🎯 भविष्य का लक्ष्य: आने वाले वर्षों में, राज्य के कुल बोये गए क्षेत्र का 75 प्रतिशत (लगभग 43 लाख हेक्टेयर क्षेत्र) में सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। इसमें से 32 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सतही जल सिंचाई क्षमता विकसित की जाएगी।
💡 विशेष तथ्य: प्रदेश की लगभग 55% कृषि भूमि की जलधारण क्षमता कम होने की वजह से बिना सिंचाई के दोहरी फसल लेना संभव नहीं होता है।
📊 सिंचाई स्त्रोतों के अनुसार शुद्ध सिंचित क्षेत्र एवं प्रतिशत (हेक्टेयर में) 2023-2024
मद
① नहरें
② नलकूप सहित
③ तालाब
④ कुएँ
योग
क्षेत्रफल
8,33,492
6,23,449
21,566
8,488
14,86,995
प्रतिशत
56.05%
41.92%
1.44%
0.57%
100%
📝 महत्वपूर्ण तथ्य (Important Notes)
🔑 परीक्षार्थीगण कृपया ध्यान दें:
स्त्रोत
शुद्ध सिंचित प्रतिशत
कुल सिंचित प्रतिशत
नहर
56.05%
52% [CG Vyapam(VFM)]
नलकूप
41.92%
29% [CG PSC(Pre)]
सुनिश्चित सिंचाई के स्रोतों के अंतर्गत 1. नहर/जलाशय और 2. नलकूप को शामिल किया जाता है। [CG Vyapam(VPR)]
सुनिश्चित सिंचाई क्षेत्र विस्तार योजना के तहत प्रदेश में सभी सिंचाई स्रोतों से 36 प्रतिशत सिंचाई क्षमता है।
लघुतम सिंचाई स्त्रोत के अंतर्गत सिर्फ तालाबों को ही सम्मिलित किया जाता है।
प्रदेश में सिंचाई का मुख्य स्रोत नहरें हैं। [CG Vyapam(RAEO)]
किसी जिले में सिंचाई सुविधा का तात्पर्य उस जिले में मौजूद नलकूप, तालाब, कुआँ, नहरें, एनीकट, और बैराज से है। छत्तीसगढ़ में सिंचाई की न्यूनतम सुविधा (Lowest Irrigation Facilities) दंतेवाड़ा जिले में है। [CG PSC(ARTO)(AMO)2]
📊 प्रदेश में सिंचाई की स्थिति (33 जिलों के आधार पर)
प्र. वर्तमान भू-जल स्थिति के अनुसार, छत्तीसगढ़ में आठ ब्लॉक सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में आते हैं। उस ब्लॉक की पहचान कीजिए जो सेमी क्रिटिकल श्रेणी के अंतर्गत नहीं आता है।
(A) साजा
(B) धमधा
(C) पाटन
(D) बेरला
उत्तर-(D) [CG PSC(ADH)2022]
📈 आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 के अनुसार सिंचाई प्रतिशत में विविधता
सिंचाई का प्रतिशत
विवरण (Description)
पेज क्रं.
39.27 प्रतिशत
• वर्तमान में राज्य का सिंचाई प्रतिशत 39.27% हो गया है। • मार्च 2024 तक राज्य की सिंचाई का प्रतिशत 39.27 (21.76 / 55.40 X 100) हो गया है।
95 113
36 प्रतिशत
• सुनिश्चित सिंचाई क्षेत्र विस्तार योजना के तहत प्रदेश में सभी सिंचाई स्रोतों से 36 प्रतिशत सिंचाई क्षमता है। • वर्तमान में प्रदेश के सभी सिंचाई स्रोतों से लगभग 36% क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध है। इसमें से सर्वाधिक 52% क्षेत्र जलाशयों/नहरों के माध्यम से और 29% क्षेत्र नलकूप से सिंचित है।
105
34 प्रतिशत
• सम्पूर्ण फसलों के क्षेत्रफल से सिंचित क्षेत्रफल का प्रतिशत 37 है।
104 142 स्त्रोत-आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त छत्तीसगढ़
🌾 छत्तीसगढ़ में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन का घटनाक्रम
वर्ष
महत्वपूर्ण घटनाक्रम
1903
🍚 चावल अनुसंधान केंद्र, लाभांडी (रायपुर) की स्थापना।
1961
🎓 कृषि महाविद्यालय, रायपुर (राज्य का प्रथम कृषि महाविद्यालय) की स्थापना।
1982
🐔 राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम, रायपुर की स्थापना।
1983
🥛 दुग्ध प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, रायपुर और राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ, रायपुर का गठन।
1984
🐄 पशु चिकित्सा महाविद्यालय, अंजोरा (दुर्ग) का शुभारंभ।
1987
🏛️ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर (राज्य का प्रथम कृषि विश्वविद्यालय) की स्थापना।
1996
🐠 छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य संघ का गठन। (1 Nov 2000 के बाद)
23 दिस. 2000
🌾 छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन मण्डी बोर्ड का गठन।
31 दिस. 2000
🧑🌾 छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद् की स्थापना।
जून 2001
🐃 राज्य पशुधन एवं विकास अभिकरण का गठन।
2002
🌽 किसान समृद्धि योजना (पूर्व नाम- इंदिरा खेत गंगा योजना) की शुरुआत। [CGPSC(SES)]
2005-06
🥕 शाकम्भरी योजना का आरंभ।
5 मई 2005
Horticulture-programs एकीकृत और राष्ट्रीय बागवानी मिशन कार्यक्रम की शुरुआत। [CG PSC(Reg.)2017, (Pre)]
1 अगस्त 2005
🌱 छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड का गठन।
17 अगस्त 2006
🧑🏫 राज्य कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना।
2006-07
🏡 ग्रामोत्थान योजना का शुभारंभ।
2007-08
🪙 बीज बैंक योजना और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की शुरुआत। धान खरीदी का कंप्यूटरीकरण। [CGPSC(Lib)][CG PSC(ADS)2017, (Pre)]
जनवरी 2008
📞 सार्वजनिक वितरण प्रणाली का कॉल सेंटर शुरू हुआ।
फरवरी 2008
🍚 चावल उत्सव की शुरुआत खाद्य विभाग द्वारा।
2008-09
🐠 मत्स्य पालन हेतु शत-प्रतिशत अनुदान राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड द्वारा।
02 oct. 2009
💡 कृषक जीवन ज्योति योजना का शुभारंभ। [CGPSC(Pre)2019][CGVyapam (SAAF)2]
2010
🛒 प्रथम किसान शॉपिंग माल, राजनांदगांव (मंडी में)। [CG PSC(Pre)2015]
2012
🎓 दाऊ वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय (राज्य का प्रथम पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय) की स्थापना।
2012-13
💰 पृथक् कृषि बजट की शुरुआत। [CG PSC(ADS)2017][CG PSC(Lib.)20]
🌾 छत्तीसगढ़ में कृषि विकास का घटनाक्रम (जारी)
वर्ष / तिथि
प्रमुख योजना / कार्यक्रम
2013-14
💧 राज्य पोषित सूक्ष्म सिंचाई योजना एवं सूक्ष्म सिंचाई योजना की शुरुआत। [CG Vyapam(VAPR)2021]
2014
🌱 जैविक खेती योजना का आरंभ।
2014-15
🌧️ रेनफेड एरिया डेव्हलपमेंट योजना की शुरुआत। 🛠️ कृषि यांत्रिकीकरण पर सबमिशन योजना का प्रारंभ। [CGPSC(Pre)2017] 🏦 शून्य ब्याज पर कृषि ऋण (0%) योजना का विस्तार।
2015-16
🌾 प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की शुरुआत।
14 अप्रैल 2016
💻 राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) – National Agricultural Market का शुभारंभ।
2016-17
🚧 कम्युनिटी फेंसिंग योजना एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत। [CG PSC(ADP)2019], [CGPSC(ADPE&S)2019],[CGPSC(SEE)2017]
2017-18
🥦 सब्जी फसलों के विविधिकरण हेतु प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन।
2019
🏡 सुराजी ग्राम योजना का शुभारंभ। [CG VS(AG-3)2021] [CGPSC(Asst. HYD)2020,(Lib&SO)2019]
2020-21
🐠 प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना की शुरुआत।
2020
🎓 महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना। [CG Vyapam (VDAG)2021], [CG PSC(ADJE)2020,(IMO)2020]
10 सितं. 2021
🌾 मिलेट मिशन का आरंभ।
24 नवं. 2021
✨ चिराग योजना की शुरुआत।
2020-21
🧑🌾 पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर योजना की शुरुआत।
🌾 छत्तीसगढ़ में कृषि: एक सिंहावलोकन
👨🌾 सामान्य परिचय (General Introduction):
प्रदेश के 40.10 लाख कृषक परिवारों में से 80% परिवार लघु और सीमांत श्रेणी के हैं। [CG PSC(Pre)]
राज्य की लगभग 70% जनसंख्या कृषि और कृषि आधारित उद्योगों पर निर्भर है। [CG Vyapam(ASO&Bli)]
राज्य का अधिकतम जनभार कृषि पर है। [CG PSC(Pre)]
छत्तीसगढ़ में अधिकांश लोग अर्थव्यवस्था के कृषि क्षेत्र में कार्यरत हैं। [CG PSC(PDD)]
यहाँ की कृषि आजीविका-प्रधान है और खाद्यान्नों की प्रमुखता है। [CG PSC(Pre), (Pre)]
कृषि भूमि छोटे-छोटे खेतों में बंटी हुई है। [CG PSC(Pre)]
छत्तीसगढ़ का मैदानी भाग राज्य का सर्वाधिक उपजाऊ क्षेत्र है। [CG PSC(MI)]
यहाँ की कृषि सामान्यतः मानसून पर निर्भर है और खरीफ व रबी दोनों फसलें उगाई जाती हैं। [CG PSC(MI), (MI)]
धान का कटोरा: अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण छत्तीसगढ़ को भारत में “धान का कटोरा” कहा जाता है।
📊 सांख्यिकी परिचय (Statistical Introduction):
कृषक क्लब: नवम्बर 2022 तक प्रदेश में 700 कृषक क्लब कार्यरत थे।
कृषि यंत्र सेवा केंद्र: राज्य में अब तक 3872 कृषि यंत्र सेवा केंद्रों की स्थापना की जा चुकी है (आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25)। [CG Vyapam (NNRI)]
एशिया की सबसे बड़ी इमली मंडी:जगदलपुर (बस्तर) में स्थित है। [CG Vyapam(TET)2022][CG PSC(AP)]
कृषि मशीनरी परीक्षण प्रयोगशाला:रायपुर में स्थापित। [CG Vyapam (ETOS)]
चावल अनुसंधान केंद्र:लाभांडी (रायपुर) में स्थित है। इसकी स्थापना 1903 में हुई थी। यह प्रदेश का सबसे पुराना रिसर्च केंद्र है जिसे बाद में कृषि अनुसंधान केंद्र में बदल दिया गया।
चाय का संवर्धन: जशपुर
टोमेटो रिसर्च सेंटर: मैनपाट [CG Vyapam (MS)21]
टमाटर की राजधानी: लुड़ेंग (जशपुर) [CG PSC(Pre)]
कोसा संबंधित जिले: रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बस्तर, बिलासपुर, सक्ती
इमली मण्डी: जगदलपुर (एशिया की सबसे बड़ी इमली मण्डी)। [CG PSC(AP)2016][CGVyapam(TET-2)]
💰 शून्य ब्याज पर कृषि ऋण
📅 प्रारंभ: 2014-15 [CG PSC(Pre)2017]
🌾 उपनाम: फसल ऋण
🎯 आशय: सरकार द्वारा किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से बिना ब्याज के अल्पकालीन फसली ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
🏦 ऋण:
यह ऋण कृषि संबंधी कार्यों के लिए राज्य सरकार के सहकारी बैंक से प्राप्त किया जा सकता है।
किसानों को इस ऋण पर कोई ब्याज नहीं देना होता है।
इस योजना में लाख और मछली उत्पादन करने वाले कृषकों को भी शामिल किया गया है।
💸 ऋण का प्रावधान: कृषकों को सहकारी समितियों/बैंकों के माध्यम से अल्पकालीन ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है:
क्र.
ऋण का प्रकार
लागू होने की तिथि
ऋण की अधिकतम सीमा
1.
कृषि ऋण
1 अप्रैल 2014 (2014-15)
रु. 5 लाख [CG PSC(Pre)2017]
2.
उद्यानिकी कार्य
1 अप्रैल 2014
रु. 3 लाख
3.
लाख उत्पादन
1 जुलाई 2021
रु. 2 लाख तक
4.
मत्स्य पालन
1 अक्टूबर 2021
रु. 3 लाख
🔔 नोट: मधुमक्खी पालन एवं रेशम कीट उत्पादन को भी अब कृषि का दर्जा देने की घोषणा की गई है।
🌱 छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड
📅 स्थापना: 01 अगस्त 2005
🎯 उद्देश्य:
कृषि विभाग की मांग के अनुसार प्रदेश के कृषकों को प्रमाणित बीज उपलब्ध कराना। [CG Vyapam(MBD)2023]
कृषक प्रक्षेत्रों पर विभिन्न फसलों के उन्नत प्रजाति के बीजों का उत्पादन करना। [CG Vyapam(MBD)2023]
कृषि यांत्रिकीकरण को प्रोत्साहन देना। [CG Vyapam(MBD)2023]
राज्य कृषि उद्योग विकास निगम द्वारा विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जाता है। [CG PSC(ADH)2011]
🐮 गो-पालन हेतु अल्पकालीन ऋण
📅 लागू: 1 अप्रैल 2014
💰 ब्याज दर:
1 प्रतिशत: 2 लाख रु. तक के लिए। (1% पर ₹2 लाख)
3 प्रतिशत: 2 लाख रु. से अधिक और 3 लाख रु. तक के लिए। (3% पर ₹3 लाख)
📈 फसल क्षेत्र का सकल राज्य घरेलू उत्पाद में योगदान (स्थिरभाव 2011-12)
सांख्यिकी
2019-20
2020-21
2021-22
2022-23
2023-24
2024-25 (अनु.)
भागीदारी (लाख)
2323058
2421613
2545727
2803330
2850656
2972460
वृद्धि (%)
1.89
4.24
5.13
10.12
1.69
4.27
हिस्सा (%)
9.87
10.18
10.10
10.41
9.95
9.67
🔔 नोट: वर्ष 2022-23 में कृषि क्षेत्र में वृद्धि दर (10.12) सर्वाधिक रही थी।
📊 छत्तीसगढ़ का सकल राज्य घरेलू उत्पाद में कृषि क्षेत्र का योगदान – स्थिर भाव (2011-12)
क्र.
उद्योग समूह
2019-20
2020-21
2021-22
2022-23
2023-24
2024-25 (अनु.)
1.1
फसलें
9.87
10.18
10.10
10.41
9.95
9.67 (-)
1.2
पशुपालन
1.77
1.75
1.76
1.79
1.72
1.77 (+)
1.3
वनोद्योग तथा लट्ठे बनाना
3.18
3.37
3.28
3.19
3.04
2.95 (-)
1.4
मछली उद्योग
2.14
2.27
2.20
2.27
2.39
2.41 (+)
1.5
खनन तथा उत्खनन
10.54
10.72
10.54
10.87
11.26
11.16 (+)
A
योग (प्राथमिक क्षेत्र)
27.50
28.29
27.88
28.53
28.36
27.96
कृषि (1.1 से 1.4)
16.96
17.57
17.34
17.66
17.10
16.80 (-0.30)
🏆 कृषि कर्मण पुरस्कार
🌟 द्वारा: भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा प्रदान किया जाता है।
🎯 आधार: कृषि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और रिकॉर्ड उत्पादन के लिए।
खाद्यान्न हेतु वर्ष 2016-17 के लिए कृषि कर्मण पुरस्कार जनवरी 2020 में प्रदान किया गया। [CGVyapam(FI)20]
छत्तीसगढ़ को 2017 में उद्यानिकी के लिए एग्रीकल्चर लीडरशिप अवार्ड भी प्राप्त हुआ है। [CG PSC(Reg.)201]
🌍 छत्तीसगढ़ के कृषि जलवायु प्रदेश (Agro-Climatic Zones of Chhattisgarh)
राष्ट्रीय संदर्भ: भारत को 15 कृषि जलवायु प्रदेशों में विभाजित किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ पूर्वी पठार एवं पर्वतीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
राज्य का विभाजन: छत्तीसगढ़ को मुख्य रूप से 3 कृषि जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। [CGPSC(IMO) 2020, (CMO)2018] [CGPSC(ITI Pri.)2022] [CG Vyapam (ASO&BLI) 2010]
📊 कृषि जलवायु क्षेत्रों का तुलनात्मक विवरण
विवरण
सरगुजा का उत्तरी क्षेत्र
छत्तीसगढ़ का मैदान
बस्तर का पठार
शामिल क्षेत्र
सरगुजा संभाग
बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग संभाग के साथ चारामा + भानुप्रतापपुर
🌍 शामिल जिले:24 जिले शामिल हैं [CG PSC(AP)2016]। (जो जिले शामिल नहीं हैं – जांजगीर-चांपा, महासमुंद, धमतरी, कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, सक्ती – (33 जिलों के आधार पर))
📋 कार्यक्रम: (फल शामिल नहीं हैं) [CGPSC(Sci.Off.)2018]
रोपण अधोसंरचना एवं विकास:
हाईटेक नर्सरी, लघु नर्सरी, नर्सरी अवसंरचना का विकास
सब्जी एवं मसाला बीजों का उत्पादन
सब्जी क्षेत्र विस्तार
पुष्प विकास योजना
मसाला, औषधि और सुगंधित फसल
काजू क्षेत्र विस्तार
💡 विशेष:
वर्ष 2024-25 में, योजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र में 2 हाईटेक नर्सरी और निजी क्षेत्र में 1 हाईटेक नर्सरी स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
वर्ष 2024-25 में 2 सार्वजनिक लघु नर्सरी और 2 निजी लघु नर्सरी स्थापित करने का लक्ष्य है।
🌱 छ.ग. में फसलों के प्रति हेक्टेयर उत्पादन बढ़ाने में योगदान:
सिंचित क्षेत्र का विस्तार
कृषि यंत्रीकरण में वृद्धि
उर्वरकों का उपयोग। [CG PSC(Sci. Off)2018]
📦 वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना (ODOP)
🏢 विभाग: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार
🌍 शामिल: छत्तीसगढ़ – 28 जिले (देश के 728 जिले)
🎯 उद्देश्य:
जिलों में मिलने वाले उत्पादों को बढ़ावा देना।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग लगाने के लिए उत्पादों को चिन्हांकित करना।
राज्य में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, भारत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर कृषकों से धान का उपार्जन करता है।
राज्य की अधिकृत उपार्जन एजेंसी, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड), सहकारी समितियों के माध्यम से पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी करती है।
⭐ आदर्श मण्डी
राज्य में पांच मंडियों को आदर्श मंडी के रूप में चिन्हांकित किया गया है:
धमतरी
कुरूद
राजनांदगांव
कवर्धा
मुंगेली [CGPSC(IMO)202]
💻 राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM = National Agricultural Market)
📅 प्रारंभ: 14 अप्रैल, 2016
** phased-implementation चरण:**
पहला: 19 अक्टूबर, 2016
दूसरा: 08 अप्रैल, 2017
🎯 उद्देश्य: कृषि उपज की खरीदी-बिक्री में बिचौलियों का हस्तक्षेप कम करना।
📋 प्रावधान: इसके तहत छत्तीसगढ़ की 20 कृषि उपज मंडियों को चिन्हित किया गया है। [CGPSC(Lib&Steno)2018]
** धान:** प्रदेश में धान की 20 हजार से अधिक किस्में पाई जाती हैं। प्रमुख किस्में- स्वर्णा, IR-36, IR-64, अन्नदा, दुबराज, विष्णु भोग, बादशाह भोग, जवा फूल, (महामाया, बम्लेश्वरी, दंतेश्वरी, चन्द्रहासिनी, सम्लेश्वरी, महेश्वरी), पूर्णिमा, क्रांति, जलदुबी, विक्रम, टी.सी.आर.।
** सोयाबीन:** दुर्गा, NRC-37, MACS-58।
** कुल्थी:** K-42, PDM-1, BK-11।
** कोदो:** GPUK-3, KMY-20, IGK-3 (एल.सी.)।
** रागी:** HR-374, YL-14, PES-400।
💰 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) (2024-25)
फसल
MSP 2024-25 (रु./क्विंटल)
MSP 2023-24 (रु./क्विंटल)
MSP में वृद्धि (रु.)
धान (सामान्य)
2300
2183
117
धान (A ग्रेड)
2320
2203
117
ज्वार (हाईब्रिड)
3371
3180
191
ज्वार (मालदंडी)
3421
3225
196
बाजरा
2625
2500
125
रागी
4290
3846
444
मक्का
2225
2090
135
तुअर/अरहर
7550
7000
550
मूंग
8682
8558
124
मूंगफली
6783
6377
406
सूरजमूखी
7280
6760
520
सोयाबीन
4892
4600
292
तिल
9267
8635
632
रामतिल
8717
7734
983
कपास (मिडिल स्टेपल)
7121
6620
501
कपास (लॉन्ग स्टेपल)
7521
7020
501
उड़द
7400
6950
450
🌐 सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता (Transparency in Public Distribution System)
💻 पीडीएस (PDS): कम्प्यूटरीकरण और ऑनलाइन व्यवस्था का शुभारंभ 2007 से किया गया।
🍚 चावल उत्सव: हर महीने की 07 तारीख को मनाया जाता है (इसका शुभारंभ फरवरी 2008 से हुआ)। [CG PSC(AMO)2017, (AP)2]
📞 कॉल सेंटर:
इसका टोल-फ्री दूरभाष क्रमांक 1800-233-3663 है। [CG Vyapam(FI)2]
💡 नवम्बर 2022 की स्थिति के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में सर्वाधिक राशनकार्ड प्राथमिकता कार्ड का है। [CG PSC(AP)2014]
💡 राज्य के माडा (MADA – Modified Area Development Authority) क्षेत्र: 1. गोपालपुर (रायगढ़), 2. सारंगढ़, 3. नचनिया (खै-छु-गं), 4. बलौदाबाजार, 5. रूगजा (सक्ती), 6. कवर्धा, 7. महासमुंद-1, 8. महासमुंद-2, 9. गंगरेल। [CG PSC(Pre)2022]
💡 चने की पात्रता राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों एवं माडा क्षेत्रों में निवास करने वाले समस्त अन्त्योदय तथा प्राथमिकता राशन कार्डधारी परिवारों को है।
🍚 अतिरिक्त सामग्री: उपरोक्त सामग्री के अलावा, अन्त्योदय और प्राथमिकता परिवारों को प्रति राशनकार्ड 17 रु. प्रति कि.ग्रा. की दर से 1 कि.ग्रा. शक्कर भी प्रदान की जाती है।
🌴 बस्तर संभाग में विशेष प्रावधान: बस्तर संभाग के जिलों में अन्त्योदय, प्राथमिकता, अन्नपूर्णा, एकल निराश्रित एवं निःशक्तजन राशन कार्डधारियों को हर महीने 17 रू. प्रति कि.ग्रा. की दर से दो कि.ग्रा. गुड़ भी दिया जा रहा है। [CG Vyapam (FI) 2022]
🔥 केरोसीन:अन्त्योदय एवं प्राथमिकता परिवार वाले राशनकार्डधारी केरोसीन की पात्रता रखते हैं।
🏪 PDS दुकानें: राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का क्रियान्वयन नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा 123 पीडीएस प्रदान केन्द्रों और 13,759 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से किया जा रहा है। राज्य में कुल 13,879 उचित मूल्य की दुकानें हैं, जिनमें सर्वाधिक रायपुर में और न्यूनतम नारायणपुर में हैं। [CG PSC(Engg Set-2) 2015][CG Vyapam(FI) 2022]
🌾 फोर्टिफाईड चावल: कुपोषण को दूर करने के लिए नवम्बर 2020 से कोण्डागांव जिले में फोर्टिफाईड चावल वितरण की योजना शुरू की गई है।
📜 प्रमुख योजनाएँ:
मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना: 1 अप्रैल 2007 से। [CG PSC(SEE)2017][CG PSC(Engg Set-1) 2015]
मुख्यमंत्री अन्न सहायता योजना: 2017 से (श्रमिकों को दोपहर का मुफ्त भोजन उपलब्ध कराना)। [CG Vyapam(SMS) 2018]
सार्वभौम सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस): 2 अक्टूबर 2019 से।
💳 कुल राशन कार्ड:79.61 लाख (आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25)
⚖️ अधिनियम और आयोग:
खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम (2012) प्रदेश में लागू है। [CG Vyapam(PRIA) 2018]
वन नेशन, वन राशनकार्ड योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में कुल 13,879 उचित मूल्य की दुकानों में ई-पॉस मशीन से खाद्य वितरण हो रहा है।
राज्य सरकार द्वारा “मेरी पी.डी.एस., मेरी मर्जी” का शुभारंभ रायपुर जिले से वर्ष 2012 में किया गया था। [CG Vyapam(S.I. Mains) 2023]
छत्तीसगढ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की स्थापना 1 नवम्बर 2002 को हुई थी।
छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग की स्थापना मार्च 2017 में हुई थी।
🎯 उद्देश्य: छत्तीसगढ़ में जैविक खेती को प्रोत्साहित करना।
📂 प्रकार: राज्य पोषित योजना (1 जिला)
🌍 सम्मिलित जिले:
प्रारंभ में, यह योजना 5 जिलों (रायपुर, रायगढ़, कोरिया, बालोद, दंतेवाड़ा) के 1010 एकड़ क्षेत्र में शुरू की गई थी।
वर्ष 2016-17 से राज्य के 5 जिलों (1. सुकमा (2016), 2. बीजापुर (2016), 3. नारायणपुर (2016), 4. दंतेवाड़ा (2016), 5. गरियाबंद (2014)) को पूर्णतः जैविक जिला घोषित किया गया है।
शेष 22 जिलों के एक-एक विकासखण्ड को पूर्ण जैविक विकासखण्ड बनाने का कार्यक्रम चल रहा है।
जैविक ब्राण्ड
राज्य के विभिन्न जिलों में जैविक उत्पादों की ब्रांडिंग कर उनका विपणन किया जा रहा है:
🎯 उद्देश्य: सिंचाई जल के बेहतर उपयोग और नकदी फसलों को बढ़ावा देना।
योजनाएं शामिल:** इसमें कुल 7 योजनाएं शामिल हैं: [CGPSC(Pre)2017] 1. शाकम्भरी योजना। 2. किसान समृद्धि योजना। 3. लघु सिंचाई (नलकूप) योजना। [CGPSC(Pre)2017] 4. लघुतम सिंचाई (तालाब) योजना। [CGPSC(Pre)2017] 5. हरित क्रांति विस्तार योजना के तहत निर्मित तालाब एवं चेकडेम। [CGPSC(Pre)2017] 6. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत चेकडेम। 7. टारगेटिंग राईस फेलो एरिया के तहत चेकडेम।
🚿 सूक्ष्म सिंचाई योजना
📅 प्रारंभ: 2013-14
🌍 लागू जिले: समस्त जिले
🎯 उद्देश्य: प्रदेश के लघु-सीमान्त एवं अन्य कृषकों को स्प्रिंकलर (फौव्वारा) प्रदान करना ताकि कम पानी से अधिक क्षेत्र सिंचित हो सके।
🎯 उद्देश्य: राज्य सरकार द्वारा सामान्य कृषकों को ड्रिप सिंचाई पर अनुदान देना।
📋 प्रावधान: योजना के तहत लघु एवं सीमांत कृषकों को 5 हेक्टेयर तक 55 प्रतिशत अनुदान और बड़े कृषकों को 45 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।
☀️ सूक्ष्म सिंचाई एवं सोलर सूक्ष्म सिंचाई योजना (2023-24)
🎯 उद्देश्य: प्रदेश की विभिन्न नदियों/नालों पर उपलब्ध जल का समुचित उपयोग करना।
तथ्य
कुल
सूक्ष्म योजना
सोलर सूक्ष्म योजना
प्रस्तावित
173
102
71
अनुमोदित
36
17
19
स्रोत: [CGVyapam(ECH)2017], [CGPSC(Reg.)2017]
💡 विशेष: वर्ष 2024-25 में 16 सूक्ष्म एवं 10 सोलर सूक्ष्म सिंचाई योजना हेतु 135.45 लाख (1.35 crore) के बजट का प्रावधान किया गया है।
📞 किसान कॉल सेंटर
☎️ टोल फ्री नम्बर: 1551
🎯 उद्देश्य: कृषि विभाग द्वारा किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना।
🏞️ शाकम्भरी योजना
📅 शुभारंभ: 2005 (वित्तीय वर्ष 2005-06) [CGPSC(Lib & SO)2019, (Registrar)(Lib)]
🎯 उद्देश्य: सिंचाई संसाधनों का विकास करना।
🌟 लक्ष्य: छोटे एवं सीमांत कृषकों के लिए सिंचाई कुओं का निर्माण एवं पम्प प्रदान करना तथा निजी स्रोतों से सिंचाई में वृद्धि करना। [CGPSC(SEE)], [CGPSC(AD)]
📋 प्रावधान:
लघु एवं सीमांत कृषकों को 5HP तक के विद्युत सबमर्सिबल/डीजल/पेट्रोल पम्प पर 75% की छूट (अधिकतम 16,875 रु. तक)। [CGPSC(Lib)]
कुआँ निर्माण पर 50 प्रतिशत (अधिकतम 25,200 रु.) का अनुदान।
🎯 उद्देश्य: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों को वित्तीय राहत प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजना लागू की गई।
📋 प्रावधान: इस योजना के अंतर्गत अस्थायी और स्थायी कृषि पंपों के लिए निम्नलिखित प्रावधान हैं:
⚡ अस्थायी कृषि पंप:
इस योजना के तहत, पात्र किसानों को 3 अश्व शक्ति (HP) तक के कृषि पंपों के लिए प्रति वर्ष 6000 यूनिट बिजली की खपत पर छूट दी जाती है।
3-5 अश्व शक्ति (HP) तक के कृषि पंपों के लिए प्रति वर्ष 7500 यूनिट बिजली पर छूट का प्रावधान है।
⚡ स्थायी कृषि पंप:
नवंबर 2013 से, पात्र किसानों को फ्लैट रेट दर पर बिजली प्राप्त करने का विकल्प भी दिया गया। यह विकल्प चुनने वाले किसानों को बिना किसी खपत सीमा के, मात्र 100 रूपए प्रतिमाह प्रति अश्व शक्ति की दर से बिजली बिल का भुगतान करना होता है।
अगस्त 2018 से इस योजना का विस्तार करते हुए फ्लैट रेट की सुविधा राज्य के सभी सिंचाई पंपों पर बिना पंप की क्षमता सीमा के उपलब्ध कराई गई है। [CG Vyapam (VP)]
किसानों को 5 अश्व शक्ति तक के दूसरे पंप के लिए 200/- प्रति अश्व शक्ति की दर से, और 5 अश्व शक्ति से अधिक के प्रथम एवं द्वितीय पंप के लिए भी 200/- प्रति अश्व शक्ति की दर से बिल भुगतान की सुविधा है।
5 अश्व शक्ति से अधिक के तीसरे और अन्य पंपों के लिए 300/- प्रति अश्व शक्ति प्रतिमाह की दर से बिल भुगतान की सुविधा प्रदान की गई है।
एस.टी. और एस.सी. वर्ग के किसानों के लिए कृषि पम्प कनेक्शन के अंतर्गत विद्युत शुल्क की कोई अधिकतम सीमा नहीं होगी।
📈 राष्ट्रीय कृषि विकास योजना +
📅 शुरूआत: 2007-08
🎯 उद्देश्य: कृषि और संबद्ध योजनाओं के नियोजन एवं क्रियान्वयन की प्रक्रिया में लचीलापन और स्वायत्तता प्रदान कर सार्वजनिक निवेश को बढ़ावा देना।
📋 प्रावधान:
दो उर्वरक गुण नियंत्रण प्रयोगशाला (रायगढ़ एवं राजनांदगांव) की स्थापना। [CGPSC(P)]
रायपुर में एक कृषि यंत्र परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करना। [CGVyapam(ETOS)2017][CGPSC(]
26 नवीन स्थायी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं। [CGPSC(P)]
बायोपेस्टीसाईड गुण नियंत्रण प्रयोगशाला रायपुर में निर्मित करना।
3 नवीन बीज परीक्षण प्रयोगशालाएं – बिलासपुर, जगदलपुर/अम्बिकापुर।
पौध संरक्षण गुण नियंत्रण प्रयोगशाला रायपुर में निर्मित करना।
बीज गुण नियंत्रण प्रयोगशाला रायपुर में निर्मित करना।
राजनांदगांव एवं रायपुर में पौध संरक्षण औषधि एवं गुण नियंत्रण प्रयोगशाला स्थापित करना।
🚜 कृषि यांत्रिकीकरण पर सबमिशन योजना
📅 प्रारंभ: 2014-15 [CGPSC(Pre)2017]
🎯 उद्देश्य:
विभिन्न कृषि कार्यों को सरलता से और सही समय पर पूरा करके उत्पादन में वृद्धि करना।
प्रदेश के लघु सीमांत किसानों को किराये पर उन्नत कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना।
📋 प्रावधान: इस योजना के तहत कृषि यंत्र सेवा केन्द्र की स्थापना हेतु 10 लाख रु. तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक 3872 कृषि यंत्र सेवा केन्द्रों की स्थापना की जा चुकी है।
🛒 किसान शॉपिंग मॉल
🏗️ निर्माण वर्ष: 2010
📍 स्थान: राजनांदगांव मंडी
💰 लागत: 2.29 करोड़
💡 विशेष: इस शॉपिंग मॉल में कृषि से जुड़े उत्पाद जैसे खाद, बीज, पेस्टीसाईड, कृषि उपकरण, ट्रेक्टर पार्ट्स के अलावा छड़, सीमेंट, कपड़ा, ज्वेलरी और मनोरंजन के लिए मल्टीप्लेक्स, रेस्टोरेंट तथा गार्डन भी हैं। [CGPSC(Pre)2015, 2019, 2021]
🍛 मुख्यमंत्री अन्न सहायता योजना
📅 शुभारंभ: 2017
🎯 उद्देश्य: श्रमिकों को मुफ्त दोपहर का भोजन उपलब्ध कराना। [CGVyapam(SMS)2018], [CGVyapam(SMS)2018]
🍬 मधुर गुड़ योजना
📅 शुभारंभ: 16 जनवरी, 2020
📍 स्थान: जगदलपुर (बस्तर)
📋 प्रावधान: प्रत्येक गरीब परिवार को 17 रु प्रति किलो की दर से 2 कि.ग्रा. प्रति माह गुड़ दिया जाता है।
🌍 शामिल क्षेत्र: बस्तर संभाग [CGPSC(ADA)2020]
🏡 ग्रामोत्थान योजना
📅 प्रारंभ: 2006-07
🎯 उद्देश्य:
राज्य में पशु नस्ल सुधार के माध्यम से किसानों की आमदनी में वृद्धि करना।
कृषि कार्यों के लिए उन्नत नस्ल के सक्षम और ताकतवर पशुओं का विकास करना।