🎯छत्तीसगढ़: भूगोल भाग-5🎯

Page Contents

🎯छत्तीसगढ़: भूगोल भाग-1 🎯

🎯छत्तीसगढ़: भूगोल भाग-2 🎯

🎯छत्तीसगढ़: भूगोल भाग-3🎯

🎯छत्तीसगढ़: भूगोल भाग-4🎯

🎯छत्तीसगढ़: भूगोल भाग-6🎯

📜 महत्वपूर्ण अधिनियम और घटनाक्रम


📊 19.1 छत्तीसगढ़ में वनों की वर्तमान स्थिति


🌳 1. छत्तीसगढ़ सरकार – वन मंत्रालय

💡 विगत वर्षों के प्रश्न

  1. प्रश्न: वन-क्षेत्र (Forest Area) की दृष्टि से छत्तीसगढ़ का भारत में कौन-सा क्रम है?
  2. प्रश्न: वन-आवरण (Forest Cover) के अंतर्गत राज्य का भारत में क्या क्रम है?
  3. प्रश्न: वनाच्छादित क्षेत्र (Forest Cover) के लिए इस राज्य का क्रम क्या है?
  4. प्रश्न: आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 के अनुसार प्रदेश का वन क्षेत्रफल कितना है?

🔑 मुख्य तथ्य


2. भारत सरकार – ISFR(2023) (Indian State Forest Report)

🌲 वन क्षेत्रफल (Forest Area)

🌳 वनावरण/वनाच्छादन (Forest Cover)

📊 वनावरण का विवरण

🌱 वृक्षावरण (Tree Cover)

⭐ विशेष तथ्य


📂 वनों का वर्गीकरण

छत्तीसगढ़ की जलवायु उष्णकटिबंधीय है, जिस कारण यहाँ के वनों में काफी विविधता पाई जाती है। वनों को तीन मुख्य आधारों पर बांटा जा सकता है:

🏛️ (A) प्रशासनिक आधार पर वर्गीकरण

राज्य के वनों को प्रबंधन एवं संरक्षण के दृष्टिकोण से तीन वर्गों में विभाजित किया गया है:

1. आरक्षित वन (Reserved Forests):

2. संरक्षित वन (Protected Forests):

3. अवर्गीकृत वन (Non Classified Forests):


🌿 (B) प्रजातीय बहुलता के आधार पर वर्गीकरण

राज्य में प्रजातीय बहुलता के अनुसार तीन मुख्य प्रकार के वन पाए जाते हैं।

1. मिश्रित वन (Mixed forests):

2. साल/सरई वन (Sal/Sarai forests):

3. सागौन वन (Sagwan/Teak forests):

🐾 संरक्षित क्षेत्र का अवलोकन

🌍 (C) प्राकृतिक / भौगोलिक आधार पर वर्गीकरण (Geographical Classification)

देश के वनों का प्राकृतिक वर्गीकरण सबसे पहले 1968 में चैंपियन एवं सेठ द्वारा उनकी प्रसिद्ध पुस्तक “A Revised Survey of The Forest Types of India” में किया गया था। इस वर्गीकरण के अनुसार, प्रदेश में मौजूद 10 प्रजातियों को प्राकृतिक आधार पर दो वर्गों में बांटा गया  [CG VS(AG-3)

💡 ध्यान दें:

🗺️ छत्तीसगढ़ का वनस्पति क्षेत्र (मानचित्र के अनुसार)


🪵 वनोपज के प्रकार

वनों से मिलने वाले संसाधनों को दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है:

(A) मुख्य वनोपज

यह वनोपज इमारती लकड़ी (काष्ठ उत्पाद) और जलाऊ लकड़ी के रूप में होती है। देश में कुल 13 मुख्य प्रजातियों को इमारती लकड़ी के रूप में घोषित किया गया है, जिनमें से 6 राष्ट्रीयकृत प्रजातियां छत्तीसगढ़ में पाई जाती हैं।

खैर (Khair) वृक्ष की विशेषताएं:

(B) लघु एवं गौण वनोपज

लघु वनोपज में बांस, तेंदूपत्ता, इमली, महुआ और चिरौंजी जैसी चीजें शामिल हैं। इनके खरीद मूल्य का निर्धारण अपेक्स समिति द्वारा किया जाता है, जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर करते हैं।

1. बांस वन (Bamboo Forests): [CG PSC(ABEO)2013]

बांस की अन्य विशेषताएं:

2. तेंदूपत्ता (Tendu Leaf):

3. रतनजोत (Jatropha) एवं करंज: इन पौधों से बायोडीजल प्राप्त होता है।

4. लाख:

5. महुआ:
यह एक बहुउपयोगी वृक्ष है। पत्तों से दोना-पत्तल, फूल से मदिरा और बीज से तेल बनता है। इसका जनजातीय संस्कृति में विशेष महत्व है। [CG PSC(Lib)2]

छत्तीसगढ़ में उत्पादित राष्ट्रीयकृत लघु वनोपज: [CGPSC(IMO)2]

  1. तेंदूपत्ता
  2. धावड़ा गोंद
  3. कुल्लू गोंद

🌿 छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ

** MSP के तहत खरीदे जाने वाले वनोपज**

🔑 विशेष जानकारी


🏛️ 19.2 छत्तीसगढ़ में वन प्रशासन एवं प्रमुख संस्थान

प्रशासनिक ढांचा

नोट:

🌳 वन वृत्त (Forest Circle)

प्रदेश को 6 वन वृत्तों और 34 वन मंडलों में बांटा गया है। रायगढ़ वन वृत्त प्रस्तावित है।

🌳 छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम (Chhattisgarh State Forest Development Corporation)

📊 निगम के अंतर्गत परियोजना मण्डल


🌱 छत्तीसगढ़ हर्बल स्टेट (Chhattisgarh Herbal State)


🌿 छत्तीसगढ़ राज्य आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड


🦋 छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्ड (Chhattisgarh Biodiversity Board)


🌏 छत्तीसगढ़ राज्य कैम्पा (CAMPA)


📢 प्रचार-प्रसार एवं मार्केटिंग

📊 वानिकी क्षेत्र का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में भागीदारी का विवरण (स्थिर भाव 2011-12)



🐅 राष्ट्रीय उद्यान (National Park)

1. इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान (Indravati National Park)

2. गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान (Guru Ghasidas National Park)

3. कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान (Kanger Valley National Park)

📊 राज्य के 3 राष्ट्रीय उद्यानों का सारांश


🐯 टाइगर रिजर्व (Tiger Reserve)

📊 छत्तीसगढ़ के टाइगर रिजर्व

🏞️ वन्यप्राणी अभ्यारण्य (Wildlife Sanctuaries)

वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में प्रदेश में अभ्यारण्यों की स्थापना की गई है, जो आरक्षित वन क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। छत्तीसगढ़ में कुल 11 अभ्यारण्य हैं। [CG PSC(RDA)2014]

📊 सभी 11 अभ्यारण्यों का संक्षिप्त विवरण

📅 स्थापना वर्ष के अनुसार अभ्यारण्यों का क्रम


🐾 अभ्यारण्यों का विस्तृत परिचय

आशय: वन्यप्राणी अभ्यारण्य एक ऐसा प्राकृतिक आवास है जहाँ पक्षियों और जानवरों की विशेष प्रजातियों की सुरक्षा की जाती है। यहाँ प्रतिबंध अपेक्षाकृत कम होते हैं और जनता के लिए एक निश्चित सीमा तक खुला रहता है।

1. तमोरपिंगला अभ्यारण्य [CGVyapam (Asst.Teach.), (LOI) 2023]

2. सेमरसोत अभ्यारण्य [CG PSC (ACF) 2017]

3. बादलखोल अभ्यारण्य [CG PSC (VAS) 2021]

4. गोमर्डा अभ्यारण्य [CG PSC(Pre)2019(ARO, APO)2014]

5. बारनवापारा अभ्यारण्य [CG PSC (Pre) 2022]

6. उदन्ती अभ्यारण्य

7. सीतानदी अभ्यारण्य [CGPSC(ACF)2021]

8. अचानकमार अभ्यारण्य [CGPSC(ACF)2021]

9. भोरमदेव अभ्यारण्य

10. भैरमगढ़ अभ्यारण्य

11. पामेड़ अभ्यारण्य


🌐 बायोस्फीयर रिजर्व (Biosphere Reserve)

अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फीयर रिजर्व [CG PSC(ACF)2021]


🐘 हाथी रिजर्व (Elephant Reserve)

1. सरगुजा-जशपुर हाथी रिजर्व

2. लेमरू एलीफेंट रिजर्व (कोरबा) [CGVyapam (MBS-1)2021]


🐊 मगरमच्छ संरक्षण रिजर्व

कृत्रिम मगरमच्छ संरक्षण

प्राकृतिक मगरमच्छ संरक्षण

  1. भैंसादरहा: कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान (बस्तर) में कांगेर नदी पर स्थित है।
  2. जाटलुर नदी: नारायणपुर जिले में स्थित है।
  3. भिनता-मिचनार: बस्तर जिले में इंद्रावती नदी पर स्थित है।

🦁 चिड़िया घर (Zoo)

  1. नंदनवन चिड़िया घर एवं जंगल सफारी: रायपुर (क्षेत्रफल: 320 हेक्टेयर)
  2. कानन पेंडारी: बिलासपुर (क्षेत्रफल: 65 हेक्टेयर)
  3. मैत्रीबाग: दुर्ग (भारत-रूस की मित्रता का प्रतीक)

🦉 19.5 अन्य वन्यजीव संबंधी परियोजनाएँ (Other Wildlife Related Projects)

🐦 पक्षी विहार क्षेत्र (Bird Sanctuaries)

1. गिधवा पक्षी विहार

2. लमनी पक्षी सदन

3. रहंगी पक्षी विहार क्षेत्र

🌳 जंगल सफारी (Jungle Safari)

1. प्रथम जंगल सफारी

2. द्वितीय जंगल सफारी (प्रस्तावित)

3. एशिया का सबसे बड़ा मानव निर्मित जंगल (प्रस्तावित)

🐾 अन्य परियोजनाएँ

1. कुटरू गेम सेंचुरी (बीजापुर)

2. तितली पार्क (बस्तर)

3. जामवंत परियोजना (भालू)

4. चीतल नीलगाय पार्क

5. गौवंश अभ्यारण्य योजना

6. वन भैंसा संरक्षण परियोजना (दीपआशा)


🌲 वनोपज और वनों से जुड़े तथ्य



1. मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना

2. छात्रवृत्ति योजना के चार घटक

3. राज्य स्तरीय सी-मार्ट

4. अन्य योजनाएं

🍃 तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए सरकार के प्रमुख निर्णय

⛏️ खनिजों का वर्गीकरण (Classification of Minerals)

📊 खनिज राजस्व में योगदान (Contribution in Mineral Revenue)

खनिज राजस्व में योगदान का क्षेत्रवार विभाजन (2023-24)

योगदान के आधार पर खनिजों का क्रम:

  1. कोयला: 37.71%
  2. लौह अयस्क: 29.51%
  3. चूना पत्थर: 5.31%
  4. डोलोमाइट और अन्य: शेष [CGPSC(ITI Prin.)2022]

💰 खनिज राजस्व आय (Mineral Revenue Income)

वित्तीय वर्ष 2023-24 के राजस्व का विवरण

मुख्य एवं गौण खनिजों का विभिन्न वर्षों में योगदान (लाख ₹ में)

मुख्य खनिजों के उत्पादन का वर्ष-वार विवरण (हजार टन में)

📝 प्रश्नों के प्रारूपानुसार


📈 खनन और उत्खनन क्षेत्र का GSDP में योगदान (स्थिर भाव 2011-12)

विवरण2019-202020-212021-222022-232023-242024-25
योगदान (लाख रु.)248157725505592656946292627332255723429576
वृद्धि (%)-2.182.784.1710.1410.236.32
योगदान (%)10.5410.7210.5410.8711.2611.16

पूर्व वर्षों के प्रश्नों के अनुसार [CGPSC(MI)2018]

कुल खनिज उत्पादन का मूल्य (करोड़ ₹ में)


🗺️ छत्तीसगढ़ के प्रमुख खनिज भण्डार की स्थिति (2024-25)

🔄 खनिज भण्डारण एवं उत्पादन (2023-24): एक तुलना

प्रश्नों के प्रारूपानुसार


🏭 मुख्य खनिजों के उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान (2023-24)

💸 मुख्य खनिजों की रॉयल्टी दर (राशि प्रति टन)

💡 महत्वपूर्ण जानकारी:

🏆 छत्तीसगढ़ के खनिज राजस्व प्राप्तियों में जिलों का क्रम

📊 अखिल भारतीय स्तर पर प्रमुख खनिजों का भण्डारण एवं उत्पादन (विवरण)

यहाँ छत्तीसगढ़ के प्रमुख खनिजों के भण्डारण, उत्पादन और महत्वपूर्ण क्षेत्रों की विस्तृत सारणी दी गई है।
(स्त्रोत – मिनरल ईयर बुक-2022, भण्डारण, आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25)

खनिजों का नामअखिल भारतीय स्तर पर भण्डारणअखिल भारतीय स्तर पर उत्पादन 2023-24प्रमुख जिले/स्थानभारत के खनिज मूल्य में योगदान (%)
1. कोयला74192 मिलियन टन (20.53%), स्थान-3206772 हजार टन (20.73%), स्थान-2उत्पादन: कोरबा, रायगढ़, कोरिया
भण्डारण: रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर
2. लौह अयस्क4592 मिलियन टन (19.09%), स्थान-346042 हजार टन (16.64%), स्थान-2उत्पादन & भण्डारण: दंतेवाड़ा, कांकेर, बालोद, कवर्धा19.01
3. चूना पत्थर13211 मिलियन टन (5.80%), स्थान-549279 हजार टन (10.94%), स्थान-4उत्पादन & भण्डारण: बलौदाबाजार, जांजगीर, रायपुर11.83
4. बॉक्साइट992 मिलियन टन (20%), स्थान-41033 हजार टन (4.32%), स्थान-4उत्पादन & भण्डारण: सरगुजा, बलरामपुर, कवर्धा4.58
5. टिन30 मिलियन टन (35.83%), स्थान-222335kg (100.00%), स्थान-1उत्पादन & भण्डारण: दंतेवाड़ा एवं सुकमा35.83
6. डोलोमाइट992 मिलियन टन (20%), स्थान-3उत्पादन: बिलासपुर, सक्ती<br>भण्डारण: बिलासपुर

🏭 छत्तीसगढ़ में खनिज उत्खनन करने वाली प्रमुख कंपनियाँ

🏢 NMDC (राष्ट्रीय खनिज विकास निगम)

🔥 SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड)

💼 CMDC (छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम)

🤝 संयुक्त उपक्रम (Joint Ventures)

  1. बस्तर रेलवे प्राइवेट लिमिटेड (B.R.P.L.): 5 मई 2016 को गठित। इसमें CMDC, NMDC, SAIL और IRCON शामिल हैं। इसका उद्देश्य रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन का निर्माण करना है।
  2. छत्तीसगढ़ कॉपर लिमिटेड (C.C.L.): 21 मई 2018 को गठित। इसमें CMDC और हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (भारत सरकार का उपक्रम) शामिल हैं।

💎 विभिन्न चट्टानों से प्राप्त होने वाले खनिज

📈 उत्पादन की दृष्टि से राज्य का क्रम


💰 जिला खनिज संस्थान न्यास (District Mineral Institute Trust – DMFT)


🪙 अन्य खनिज (Other Minerals)


⚫ कोयला (काला हीरा) – Coal (Black Diamond)

📜 सामान्य परिचय

📊 भण्डारण (राष्ट्रीय स्तर पर)

⛏️ उत्पादन (राष्ट्रीय स्तर पर, 2023-24)

🗺️ प्रमुख कोयला क्षेत्र (Major Coal Fields)

💡 महत्वपूर्ण तथ्य

🔩 लौह अयस्क (Iron Ore)

📜 सामान्य परिचय

💰 राजस्व आय में योगदान

📊 भण्डारण (राष्ट्रीय स्तर पर)

⛏️ उत्पादन (2023-24, राष्ट्रीय स्तर पर)

🗺️ छत्तीसगढ़ में प्रमुख लौह अयस्क क्षेत्र


⭐ बैलाडीला क्षेत्र की प्रमुख विशेषताएँ (दंतेवाड़ा)

🔑 अन्य महत्वपूर्ण तथ्य


💎 चूना पत्थर (Limestone)

📜 सामान्य परिचय

📊 भण्डारण एवं उत्पादन (2023-24, राष्ट्रीय स्तर पर)

🗺️ छत्तीसगढ़ में प्रमुख चूना पत्थर क्षेत्र

⭐ विशेष तथ्य


⚪ डोलोमाइट (Dolomite – MgCO₃.CaCO₃)

🗺️ छत्तीसगढ़ में प्रमुख डोलोमाइट क्षेत्र


🪙 स्वर्ण धातु (Gold)

🗺️ स्वर्ण खनिज क्षेत्र


🌫️ बॉक्साइट (Bauxite – Al₂O₃.2H₂O) (सिल्वर हीरा)

📜 सामान्य परिचय

📊 भण्डारण एवं उत्पादन (2023-24, राष्ट्रीय स्तर पर)

🗺️ बॉक्साइट क्षेत्र (पाट प्रदेश)

🔩 टिन (कैसेटेराइट अयस्क) – Tin (Cassiterite Ore)

📊 भण्डारण (राष्ट्रीय स्तर पर)

⛏️ उत्पादन (2023-24, राष्ट्रीय स्तर पर)

🗺️ प्रमुख टिन क्षेत्र


⚫ कोरण्डम (Corundum – Al₂O₂)

🗺️ प्रमुख कोरण्डम क्षेत्र

⭐ विशेष तथ्य


🗿 ग्रेनाइट (Granite)

🗺️ प्रमुख ग्रेनाइट क्षेत्र [CGVyapm(Asst. Geo.)2011] [CG PSC(EAP) 2016]


💎 हीरा (Diamond)

📊 भण्डारण (2023-24, राष्ट्रीय स्तर पर)

🗺️ प्रमुख हीरा क्षेत्र [CG PSC(SEE)]


💍 अलेक्जेन्ड्राइट (Alexandrite)


🔴 गारनेट (Garnet Stone)

🗺️ प्रमुख गारनेट क्षेत्र


✒️ ग्रेफाइट (Graphite)

🗺️ प्रमुख ग्रेफाइट क्षेत्र


🪨 अभ्रक (Mica/Asbestos)

🗺️ प्रमुख अभ्रक क्षेत्र


☢️ यूरेनियम (Uranium)

🗺️ प्रमुख यूरेनियम क्षेत्र [CG Vyapam(F]


⚪ फ्लोराइड / गोल्ड फ्लोराइड (Fluoride)

🗺️ प्रमुख क्षेत्र


⚪ क्वार्टजाइट (Quartzite)

🗺️ प्रमुख क्षेत्र


📜 नवीनतम खनिज साक्ष्य

जिलाखनिजस्थान
महासमुंदनिकिल, क्रोमियमकेलवार डबरी, भालूकोना
सुकमालिथियमगोविंदपाल, मुडपाल
कोरबालिथियमकटघोरा, जेजंरा, छुरी, घुंचापुर

💎 छत्तीसगढ़ में पाए जाने वाले खनिज एवं संबंधित जिले (संख्यावार)


🗺️ छत्तीसगढ़ में जिलेवार प्राप्त प्रमुख खनिज (स्त्रोत – आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25)

📜 छ.ग. शासन की प्रमुख नीतियाँ


✨ राज्य की नई औद्योगिक नीति 2024-2030 (6वीं औद्योगिक नीति)

🎯 नीति के मुख्य उद्देश्य


🏗️ अधोसंरचना विकास एवं औद्योगिक भूमि प्रबंधन

📊 निवेशकों का वर्गीकरण (7 श्रेणियाँ)

  1. सामान्य वर्ग के उद्यमी
  2. अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के उद्यमी
  3. अप्रवासी भारतीय (NRI), प्रत्यक्ष विदेशी निवेशक (FDI), और निर्यातक निवेशक
  4. महिला उद्यमी एवं तृतीय लिंग (Third Gender)
  5. सेवानिवृत्त सैनिक, दिव्यांग और नक्सलवाद से प्रभावित व्यक्ति
  6. महिला स्व-सहायता समूह (SHG) के उद्यमी
  7. किसान उत्पादक संगठन (FPO) के उद्यमी

🏭 उद्योगों का वर्गीकरण (निवेश के आकार पर, 4 श्रेणियाँ) [CG PSC(ITI Prin.)202]


🗺️ विकासखण्डों का श्रेणीकरण

🏭 नीति में शामिल प्रमुख उद्योग

  1. फार्मास्यूटिकल एवं मेडिकल डिवाइस सेक्टर
  2. कृषि, खाद्य एवं उद्यानिकी उत्पाद प्रसंस्करण सेक्टर
  3. ऑटोमोबाईल सेक्टर
  4. डिफेंस एवं एयरोस्पेस सेक्टर
  5. सूचना प्रौद्योगिकी (IT) हार्डवेयर सेक्टर
  6. टेक्सटाईल सेक्टर
  7. इंजीनियरिंग सेक्टर
  8. वनोपज पर आधारित सेक्टर
  9. वर्गीकरण पर आधारित थ्रस्ट सेक्टर
  10. उत्पाद आधारित थ्रस्ट सेक्टर
  11. निवेशक के वर्गीकरण पर आधारित सेक्टर

🚫 सम्पूर्ण राज्य हेतु अपात्र उद्यमों की सूची

  1. अल्कोहल युक्त पेय पदार्थ और डिस्टिलरी का निर्माण
  2. आरा मिल (सॉ मिल)
  3. सरकार द्वारा प्रतिबंधित पॉलिथिन बैग और प्लास्टिक के डिस्पोजेबल उत्पाद
  4. स्लाटर हाउस (बूचड़खाना)
  5. पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर
  6. कोल एवं कोक ब्रिकेट, कोल स्क्रीनिंग, कोल वाशरी
  7. चूना निर्माण, चूना पाउडर, चूना चिप्स, डोलोमाइट पाउडर
  8. सभी प्रकार के मिनरल पाउडर और स्लैग ग्राइंडिंग
  9. एस्बेस्टस और उस पर आधारित उद्योग
  10. लेदर टैनरी
  11. स्पंज आयरन, एकीकृत स्टील प्लांट, तापीय विद्युत उत्पादन संयंत्र
  12. स्टोन क्रेशर / मिट्टी निर्माण (केवल समूह-1 एवं 2 के विकासखण्डों के लिए)
  13. राइस मिल एवं परबॉईलिंग (केवल समूह-1 एवं 2 के विकासखण्डों के लिए)
  14. सभी प्रकार के उत्पादों की रिपैकिंग
  15. राज्य शासन द्वारा अधिसूचित अन्य कोई उद्यम

🏢 कोर-सेक्टर उद्योगों की सूची

औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन की दृष्टि से कोर सेक्टर उद्योगों को वर्गीकृत किया गया है।

💡 नोट:

🏆 औद्योगिक पुरस्कार योजना


📈 राज्य निवेश संवर्धन/प्रोत्साहन बोर्ड


🏭 छत्तीसगढ़ में औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Area in Chhattisgarh)

राज्य में औद्योगिक विकास तीन मुख्य विभागों द्वारा किया जाता ہے:

(A) छ.ग. राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (CSIDC)

🔧 CSIDC के प्रमुख कार्य

  1. राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना और उसका प्रचार-प्रसार करना। [CGVyapam (SGST)2018]
  2. औद्योगिक क्षेत्रों/पार्कों की स्थापना करना और अधोसंरचना का विकास करना।
  3. लघु उद्योगों के विपणन (Marketing) में सहायता प्रदान करना।
  4. कच्चे माल की आपूर्ति और उद्योगों का संचालन सुनिश्चित करना।
  5. राजधानी रायपुर में राज्योत्सव और नई दिल्ली में भारत अंतर्राष्ट्रीय मेले का आयोजन और प्रबंधन करना। [CGVyapam (SGST)2018]
  6. समय-समय पर शासन द्वारा दिए गए अन्य कार्यों को पूरा करना।
  7. निवेशकों की बैठकें आयोजित करना। [CGVyapam (SGST)2018]
  8. औद्योगिक उत्पाद सूचकांक (Index) तैयार करना। [CGVyapam (SGST)2018]

💡 विगत वर्षों का प्रश्न

🏭 राज्य में स्थापित औद्योगिक विकास क्षेत्र (Established Industrial Development Areas)


🏗️ औद्योगिक विकास केंद्र/क्षेत्र का वर्गीकरण

छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) ने औद्योगिक क्षेत्रों को मुख्य रूप से 4 श्रेणियों में विभाजित किया है।


🌳 1. वृहद् औद्योगिक क्षेत्र (200 हेक्टेयर से अधिक) – कुल 05 क्षेत्र

  1. औद्योगिक विकास केन्द्र सिलतरा, रायपुर
  2. औद्योगिक क्षेत्र उरला, रायपुर
  3. औद्योगिक विकास केन्द्र सिरगिट्टी, बिलासपुर
  4. औद्योगिक विकास केन्द्र बोरई, दुर्ग
  5. औद्योगिक क्षेत्र सिलपहरी, बिलासपुर

🏭 2. मध्यम औद्योगिक क्षेत्र (100 से 200 हेक्टेयर तक)

  1. औद्योगिक क्षेत्र भनपुरी, रायपुर
  2. इंजीनियरिंग पार्क, हथखोज, भिलाई
  3. औद्योगिक क्षेत्र मेटलपार्क, रायपुर

🤏 3. लघु औद्योगिक क्षेत्र (50 से 100 हेक्टेयर तक)

  1. महुआपाली/सियारपाली (रायगढ़)
  2. खम्हरिया (मुंगेली)
  3. सिलपहरी (बिलासपुर)
  4. कलचा (बस्तर)
  5. खैरा (बेमेतरा)
  6. परसगढ़ी (मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर)
  7. बाराद्वार (सक्ती)

🔬 4. सूक्ष्म औद्योगिक क्षेत्र (0 से 50 हेक्टेयर तक)


📈 ईज-ऑफ-डूईंग बिजनेस (EoDB – Ease of doing business)


🏗️ (B) एकीकृत अधोसंरचना विकास केन्द्र (IIDC)

📊 एकीकृत अधोसंरचना विकास केंद्र (IIDC) की सूची

🏗️ एकीकृत अधोसंरचना विकास केंद्र अंतर्गत प्रस्तावित

क्र.औद्योगिक क्षेत्रजिलाक्षेत्रफल (एकड़)
01.अभनपुररायपुर39.88
02.जी-जामगांवधमतरी24.71

✨ प्रस्तावित नवीन औद्योगिक क्षेत्र


🛠️ (C) ग्रामीण कार्यशाला/औद्योगिक क्षेत्र/औद्योगिक संस्थान

(संचालक – उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़)

💡 विगत वर्षों का प्रश्न

🏭 छत्तीसगढ़ में प्रमुख औद्योगिक पार्क (Industrial Parks in Chhattisgarh)

📍 रायपुर संभाग

📍 दुर्ग संभाग


💡 विगत वर्षों का प्रश्न


🗺️ विभिन्न संभागों में अन्य औद्योगिक पार्क

📍 बस्तर संभाग

📍 सरगुजा संभाग

📍 बिलासपुर संभाग


🔑 कुछ महत्वपूर्ण औद्योगिक पार्कों का सारांश

पार्क का प्रकारस्थान / विशेषता
प्लास्टिक पार्क🔹 प्रथम: तिल्दा (रायपुर) <br>🔹 द्वितीय: खैरझीटी (राजनांदगांव)
साइंस पार्क🔹 प्रथम: सुकमा <br>🔹 द्वितीय: माना तुता (रायपुर)
जैव प्रौद्योगिकी पार्कमुनगी ग्राम (रायपुर)
जैव / बायोटेक पार्कअंबिकापुर (सरगुजा)
जैव विविधता / बायोडायवर्सिटी पार्कअंबिकापुर (सरगुजा)
एग्रो पार्कबस्तर
एग्रो एक्सपोर्ट जोनसिलतरा (रायपुर) [CG PSC(ADPES)]
एग्रो कॉम्प्लेक्सजगदलपुर (बस्तर)

🚀 औद्योगिक विकास हेतु स्थापित/प्रस्तावित केन्द्र/योजनाएं

🌮 फूड पार्क (कुल 16)

  1. श्रीगोद (धमतरी): [CGVyapam (VPR)2021], [CG PSC(ADP)2019]
  2. टेडेसरा, पांगरीखुर्द (राजनांदगांव)
  3. बोरई (दुर्ग)
  4. धुरागांव, लोहाण्डीगुड़ा (बस्तर, प्रस्तावित)
  5. जर्जी-जामगांव (धमतरी, प्रस्तावित)
  6. अभनपुर, खपरीखुर्द (रायपुर, प्रस्तावित)
  7. बरबसपुर, फरसाबाहार, नारायणबडली, चिकनीपानी (जशपुर)
  8. रिखी, उलकीया (सरगुजा)
  9. केवरा (सूरजपुर)
  10. फूलपुर (कोरिया)
  11. सूरसाबांधा (गरियाबंद)
  12. हथकेरा-बिदबिदा (मुंगेली)
  13. छिंदगढ़ (सुकमा, प्रक्रियाधीन)
  14. कोंटा, खन्दीगुड़ा, पाकेला (सुकमा, प्रस्तावित)
  15. पखांजुर (कांकेर, प्रक्रियाधीन)
  16. श्यामातराई (धमतरी, प्रक्रियाधीन)

अन्य पार्क एवं क्षेत्र


🌐 विशेष आर्थिक प्रक्षेत्र (SEZ – Special Economic Zone)


🏢 छत्तीसगढ़ में औद्योगिक कॉम्प्लेक्स (Industrial Complexes in Chhattisgarh)


🎓 कौशल उन्नयन गतिविधियां (Skill Development Activities)

🏢 डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर

🏛️ छ.ग. राज्य का औद्योगिक प्रांतीय प्रधान कार्यालय