
बिसेसरा ग्राम, पंडरिया (कवर्धा)
2016
• उत्पादन 2016-17 से शुरू हुआ। • यहाँ से 14MW बिजली का उत्पादन (सह-उत्पाद के रूप में) होता है।
* शक्कर कारखाना (निर्माणाधीन)
चंदनु (बेमेतरा)
–
• यह 2019 से निर्माणाधीन है।
तेल और चावल मिल:
तेल निकालने के उद्योग: रायपुर, तिल्दा, दुर्ग, कवर्धा, बिलासपुर, जशपुर, अम्बिकापुर, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, कांकेर में स्थित हैं।
चावल मिल: तिल्दा (रायपुर), दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कोरिया, धमतरी, दंतेवाड़ा और कवर्धा में स्थापित हैं।
🌲 वन आधारित उद्योग
छत्तीसगढ़ के वनों से प्राप्त होने वाले उत्पादों पर आधारित उद्योग निम्नलिखित हैं:
🐛 रेशम उद्योग (Silk Industry):
प्रकार: छत्तीसगढ़ में टसर, रेली, मलबरी और ईरी रेशम का उत्पादन होता है। [CG PSC(RRD-APO)2014]
परियोजना: रेशम उद्योग को बढ़ावा देने के लिए “SOIL TO SILK” परियोजना चलाई जा रही है।
प्रमुख क्षेत्र: बस्तर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर (नोट: कवर्धा में नहीं)। [CG PSC(Pre)2013]
🧵 कोसा उद्योग (हथकरघा – Kosa Industry):
अनुसंधान केंद्र: बस्तर में स्थित है।
प्रसिद्ध स्थान: चन्द्रपुर (सक्ती) कोसा सिल्क के लिए प्रसिद्ध है। [CG PSC(Mains) 2011]
कपड़ा उद्योग: जांजगीर-चांपा कोसा कपड़े के लिए विख्यात है। [CGVyapam(SET)2024][CG PSC(Pre,)2023]
कीट पालन: कोसा के कीड़ों का पालन मुख्य रूप से अर्जुन, साजा और साल के वृक्षों पर किया जाता है। [CG PSC(Asst. Geo.)2011]
बुनाई उद्योग: चाम्पा कोसा बुनाई के लिए प्रसिद्ध है। [CG PSC(Lib.)2014]
ब्रुक बाण्ड पेपर मिल, ढेका ग्राम (बिलासपुर): यह छत्तीसगढ़ का पहला पेपर मिल है। समय के साथ स्वामित्व बदलने से इसके नाम भी बदले, जैसे – कनोई पेपर मिल, ओरियंट पेपर मिल, और ए.जी.ओ. पेपर मिल। [CG PSC(Pre) 2008]
मध्यभारत पेपर मिल, चाम्पा। [CG PSC(CMO) 2010]
हनुमान एग्रो लि., बिरगहनी (चाम्पा)।
धनलक्ष्मी पेपर मिल, गोबरा-नवापारा (रायपुर)।
पेपर ट्यूब स्ट्राबोर्ड कम्पनी, डोंगरगढ़ (राजनांदगांव): यह प्रदेश की एकमात्र स्ट्राबोर्ड कम्पनी है।
🍂 कत्था उद्योग (Catechu Industry):
स्रोत: कत्था खैर वृक्ष से प्राप्त किया जाता है।
जनजाति: खैरवार जनजाति परंपरागत रूप से यह कार्य करती है।
एकमात्र इकाई: सरगुजा वुड प्रोडक्ट, अम्बिकापुर में राज्य का एकमात्र कत्था उद्योग संचालित है। [CG PSC(CMO) 2019]
🚬 बीड़ी उद्योग (Bidi Industry):
स्रोत: तेंदूपत्ता से बीड़ी बनाई जाती है।
योगदान: देश के कुल तेंदूपत्ता उत्पादन में छत्तीसगढ़ का हिस्सा लगभग 17% है।
🐞 लाख उद्योग (Lac Industry):
स्रोत: लाख को पलाश, कुसुम और बेर के पौधों से प्राप्त किया जाता है। [CG PSC(Asst. Geo)2011, (Pre)2023]
उपयोग: इसका उपयोग चूड़ी, वैक्स पेंट और आभूषण निर्माण में होता है।
मुख्य केंद्र: लाख उद्योग का मुख्य केंद्र धमतरी जिले में है।
💊 अन्य वनोपज उद्योग:
त्रिफला चूर्ण: यह आंवला, हर्रा और बहेड़ा का मिश्रण होता है।
हर्रा उद्योग: हर्रा निकालने का काम सरगुजा, रायपुर और धमतरी में होता है।
माचिस/दियासलाई उद्योग: यह बिलासपुर में स्थित है और इसका निर्माण सेमल वृक्ष की लकड़ी से होता है। [CG PSC(ARO,APO)2014]
🏛️ छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड
गठन: 20 जुलाई, 2001
मुख्यालय: रायपुर।
उद्देश्य: ग्रामीण क्षेत्रों में खादी और ग्रामोद्योग इकाइयों की स्थापना करना तथा कारीगरों को उन्नत तकनीक का प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर पैदा करना।
प्रमुख केंद्र: पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामोद्योग शिल्प केन्द्र (ब्रास कला केंद्र), जगदलपुर (बस्तर), जो आदिवासी महिलाओं द्वारा कलात्मक वस्तुएं बनाकर उनकी संस्कृति का प्रचार-प्रसार करता है। [CGPSC(Pre.)2]
🎯 उद्देश्य: सूक्ष्म, लघु और मध्यम श्रेणी के उद्योगों को व्यवसाय और सेवा के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण प्रदान कर प्रोत्साहित करना।
🏦 ऋण प्रावधान:
शिशु ऋण: ₹50,000 तक।
किशोर ऋण: ₹50,000 से ₹5 लाख तक।
तरुण ऋण: ₹5 लाख से ₹10 लाख तक। (अधिकतम सीमा ₹20 लाख तक) [CG PSC(Pre)2024]
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना
🚀 शुरुआत: 10 जनवरी 2014
🎯 उद्देश्य: युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उनके स्वरोजगार (उद्यम, सेवा, व्यवसाय) स्थापित करने में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए बैंक ऋण की सुविधा प्रदान करना।
💵 ऋण की सीमा:
विनिर्माण उद्योग: अधिकतम ₹25.00 लाख।
सेवा उद्योग: अधिकतम ₹10.00 लाख।
व्यवसाय: अधिकतम ₹02.00 लाख।
✨ विशेष: वर्ष 2024-25 में इस योजना को बंद करके इसके स्थान पर “उद्यम क्रांति योजना” लागू की गई है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम
🚀 शुरुआत: 2008 (यह भारत सरकार द्वारा केंद्र-प्रवर्तित योजना है)।
🎯 उद्देश्य: देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बनाना।
💰 परियोजना लागत:
विनिर्माण: अधिकतम ₹50.00 लाख।
सेवा एवं व्यवसाय: अधिकतम ₹20.00 लाख।
👥 लाभार्थी का अंशदान:
सामान्य वर्ग: 10%
अजा/अजजा/अपिवर्ग व अन्य: 5%
💸 अनुदान की दर:
सामान्य वर्ग: 25% (ग्रामीण) तथा 15% (शहरी)।
अजा/अजजा/अपिवर्ग व अन्य: 35% (ग्रामीण) तथा 25% (शहरी)।
✅ पात्रता: 18 वर्ष से अधिक आयु, न्यूनतम 8वीं उत्तीर्ण, और स्वसहायता समूह/सोसायटी भी पात्र हैं।
“स्टैंड अप इंडिया” योजना
🚀 शुरुआत: 5 अप्रैल 2016
👥 पात्रता: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमी।
🎯 लक्ष्य: प्रत्येक बैंक शाखा को न्यूनतम एक अनुसूचित जाति/जनजाति के हितग्राही और एक महिला उद्यमी को ऋण देना।
💰 ऋण सीमा: ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक। [CG PSC(Pre)2024]
🚗 छत्तीसगढ़ में परिवहन व्यवस्था
सड़क परिवहन
📜 महत्वपूर्ण तथ्य:
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 लागू है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण रायपुर की स्थापना की गई है।
राज्य में सड़क परिवहन व्यवस्था सीधे तौर पर राज्य शासन द्वारा संचालित नहीं की जाती है। [CG Vyapam(CROS)]
यहाँ केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988, नियम 1989, कराधान नियम 1991, और प्रदूषण जांच केंद्र योजना 1994 लागू हैं, जिनका क्रियान्वयन परिवहन विभाग करता है।
1862 में जी.ई. रोड का निर्माण नागपुर से सम्बलपुर तक किया गया था।
🛣️ सड़कों का वर्गीकरण (कुल लंबाई: 35,485 किमी.)
राष्ट्रीय राजमार्ग: 3,484 किमी. (9.81%)
राज्य मार्ग: 4,310 किमी. (12.14%)
मुख्य जिला मार्ग: 11,382 किमी. (32.07%)
ग्रामीण मार्ग: 16,309 किमी. (45.96%)
स्त्रोत – आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25
🌉 जवाहर सेतु योजना: इस योजना का उद्देश्य पुलों का निर्माण कर पहुंचविहीन गांवों तक आवागमन के लिए कनेक्टिविटी प्रदान करना है।
📈 आर्थिक योगदान: वर्ष 2024-25 के लिए अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद में परिवहन क्षेत्र (रेल के अलावा) की भागीदारी ₹7,45,703 लाख अनुमानित है।
विशेष: इस परियोजना में भारतीय रेलवे और छत्तीसगढ़ शासन की 50-50 की भागीदारी है।
🚇 मेट्रो रेल एवं वायु परिवहन
मेट्रो रेल परियोजना
🏙️ उद्देश्य: राजनांदगांव-दुर्ग-रायपुर-नया रायपुर के बीच आधुनिक और तेज रेल संपर्क प्रदान करना।
💰 लागत: लगभग 20 हजार करोड़ रुपए।
phases:
प्रथम चरण: दुर्ग से रायपुर (45 किमी.)।
द्वितीय चरण: राजनांदगांव से दुर्ग (45 किमी.)।
तृतीय चरण: तेलीबांधा (रायपुर) से नवा रायपुर (40 किमी.)।
📝 नोट: जगदलपुर से विशाखापट्टनम रेलवे मार्ग दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे का हिस्सा नहीं है; यह तटीय रेलवे भुवनेश्वर का हिस्सा है।
✈️ एयरपोर्ट/हवाई अड्डा
स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट:
प्रारंभ: 07 नवम्बर 2012, तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा शुभारंभ।
स्थान: माना (नवा रायपुर)।
विशेष: यह राज्य का पहला हवाई अड्डा है। [CG PSC(ADIHS)2014(Mains)2011]
मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट:
शुभारंभ: 2018, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा।
स्थान: जगदलपुर (बस्तर)।
पूर्व नाम: जगदलपुर हवाई अड्डा।
बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट:
शुभारंभ: 1 मार्च, 2021।
स्थान: चकरभाठा (बिलासपुर)।
पूर्व नाम: चकरभाठा हवाई अड्डा।
मां महामाया एयरपोर्ट:
शुभारंभ: 20 अक्टूबर 2024, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा।
स्थान: दुरिमा (अम्बिकापुर)।
पूर्व नाम: दरिमा हवाई पट्टी अम्बिकापुर।
✈️ हवाईपट्टियाँ (Airstrips)
छत्तीसगढ़ में हवाई अड्डों के अलावा कई हवाईपट्टियाँ भी मौजूद हैं, जिनका संचालन विभिन्न संस्थाओं द्वारा किया जाता है:
क्र.
हवाईपट्टी का नाम
जिला
अधीन
1.
बैकुंठ हवाई पट्टी
बैकुंठपुर
राज्य शासन
2.
अगडीह हवाई पट्टी
जशपुर
राज्य शासन
3.
बलरामपुर हवाई पट्टी
बलरामपुर
राज्य शासन
4.
कोरबा हवाई पट्टी
कोरबा
राज्य शासन
5.
नंदिनी हवाई पट्टी
भिलाई (दुर्ग)
केंद्र सरकार
6.
जिंदल (JSPL) हवाई पट्टी
रायगढ़
निजी क्षेत्र
⛵ जल परिवहन (Water Transport)
🌊 सीमित सुविधा: छत्तीसगढ़ में जल परिवहन की सुविधा बहुत सीमित है।
📍 एकमात्र मार्ग: प्रदेश में यह सुविधा केवल शबरी नदी पर ही उपलब्ध है, जो सुकमा जिले के कोंटा से लेकर आंध्र प्रदेश के कुनावरम तक (लगभग 36 किलोमीटर) चलती है।
💡 “अपने STRUGGLE को, तब तक SECRET रखिए जब तक आप सफल नहीं हो जाते।”– ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
🎓 छत्तीसगढ़ में शिक्षा
📖 छत्तीसगढ़ में शिक्षण संस्थानों का विकास क्रम
राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में विकास को दर्शाने वाले प्रमुख संस्थानों की स्थापना का क्रम इस प्रकार है:
क्र.
स्थापना वर्ष
संस्थान का नाम
स्थान
प्रथम संस्थान (क्षेत्रवार) / विशेषता
1.
1885
बर्जेश स्कूल
–
–
2.
1893
सेंटपाल स्कूल [CGPSC(Pre)2018]
–
–
3.
1894
राजकुमार कॉलेज
रायपुर
–
4.
1904
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, कोनी
बिलासपुर
प्रथम औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) [CGPSC(CMO)]
5.
1907
सालेम कन्या शाला, रायपुर
रायपुर
अंग्रेजी माध्यम स्कूल
6.
1913
लॉरी स्कूल
रायपुर
वर्तमान नाम – माधवराव सप्रे स्कूल
7.
1938
जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय
रायपुर
प्रथम महाविद्यालय [CG PSC(Pre)]
8.
1944
इंदिरा संगीत महाविद्यालय
खैरागढ़
प्रथम संगीत महाविद्यालय
9.
1948
सांइस कॉलेज
रायपुर
–
10.
1955
डी.एस.व्ही. संस्कृत महाविद्यालय
रायपुर
प्रथम संस्कृत महाविद्यालय
11.
1956
इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय
खैरागढ़
प्रथम विश्वविद्यालय
12.
1958
शा. कन्या उपाधि महाविद्यालय
रायपुर
राज्य की प्रथम कन्या महाविद्यालय
13.
1961
कृषि महाविद्यालय रायपुर
रायपुर
प्रथम कृषि महाविद्यालय
14.
1963
पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय
रायपुर
प्रथम चिकित्सा महाविद्यालय
15.
1965
शा. इंजीनियरिंग महाविद्यालय
रायपुर
प्रथम इंजीनियरिंग महाविद्यालय
16.
1983
दुग्ध प्रौद्योगिकी महाविद्यालय
रायपुर
प्रथम दुग्ध प्रौद्योगिकी महाविद्यालय
17.
1984
पशु चिकित्सा महाविद्यालय
गोकुलम (दुर्ग)
प्रथम पशु चिकित्सा महाविद्यालय
18.
2006
सी.वी.रमन विश्वविद्यालय
कोटा (बिलासपुर)
प्रथम निजी विश्वविद्यालय
19.
2002-03
श्री महावीर प्राकृतिक एवं योगविज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय
नगपुरा (दुर्ग)
प्रथम योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय [CGPSC(SEE)21]
20.
2012
मत्स्य महाविद्यालय
कवर्धा
प्रथम मत्स्य महाविद्यालय
21.
2020
महात्मा गांधी उद्यानिकी व वानिकी विश्वविद्यालय
पाटन (दुर्ग)
प्रथम उद्यानिकी विश्वविद्यालय [CGVyapam(VDAG)20:]
🏛️ छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालय
🌟 शासकीय विश्वविद्यालय
क्र.
स्थापना
शासकीय विश्वविद्यालय का नाम
स्थान
संबंधित शिक्षा विभाग
1.
1956
इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय
खैरागढ़
संगीत शिक्षा
2.
1964
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय
रायपुर
उच्च शिक्षा
3.
1983
गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय
बिलासपुर
उच्च शिक्षा
4.
1987
इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय
रायपुर
कृषि एवं पशुपालन
5.
2003
हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय
रायपुर
विधि शिक्षा
6.
2005
पं. सुन्दरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय
बिलासपुर
दूरस्थ शिक्षा
7.
2005
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय
रायपुर
पत्रकारिता शिक्षा
8.
2005
स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय
भिलाई
तकनीकी शिक्षा
9.
2008
शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय
जगदलपुर
उच्च शिक्षा
10.
2008
गहिरागुरू विश्वविद्यालय
अम्बिकापुर
उच्च शिक्षा
11.
2008
पं. दीनदयाल उपाध्याय आयुष व स्वास्थ्य वि.वि.
रायपुर
स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षा
12.
2012
अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय
बिलासपुर
उच्च शिक्षा
13.
2012
दाऊ श्री वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय
अंजोरा (दुर्ग)
कृषि एवं पशुपालन चिकित्सा
14.
2015
दुर्ग विश्वविद्यालय (हेमचन्द यादव)
दुर्ग
उच्च शिक्षा
15.
2020
महात्मा गांधी उद्यानिकी व वानिकी विश्वविद्यालय
पाटन (दुर्ग)
उद्यानिकी एवं वानिकी
16.
2020
शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय
रायगढ़
उच्च शिक्षा
🏫 निजी विश्वविद्यालय
क्र.
निजी विश्वविद्यालय का नाम
स्थापना वर्ष
स्थान
1.
सी.वी. रमन विश्वविद्यालय
2006
कोटा (बिलासपुर)
2.
मैट्स विश्वविद्यालय
2006
आरंग (रायपुर)
3.
कलिंगा विश्वविद्यालय
2011
ग्राम कोटनी (रायपुर)
4.
इक्फाई (ICFAI) विश्वविद्यालय
2011
रायपुर [CG PSC(ADPPΟ)2013]
5.
आई.टी.एम. (ITM) विश्वविद्यालय
2012
उपरवारा (अटल नगर)
6.
ओ.पी. जिन्दल विश्वविद्यालय
2014
पूंजीपथरा, घरघोड़ा (रायगढ़)
7.
एमिटी (AMITY) विश्वविद्यालय
2014
मठ, खरोरा (रायपुर)
8.
आई.एस.बी.एम. (ISBM) विश्वविद्यालय
2016
छुरा (गरियाबंद)
9.
के.के. मोदी विश्वविद्यालय
2018
दुर्ग
10.
देव संस्कृति विश्वविद्यालय
2018
कुम्हारी (दुर्ग)
11.
ए.ए.एफ.टी. (AAFT) विश्वविद्यालय
2018
तिल्दा (रायपुर)
12.
श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय
2018
धनोली (रायपुर)
13.
महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एण्ड टेक्नोलॉजी
2018
मंगला (बिलासपुर)
14.
श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल विश्वविद्यालय
2020
जुनवानी (भिलाई)
15.
भारती विश्वविद्यालय
2021
दुर्ग
16.
आंजनेय विश्वविद्यालय
2023
नरदहा (रायपुर)
17.
श्री दावड़ा विश्वविद्यालय
2023
अभनपुर (रायपुर)
💡 विशेष नोट: राज्य के निजी विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, ‘छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग’ का गठन 25 अगस्त, 2005 को किया गया था।
🗺️ प्रदेश में स्थापित प्रमुख विश्वविद्यालयों की स्थिति (मानचित्र के अनुसार)
सरगुजा / अम्बिकापुर:
2008-गहिरागुरू वि.वि.
रायगढ़:
ओ.पी. जिंदल वि.वि. (निजी)
2020-शहीद नंदकुमार पटेल वि.वि. (शासकीय)
बिलासपुर:
2005-पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त वि.वि.
1983-गुरू घासीदास केन्द्रीय वि.वि.
2012-अटल बिहारी बाजपेयी वि.वि.
सी.वी. रमन वि.वि. (कोटा)
महर्षि वि.वि. (मंगला)
खैरागढ़:
1956-इंदिरा कला एवं संगीत, विश्वविद्यालय
भिलाई/दुर्ग/पाटन:
2005-स्वामी विवेकानंद तकनीकी वि.वि. (भिलाई)
2012-दाऊ श्री वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु वि.वि. (अंजोरा)
2015-हेमचंद यादव वि.वि. (दुर्ग)
2020-महात्मा गांधी उद्यानिकी वि.वि. (पाटन)
रायपुर:
1964-पं. रविशंकर शुक्ल वि.वि.
1987-इंदिरा गांधी कृषि वि.वि.
2003-हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि वि.वि.
2005-कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता वि.वि.
2008-पं. दीनदयाल उपाध्याय आयुष व स्वास्थ्य वि.वि.
MATS वि.वि. (आरंग)
कलिंगा वि.वि. (कोटनी)
ITM वि.वि. (उपरवारा)
AMITY वि.वि. (रायपुर)
ICFAI वि.वि. (रायपुर)
बस्तर/जगदलपुर:
2008-शहीद महेन्द्र कर्मा वि.वि.
🏛️ छत्तीसगढ़ के प्रमुख विश्वविद्यालयों का विस्तृत विवरण
केन्द्रीय विश्वविद्यालय
गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय (GGU):
📍 स्थान: कोनी (बिलासपुर) [CG PSC (SEE)2017]
🗓️ स्थापना: इसकी स्थापना 16 जून, 1983 को हुई थी।
🎖️ दर्जा: वर्ष 2009 में इसे केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान किया गया। [CG PSC(Lib)2014]
✨ विशेषता:
वर्तमान में यह छत्तीसगढ़ का एकमात्र केन्द्रीय विश्वविद्यालय है। [CG PSC (Librarian) 2016]
यह यू.जी.सी. की नैक (NAAC) द्वारा A++ ग्रेड प्राप्त करने वाला राज्य का पहला और एकमात्र विश्वविद्यालय है। [CG PSC(Pre)2024]
👑 स्थापना: इसकी स्थापना खैरागढ़ के राजा वीरेन्द्र बहादुर सिंह द्वारा की गई थी। [CG PSC (CMO)2010]
📝 नामकरण: राजा वीरेन्द्र बहादुर सिंह तथा रानी पद्मावती ने अपनी पुत्री इंदिरा के नाम पर अपने राजमहल को इस विश्वविद्यालय के लिए दान कर दिया था। [CG PSC (Lib)2018]
✨ विशेषता:
यह एशिया का प्रथम संगीत विश्वविद्यालय है।
यह छत्तीसगढ़ का पहला विश्वविद्यालय है।
🎨 संकाय: यहाँ दृश्य कला, चित्रकला, संगीत, लोक संगीत और नृत्य जैसे संकाय हैं। (नोट: यहाँ “शिक्षण संकाय” संचालित नहीं है।) [CG PSC (Pre)2016]
🔗 सम्बद्ध महाविद्यालय:
श्री राम संगीत महाविद्यालय, रायपुर
कमलादेवी संगीत महाविद्यालय, रायपुर
भातखण्डे संगीत महाविद्यालय, बिलासपुर
शारदा संगीत महाविद्यालय, कवर्धा
चक्रधर संगीत महाविद्यालय, राजनांदगांव (प्रस्तावित)
नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय, बिलासपुर
🎓 पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU):
📍 स्थान: रायपुर [CG PSC (SEE) 2017]
🗓️ स्थापना: 1 मई 1964 को। [CG Vyapam(SET)2024]
📝 नामकरण: इसका नामकरण मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पं. रविशंकर शुक्ल के नाम पर किया गया।
✨ नोट: यह छत्तीसगढ़ का सबसे पुराना उच्च शिक्षा का विश्वविद्यालय है।
📖 पं. सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय (PSSOU):
📍 स्थान: बिरकोना (बिलासपुर) [CG PSC(PDD)2018]
🗓️ स्थापना: 29 मार्च 2005
📝 नामकरण: इसका नाम छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं कवि पं. सुन्दरलाल शर्मा जी के नाम पर रखा गया है। [CGPSC(Mains)2023]
✨ विशेषता: यह प्रदेश का एकमात्र मुक्त विश्वविद्यालय है, जो दूरस्थ शिक्षा (Distance Education) प्रदान करता है। [CGPSC(CMO)2010]
📰 कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय:
📍 स्थान: रायपुर
🗓️ स्थापना: 16 अप्रैल 2005
✨ विशेषता: यह प्रदेश का एकमात्र पत्रकारिता विश्वविद्यालय है। [CGPSC(ITI Pri.)2022]
旧 पूर्व नाम: बिलासपुर विश्वविद्यालय [CG Vyapam (PRIA)2018] [CG Vyapam (SET)]
🏛️ हेमचन्द यादव विश्वविद्यालय:
📍 स्थान: दुर्ग
🗓️ स्थापना: 24 अप्रैल 2015
旧 पूर्व नाम: दुर्ग विश्वविद्यालय
🌹 शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय:
📍 स्थान: रायगढ़
🗓️ स्थापना: 23 जनवरी 2020
🌾 अन्य शासकीय विश्वविद्यालय
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV):
📍 स्थान: रायपुर
🗓️ स्थापना: 20 जनवरी, 1987
✨ विशेषता: यह प्रदेश का एकमात्र कृषि विश्वविद्यालय है।
🏫 कुल कृषि महाविद्यालय: 40 (15 निजी + 25 शासकीय)
🔗 प्रमुख महाविद्यालय:
बैरिस्टर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर
गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय, जगदलपुर
राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय, सरगुजा
कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, मुंगेली
⚖️ हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (HNLU):
📍 स्थान: रायपुर [CG PSC(RDA)2014]
🗓️ स्थापना: 2003
📝 नामकरण: पूर्व कार्यवाहक राष्ट्रपति मो. हिदायतुल्ला के नाम पर।
✨ विशेषता: यह प्रदेश کا प्रथम विधि विश्वविद्यालय है।
⚙️ छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU):
📍 स्थान: भिलाई (दुर्ग)
🗓️ स्थापना: 2005
✨ विशेषता: यह राज्य का एकमात्र तकनीकी विश्वविद्यालय है। राज्य के सभी शासकीय और निजी इंजीनियरिंग व पॉलीटेक्निक संस्थान इसी से सम्बद्ध हैं। [CGPSC(ITI Pri.)2022]
🩺 पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति, स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय:
📍 स्थान: रायपुर [CG Vyapam (VFM) 2021]
🗓️ स्थापना: 2008
✨ विशेषता: यह स्वास्थ्य विज्ञान हेतु प्रदेश का एकमात्र चिकित्सा विश्वविद्यालय है। [CGPSC(ITI Pri.)2022]
🐄 दाऊ श्री वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय:
📍 स्थान: अंजोरा (दुर्ग)
🗓️ स्थापना: 11 अप्रैल 2012
旧 पूर्व नाम: कामधेनु विश्वविद्यालय [CG PSC (LIB.)2017]
✨ विशेषता: प्रदेश का एकमात्र पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय है।
🔬 संकाय: 1. पशु चिकित्सा एवं पशुपालन, 2. दुग्ध विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी, 3. मात्स्यिकी संकाय।
🌳 महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय:
📍 स्थान: सांकरा, पाटन (दुर्ग) [CG Vyapam(VDA)]
🗓️ स्थापना: 26 मार्च 2020
🔬 संकाय: फल विज्ञान, सब्जी विज्ञान, पुष्प विज्ञान, रोपण फसलें, मसाला, औषधि, और वानिकी।
📢 घोषणाएँ
छत्तीसगढ़ में एक संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। (घोषणा: श्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री)
रायपुर में छत्तीसगढ़ का पहला आयुर्वेद विश्वविद्यालय स्थापित होगा। (घोषणा: छत्तीसगढ़ शासन)
🏫 अन्य प्रमुख शिक्षण संस्थाएँ
👑 राजकुमार कॉलेज:
📍 स्थान: रायपुर
🗓️ स्थापना: 1894 (1882 में जबलपुर में स्थापित हुआ था) [CG PSC (ABE)]
✨ विशेषता: नवगठित छत्तीसगढ़ राज्य का पहला विधानसभा सत्र (14-19 दिसम्बर 2000) इसी कॉलेज के जशपुर हॉल में आयोजित हुआ था।
🎖️ सैनिक स्कूल:
पहला सैनिक स्कूल: अम्बिकापुर (स्थापना: 1 सितंबर 2008)
दूसरा सैनिक स्कूल: बिलासपुर (स्थापना: सितंबर 2023, आधारशीला विद्या मंदिर में)
प्रस्तावित सैनिक स्कूल: रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर।
🎓 छत्तीसगढ़ महाविद्यालय:
📍 स्थान: रायपुर
🗓️ स्थापना: 13 जुलाई 1938
✨ विशेषता: यह छत्तीसगढ़ का पहला और सबसे प्राचीन महाविद्यालय है। इसकी स्थापना ठाकुर प्यारेलाल सिंह द्वारा गठित छ.ग. शिक्षण समिति ने की थी। [CG PSC(SEE)2016]
1. स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट स्कूल योजना
🚀 प्रारंभ: शैक्षणिक सत्र 2020-21 से।
🏫 संचालित स्कूल: कुल 753 स्कूल, जिनमें 403 अंग्रेजी माध्यम और 348 हिंदी माध्यम हैं।
2. स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम उत्कृष्ट स्कूल योजना
🚀 प्रारंभ: शैक्षणिक सत्र 2022-23 से।
🏫 संचालित स्कूल: 32 स्वामी आत्मानंद हिन्दी मीडियम स्कूलों के संचालन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
3. स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय
📣 घोषणा: 18 अगस्त, 2022
🏫 संख्या: 10
4. स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना
📣 घोषणा: 25 सितम्बर 2023
🚀 शुरुआत: 03 अक्टूबर 2023
5. PM SHRI योजना (प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया)
📖 पूर्णरूप: प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया।
🏢 प्रकार: यह केंद्र द्वारा प्रायोजित योजना है।
⏳ अवधि: 2022-23 से 2026-27 तक।
🎯 उद्देश्य: एक समान, समावेशी और आनंदमय स्कूली माहौल में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करना।
🚀 छ.ग. में शुभारंभ: 19 फरवरी, 2024
🏫 शामिल स्कूल:
प्रथम चरण: 211
द्वितीय चरण: 00
तृतीय चरण: 52
चतुर्थ चरण: 78
📜 प्रावधान: भारत के 14,500 पुराने स्कूलों को बेहतर बनाकर नई शिक्षा नीति 2020 को सभी स्कूलों में लागू करना है।
6. छत्तीसगढ़ सूचना शक्ति योजना
🗓️ वर्ष: 2005
🎯 उद्देश्य: बालिकाओं के बीच कंप्यूटर शिक्षा को प्रोत्साहित करना। [CG PSC(ABEO)2013]
🚴♀️ सरस्वती सायकल योजना
🚀 शुभारंभ: 2004-05
🎯 उद्देश्य: बालिकाओं को परिवहन सुविधा के लिए निःशुल्क सायकल वितरित करना। [CG PSC (AP) 21]
🧑🎓 पात्रता: नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्राएं। इसके अंतर्गत सभी ST/SC और BPL परिवारों की बालिकाएं (पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग की गरीब छात्राएं भी) शामिल हैं। [CG Vyapam (ADEO)]
📈 विशेष:
वर्ष 2023-24 में 1,64,700 छात्राओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य था।
वर्ष 2024-25 में 1,68,070 छात्राओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।
🏘️ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय
🚀 प्रारंभ: अगस्त 2004 (भारत सरकार द्वारा)।
🎯 उद्देश्य: दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की शाला त्यागी, वंचित और अल्पसंख्यक समुदाय की बालिकाओं को उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षा प्रदान करना।
🌍 विस्तार: यह योजना प्रदेश के 25 जिलों (रायपुर, दुर्ग, बालोद को छोड़कर) में संचालित है, जहाँ कुल 93 विद्यालय हैं।
📜 प्रावधान: इन विद्यालयों में 75% सीटें अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य आरक्षित वर्गों की बालिकाओं के लिए होती हैं।
🍲 मध्याह्न भोजन कार्यक्रम / प्रधानमंत्री पोषण योजना
🎯 उद्देश्य: कक्षा पहली से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं को पका हुआ पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना।
🤝 योगदान: इसमें केंद्र सरकार (75%) और राज्य सरकार (25%) का अंशदान होता है। [CG PSC(PDD)]
📊 लाभार्थी:
वर्ष 2023-24: 29,10,581 विद्यार्थी लाभान्वित हुए।
वर्ष 2024-25: 28.00 लाख विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।
✅ पात्र: 146 विकासखण्डों के 31,847 प्राथमिक एवं 13,967 माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थी।
📚 निःशुल्क पाठ्यपुस्तक प्रदाय योजना
🧑🎓 पात्र: कक्षा 1 से 10 तक के सभी छात्र-छात्राएं।
📣 प्रस्ताव: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इसे 12वीं कक्षा तक करने का प्रस्ताव रखा गया है।
📊 लाभार्थी: वर्ष 2024-25 में 52,00,322 छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए हैं।
👕 निःशुल्क गणवेश योजना
🧑🎓 पात्र: शासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के सभी छात्र-छात्राएं।
📜 प्रावधान: विद्यार्थियों को दो सेट निःशुल्क गणवेश प्रदान किए जाते हैं।
📊 लाभार्थी: वर्ष 2024-25 में 30,83,183 छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए हैं।
🛡️ मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना
🚀 शुभारंभ: 26 जुलाई 2010
🎯 उद्देश्य: नक्सल हिंसा से पीड़ित क्षेत्रों में शिक्षा का प्रसार करना। [CG PSC(Asst. HYD)2020]
🧩 घटक: इसके चार प्रमुख घटक हैं:
आस्था: नक्सल हिंसा से अनाथ हुए बच्चों के लिए दंतेवाड़ा में आस्था गुरुकुल आवासीय विद्यालय संचालित है, जहाँ कक्षा 1 से 12वीं तक निःशुल्क भोजन, आवास और शिक्षा दी जाती है।
निष्ठा: इस योजना के तहत पीड़ित बच्चों को अशासकीय संगठनों की मदद से विभिन्न शालाओं में प्रवेश कराया जाता था। (वित्तीय वर्ष 2020-21 में यह योजना बंद कर दी गई है)।
प्रयास: यह एक कोचिंग पहल है, जिसमें नक्सल प्रभावित इलाकों के 10वीं पास मेधावी छात्रों को 11वीं-12वीं में विज्ञान-गणित की शिक्षा के साथ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जाती है। राज्य में 15 प्रयास विद्यालय संचालित हैं। [CGPSC(ACF)2016]
सहयोग: इस योजना के तहत 12वीं उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
🏆 मुख्यमंत्री ज्ञान प्रोत्साहन योजना
🚀 शुभारंभ: 2007-2008
🎯 उद्देश्य: मेधावी विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना।
🎓 विभाग: स्कूली शिक्षा विभाग।
📜 उपबंध: 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अनुसूचित जाति के 300 और अनुसूचित जनजाति के 700 बच्चों को ₹15,000 की एकमुश्त राशि दी जाती है।
🧑🎓 लाभांवित: वर्ष 2024-25 में अनुसूचित जाति के 288 और अनुसूचित जनजाति के 672 विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया है।
⚡️ छत्तीसगढ़ में ऊर्जा संसाधन
💡 प्रस्तावना: आज के तकनीकी युग में, किसी भी क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए बिजली की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण शर्त है। छत्तीसगढ़ में अनुकूल परिस्थितियों और प्रचुर संसाधनों के कारण, विद्युत क्षेत्र में तेज गति से विकास हो रहा है। राज्य में ऊर्जा उत्पादन का मुख्य स्रोत तापीय ऊर्जा है। [CG PSC(PDD)2018, (Pre)2018]
🌋 भू-तापीय ऊर्जा संयंत्र: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक भू-तापीय ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। [CG PSC(Pre)2023]
📊 छत्तीसगढ़ में ऊर्जा संयंत्रों का विकास क्रम
स्थापना वर्ष
उपक्रम का नाम
जिला
कुल उत्पादन / विशेष जानकारी
1958
कोरबा पूर्व-I
कोरबा
प्राचीनतम ताप विद्युत संयंत्र (अब बंद है)
1966-68
कोरबा पूर्व-II
कोरबा
डी-कमीशनिंग (सेवा से बाहर)
1976-81
कोरबा पूर्व-III
कोरबा
डी-कमीशनिंग
1983-86
हसदेव ताप विद्युत संयंत्र (कोरबा पश्चिम)
कोरबा
840 मेगावाट
1990 (जल)
रूद्री जल विद्युत संयंत्र (महानदी)
धमतरी
प्रथम जल विद्युत संयंत्र (अब बंद है)
1991 (पवन)
पवन ऊर्जा संयंत्र
बालोद
गैर-परम्परागत ऊर्जा स्त्रोत
1994-95 (जल)
हसदेव-बांगो जल विद्युत संयंत्र
कोरबा
120 मेगावाट (वर्तमान में संचालित प्रथम जल विद्युत संयंत्र)
2003-09 (जल)
लघु जल विद्युत गृह (कोरबा पश्चिम)
कोरबा
1.7 मेगावाट
2004 (जल)
गंगरेल जल विद्युत परियोजना
धमतरी
10 मेगावाट
2006 (जल)
सिकासार जल विद्युत परियोजना
गरियाबंद
7 मेगावाट
2007
श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत संयंत्र (कोरबा पूर्व)
कोरबा
500 मेगावाट
2013
कोरबा पश्चिम विस्तार
कोरबा
500 मेगावाट
2016
अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत संयंत्र (मड़वा ताप विद्युत संयंत्र)
जांजगीर-चांपा
1000 मेगावाट
कुल विद्युत उत्पादन
2978.7 मेगावाट
📝 नोट: भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने से अनुबंध के तहत 6 मेगावाट बिजली का उत्पादन हस्तांतरित किया गया है।
🔋 बिजली उपयोग की स्थापित क्षमता (30.09.2024 तक)
📈 वृद्धि का अवलोकन: राज्य गठन (नवंबर 2000) के समय छत्तीसगढ़ की स्वयं की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 1360 मेगावाट थी। पिछले 23 वर्षों में यह क्षमता बढ़कर 2978.70 मेगावाट हो गई है, जो स्थापित क्षमता में 119% की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है।
📜 विभाजन: विद्युत अधिनियम 2003 के तहत, 19 दिसम्बर 2008 को इसका विलय कर 5 कंपनियाँ बनाई गईं:
छ.ग. राज्य विद्युत होल्डिंग कंपनी (CSPHCL)
छ.ग. राज्य विद्युत पारेषण कंपनी (CSPTCL)
छ.ग. राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी (CSPGCL)
छ.ग. राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL)
छ.ग. राज्य विद्युत ट्रेडिंग कंपनी (CSPTCL)
📊 विद्युत उत्पादन क्षमता की वृद्धि
समय
स्थापित क्षमता
मंडल गठन के समय
1,360 मेगावाट
अक्टूबर 2023 तक
2978.70 मेगावाट
प्रतिशत वृद्धि
119% [CGVyapam(PRIA)(FNDM)2018]
💡 विद्युत मंडल की कुल क्षमता का स्रोत-वार प्रतिशत
क्र.
क्षेत्र
कुल क्षमता (MW)
प्रतिशत
1.
ताप विद्युत क्षमता
2840 MW
95.34% (ऊर्जा का मुख्य स्त्रोत) [CG PSC(Pre)2018]
2.
जल विद्युत क्षमता
138.7 MW
4.66 % [CG PSC(Engg. S-2)2015]
कुल स्थापित क्षमता
2978.70 MW
100%
📈 GSDP में विद्युत, गैस, पानी आपूर्ति का योगदान (स्थिर मूल्य पर)
क्र.
मद
2019-20
2020-21
2021-22
2022-23
2023-24
1.
वृद्धि (प्रतिशत)
10.63
8.85
10.21
6.48
9.52
2.
भागीदारी (प्रतिशत)
9.62
10.35
10.78
10.74
10.74
🏭 राजकीय उपक्रम
(A) 🌊 जलीय संयंत्र (Hydro Project)
क्षमता: 138.7 MW (कुल का 4.66%) [CGPSC(TSI)2024]
(B) 🔥 तापीय संयंत्र (Thermal Project)
क्षमता: 2840 MW (कुल का 95.34%) [CGPSC(Reg.)2021, (Pre)2022]
मुख्य केंद्र:
कोरबा (1840MW): यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा ताप ऊर्जा केंद्र है।
जांजगीर-चांपा (1000MW): अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत संयंत्र, मड़वा-तेंदूभांठा (2016), यहाँ 500 MW की 2 इकाइयां हैं। [CG Vyapam(ECH)2017]
🏭 कोरबा पूर्व (500MW)
विद्युत गृह
स्थापना
इकाई
क्षमता (MW)
1. कोरबा पूर्व-I
1958
–
डी-कमिशनिंग
2. कोरबा पूर्व-II
1966-68
–
डी-कमिशनिंग
3. कोरबा पूर्व-III
1976-81
–
डी-कमिशनिंग
4. श्यामाप्रसाद मुखर्जी
2007
250×2
500 [CG PSC(SEE)2017]
🏭 कोरबा पश्चिम (1340MW)
विद्युत गृह
स्थापना
इकाई
क्षमता (MW)
हसदेव ताप विद्युत
1983-86
210X4
840
कोरबा पश्चिम विस्तार
2013
500X1
500
📝 विशेष नोट:
प्रथम ताप विद्युत संयंत्र (कोरबा पूर्व-I) की स्थापना 1958 में जापान और अमेरिका के सहयोग से की गई थी। [CGVyapam(CROSS)201]
कोरबा पूर्व-II को 2019 में डी-कमीशन किया गया, जिससे 200MW (50×4) क्षमता कम हो गई।
कोरबा पूर्व-III को दिसम्बर 2020 में डी-कमीशन किया गया, जिससे 240MW (120×2) क्षमता कम हो गई।
📅 राज्य सरकार की प्रस्तावित ताप विद्युत परियोजनाएँ (5)
विद्युत परियोजना
स्थान
क्षमता
विशेष
1. कोरबा दक्षिण
कोरबा
1000MW
–
2. इफ्को (IFFCO)
प्रेमनगर (सूरजपुर)
1320MW
यह इफ्को प्राइवेट लिमिटेड और राज्य विद्युत मंडल का संयुक्त उपक्रम है।
3. भैयाथान
भैयाथान (सूरजपुर)
1320MW
यह इंडिया बुल्स प्राइवेट लिमिटेड और राज्य विद्युत मंडल का संयुक्त उपक्रम है।
4. बुंजी-बुंदेली
बुंदेली (कोरिया)
500MW
–
5. कोरबा पश्चिम विस्तार
दरी (कोरबा)
1320MW
यह 660 MW x 2 यूनिट की प्रस्तावित परियोजना है।
🔌 निजी एवं जल विद्युत परियोजनाएं
🔥 प्रस्तावित निजी ताप विद्युत गृह
विद्युत परियोजना
स्थान
क्षमता
विशेष
1. रायगढ़ ताप विद्युत परियोजना
रायगढ़
660MW (4×165)
जिंदल पावर लिमिटेड
2. पताड़ी ताप विद्युत परियोजना
कोरबा
1920MW (पहले 2×300, अब 2×660)
लैंको अमरकंटक पावर, जिसे हाल ही में अडानी पावर ने अधिग्रहित किया है।
💧 जल विद्युत गृह (Hydro Power Plants)
** योगदान:** राज्य के कुल विद्युत उत्पादन में जलीय ऊर्जा का योगदान 138.7 मेगावाट (4.66 प्रतिशत) है।
क्र.
जल विद्युत गृह
तहसील
जिला
स्थापना
नदी
क्षमता
1.
मिनीमाता हसदेव बांगो जल विद्युत गृह
पोंड़ी
कोरबा
1994-95
हसदेव नदी
40×3 = 120 मेगावाट [CG PSC(Pre)2015]
2.
गंगरेल जल विद्युत गृह
मगरलोड/धमतरी
धमतरी
2004-05
महानदी
2.5×4 = 10 मेगावाट
3.
सिकासार जल विद्युत गृह
गरियाबंद
गरियाबंद
2006
पैरी नदी
3.5×2 = 7 मेगावाट [CGPSC(Pre)2015]
4.
लघु जल विद्युत गृह कोरबा पश्चिम
–
कोरबा
2003-2009
हसदेव नदी
0.85×2 = 1.7 मेगावाट
📝 विशेष नोट: छत्तीसगढ़ में जल विद्युत का उत्पादन आंशिक रूप से 1990 में महानदी पर रूद्री बांध में 0.2 मेगावाट क्षमता के साथ शुरू हुआ था, जो अब बंद है। इस प्रकार, राज्य का पहला जल विद्युत केंद्र महानदी पर स्थापित किया गया था। वर्तमान में, हसदेव-बांगो प्रदेश की सबसे पुरानी संचालित जल विद्युत परियोजना है। [CG Vyapam(FCPR)2016]
🌊 प्रस्तावित जल विद्युत परियोजनाएँ
परियोजना का नाम
जिला
क्षमता
1. बोधघाट जल विद्युत परियोजना
दंतेवाड़ा
125 मेगावाट (पूर्व में 300 मेगावाट) [CG PSC(Pre)2020]
2. मटनार नाला जल विद्युत परियोजना
बस्तर
3×20 = 60 मेगावाट
3. कन्हार जल विद्युत परियोजना
बलरामपुर
2×25 = 50 मेगावाट
4. रेहर जल विद्युत परियोजना
सूरजपुर
3×32 = 96 मेगावाट
🔥 केन्द्रीय ताप विद्युत उपक्रम (NTPC)
भारत की विशालतम विद्युत उत्पादक कंपनी, नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC), छत्तीसगढ़ में ताप विद्युत के उत्पादन का कार्य करती है।
🏢 सामान्य जानकारी:
स्थापना: 1975
मुख्यालय: नई दिल्ली
दर्जा: इसे 2010 में महारत्न का दर्जा दिया गया। यह एक केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (CPSE) है।
उत्पादन: छत्तीसगढ़ में NTPC तीन स्थानों पर विद्युत का उत्पादन कर रहा है।
1. NTPC – जमनीपाली (कोरबा)
🗓️ स्थापना: 1978 [CG Vyapam (FDFG)2024]
🏭 उत्पादन प्रारंभ: 1983
🤝 सहायता: इसे विश्व बैंक के सहयोग से स्थापित किया गया। [CGPSC(Lib.)2014]
⚡️ क्षमता: 2600 MW (3 यूनिट x 200 MW + 4 यूनिट x 500 MW) [CGPSC(MI)2014]
🏗️ निर्माण: इसमें जर्मनी का भी सहयोग रहा है।
🚚 आपूर्ति: यहाँ से उत्पन्न बिजली छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र और गुजरात (कुल 5 राज्य) को भेजी जाती है।
🌊 स्रोत: इस संयंत्र को पानी मिनीमाता बांध से और कोयला कोरबा से प्राप्त होता है।
2. NTPC – सीपत (बिलासपुर)
🗓️ स्थापना: 2002
🏭 उत्पादन प्रारंभ: 2008
⚡️ क्षमता: 2980 MW (3 यूनिट x 660 MW + 2 यूनिट x 500 MW)
🚚 आपूर्ति: यहाँ से बिजली छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र और दादर-नगर हवेली को भेजी जाती है। (नोट: गुजरात को यहाँ से आपूर्ति नहीं होती)।
🔧 विशेषताएँ:
यह सुपर क्रिटिकल बॉयलर तकनीक पर आधारित देश का पहला संयंत्र है।
इसे कच्चे माल के रूप में कोयला दीपका (कोरबा) से और जल हसदेव बैराज से प्राप्त होता है।
यह वर्तमान में NTPC द्वारा राज्य में स्थापित सबसे बड़ा ऊर्जा केंद्र है।
10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले दो नगर हैं – रायपुर और दुर्ग।
1 लाख से अधिक जनसंख्या वाले 9 नगर हैं – रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर, कोरबा, राजनांदगांव, रायगढ़, जगदलपुर, अम्बिकापुर, और धमतरी।
शहरी जनसंख्या के मामले में जिलों का घटता क्रम है – दुर्ग > कोरबा > बिलासपुर > जशपुर। [CG PSC(CMO)2019]
शहरीकरण का सर्वाधिक प्रतिशत दुर्ग जिले में है। [CG PSC(PDD)2018]
🏗️ नगरीकरण की परिभाषा
शहरी क्षेत्र, जिसे नगर भी कहा जाता है, की जनसंख्या, आकार, और संरचना में होने वाले बदलाव को नगरीकरण कहते हैं। 2011 की जनगणना में शहरी क्षेत्रों को दो भागों में परिभाषित किया गया है:
🏛️ वैधानिक नगर: ऐसे क्षेत्र जहाँ नगर पालिका, नगर निगम, छावनी बोर्ड आदि जैसी स्थानीय निकाय संस्थाएँ होती हैं। (कुल – 168)
🏘️ जनगणना नगर: ऐसे क्षेत्र जो निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करते हैं:
कम से कम 5,000 की आबादी हो।
पुरुषों की कार्यकारी जनसंख्या का 75% हिस्सा गैर-कृषि कार्यों में लगा हो।
जनसंख्या घनत्व न्यूनतम 400 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. हो।
वह स्थान नगर पालिका, नगर निगम या छावनी क्षेत्र के अंतर्गत न हो। (कुल – 43)
कुल नगर: 192 (168 + 43)
🏡 ग्रामीण जनसंख्या (Rural Population)
🌾 ग्रामीण जनसंख्या (क्षेत्रफल के अनुसार – 18 जिला)
सर्वाधिक
न्यूनतम
1. रायपुर (25 लाख)
1. नारायणपुर (1 लाख)
2. सरगुजा (21 लाख)
2. बीजापुर (2 लाख)
3. दुर्ग (20 लाख)
3. दंतेवाड़ा (4 लाख)
📈 ग्रामीण जनसंख्या (प्रतिशत में – 18 जिला)
सर्वाधिक
न्यूनतम
1. जशपुर (91%)
1. दुर्ग (61%)
2. कांकेर (89%)
2. कोरबा (63%)
3. सरगुजा (89%)
3. रायपुर (63%)
📊 ग्रामीण एवं नगरीय जनगणना-2011 का सारांश
मद (Parameter)
ग्रामीण
शहरी
कुल
छ.ग. जनसंख्या (%)
196.08 लाख
59.37 लाख
255.40 लाख
पिछले दशक में जनसंख्या वृद्धि दर %
17.79%
41.84%
22.61%
पिछले दशक में कुल जनसंख्या वृद्धि
29.61 लाख
17.51 लाख
47.06 लाख
कुल जनसंख्या में अनुपात %
76.76%
23.24%
100%
🏠 नगरीय प्रवृत्ति
कस्बा: 10 हजार से कम आबादी वाली नगरीय बस्तियाँ।
शहर: 10 हजार से 1 लाख तक की जनसंख्या वाले नगर।
नगर: 1 लाख से 10 लाख तक की जनसंख्या वाली बस्तियों का समूह।
महानगर: 10 लाख से 50 लाख तक की जनसंख्या वाले नगर।
मेगा सिटी: 50 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगर।
🔄 प्रवास (Migration)
जब कोई मानव समूह एक भौगोलिक स्थान को छोड़कर किसी अन्य स्थान पर प्राकृतिक, सामाजिक, या आर्थिक कारणों से जाकर बसता है, तो उसे प्रवास कहते हैं।
1. आंतरिक प्रवास: जब लोग देश के भीतर ही एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं। इसके चार प्रकार हैं:
ग्रामीण से ग्रामीण (छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक प्रवास इसी श्रेणी में होता है) [CG PSC(Pre)2018]
ग्रामीण से नगरीय
नगरीय से नगरीय
नगरीय से ग्रामीण (न्यूनतम प्रवास)
2. बाह्य प्रवास: जब लोग अपने देश को छोड़कर किसी दूसरे देश में जाकर बसते हैं। इसे अंतर्राष्ट्रीय प्रवास भी कहते हैं।
📈 जनसंख्या वृद्धि दर (Population Growth Rate)
परिभाषा: 2001 से 2011 के बीच जनसंख्या में हुई दशकीय वृद्धि दर को ही जनसंख्या वृद्धि दर कहा जाता है।
आँकड़े: 2011 में यह दर 22.61% थी, जबकि 2001 में यह 18.27% थी। [CG Vyapam(Patwari) 2019]
परिभाषा: प्रति 1 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में रहने वाले लोगों की संख्या को जनसंख्या घनत्व कहते हैं।
आँकड़े: 2011 की जनगणना के अनुसार छत्तीसगढ़ का जनसंख्या घनत्व 189 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. है, जबकि 2001 में यह 154 था। (अन्तर: 35 व्यक्ति)। [CG PSC(RDA)2014, (Sci. Off.)2022]
(B) संघ शासित क्षेत्रों को मिलाकर:पांचवा स्थान (केरल के बाद पुदुचेरी भी आता है)। [CG PSC(Lib)2014]
👶 शिशु लिंगानुपात में स्थान
🏆 राष्ट्रीय स्तर पर स्थान (28 राज्यों में):चौथा स्थान (1. अरुणाचल प्रदेश (972), 2. मिजोरम (970), 3. मेघालय (970), 4. छत्तीसगढ़ (969))।
👨👩👧👦 कुल प्रजनन दर (Total Fertility Rate – TFR)
परिभाषा: TFR का अर्थ है कि एक महिला अपने प्रजनन काल (15-49 वर्ष) के दौरान औसतन कितने बच्चों को जन्म देती है।
वर्ष
भारत
छत्तीसगढ़
2005
2.9
3.4
2016-17
2.3
2.3
आदर्श स्थिति:2.1 TFR को आदर्श माना जाता है क्योंकि इससे जनसंख्या स्थिर रहती है (पति-पत्नी स्वयं को प्रतिस्थापित करते हैं)।
🏥 संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery)
📈 रुझान: प्रदेश में साक्षरता बढ़ने के कारण अस्पतालों में प्रसव को लेकर लोगों में विश्वास बढ़ा है, जिससे संस्थागत प्रसव में वृद्धि हुई है।
वर्ष
प्रतिशत
2005-06
14.3%
2015-16
70.2%
2022-23
85.60%
👷 छत्तीसगढ़ के कार्यशील जनसंख्या अनुपात
📊 मुख्य आँकड़ा: 2011 की जनगणना के अनुसार, छत्तीसगढ़ की कार्यशील जनसंख्या 1,21,80,225 है, जो कुल आबादी का 47.68% है। 2001 में यह 46.46% थी। [CGPSC(IMO)2020]