🎯छत्तीसगढ़: भूगोल भाग-1 सामान्य परिचय 🎯

Page Contents


📋 प्रशासनिक जानकारियाँ

🤵 प्रथम प्रशासनिक पदाधिकारी


🏛️ पंचायती राज संस्थाएँ (20619)

🏘️ नगरीय निकाय (192)

🏢 छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न भवनों के नाम


🎖️ छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्रवर्तक एवं उपाधियाँ


🎓 छत्तीसगढ़ में शिक्षा

📰 छत्तीसगढ़ में जन-संचार व्यवस्था


📍 भौगोलिक उपनाम


वन्य जीव एवं नदियाँ

🏞️ छत्तीसगढ़ में वन्य जीव

🌊 छत्तीसगढ़ में नदियाँ


🎨 प्रमुख गुफाएँ

🏆 सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता

🏭 छत्तीसगढ़ में उद्योग


📜 ऐतिहासिक परिदृश्य

🌳 छत्तीसगढ़ की जनजातियाँ

🗣️ भाषा-बोली


🌐 अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ


🌟 प्रस्तावना

छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना 1 नवंबर 2000 को देश के 26वें राज्य के रूप में हुई। राज्य के गौरव को दर्शाने वाले प्रतीक चिन्हों में राजकीय पशु, पक्षी, वृक्ष, प्रतीक चिन्ह, गमछा, प्रतीक वाक्य, गीत और राजभाषा को सम्मिलित किया गया है।

🔄 राजकीय प्रतीकों की तुलना


🐃 राजकीय पशु: वनभैंसा (Wild Buffalo)


🐦 राजकीय पक्षी: पहाड़ी मैना (Hill Myna)

🌳 राजकीय वृक्ष: साल/सरई (Sal/Sarai)

🗺️ राज्य की आकृति


🛡️ राजकीय प्रतीक चिन्ह

####🧣 राजकीय गमछा

🌺 छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा


🎶 राजकीय गीत: “अरपा पैरी के धार”

🗓️ प्रमुख दिवस


📜 आयोग का गठन

छत्तीसगढ़ी भाषा को भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में स्थान दिलाने के लक्ष्य के साथ अगस्त 2008 में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का गठन किया गया। इसकी विधायी प्रक्रिया इस प्रकार थी:

👨‍⚖️ आयोग के अध्यक्ष

  1. पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी (प्रथम, 2008 से 2011 तक)
  2. श्री दानेश्वर शर्मा (द्वितीय, 2011 से 2013 तक)
  3. डॉ. वी.के. पाठक (तृतीय, 2016 से 2018 तक)

🎯 उद्देश्य और लक्ष्य

  1. राजभाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में दर्जा दिलाना।
  2. छत्तीसगढ़ी को राजकाज की भाषा के रूप में उपयोग में लाना।
  3. त्रिभाषायी फॉर्मूले के तहत विभिन्न कक्षाओं के पाठ्यक्रम में शामिल करना।

💡 आयोग द्वारा संचालित योजनाएँ

  1. माई कोठी योजना:
  2. बिजहा योजना/कार्यक्रम:

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की ग्रामीण संस्कृति और तीज-त्योहारों को संरक्षित करने के उद्देश्य से कई नए सार्वजनिक अवकाशों की घोषणा की है।

🗓️ अवकाशों की सूची


🏙️ अवस्थिति एवं विकास

🏢 प्रमुख भवन एवं संस्थान



📖 ‘दक्षिण कोसल’ के रूप में पहचान

🏹 कोसल और उत्तर कोसल

🌏 महाकोसल

🏰 चेदिसगढ़ से छत्तीसगढ़

🏡 छत्तीस घर से छत्तीसगढ़

⚔️ 36 गढ़ (किला) से छत्तीसगढ़


कोसल प्रदेश के ऐतिहासिक उल्लेख

📝 अभिलेखों का विवरण


कोसल प्रदेश की स्थिति एवं विस्तार

travellers’ Accounts

🗺️ विभिन्न इतिहासकारों के अनुसार


🖋️ साहित्यिक एवं ऐतिहासिक संदर्भ

छत्तीसगढ़ के प्राचीनकालीन नाम

इस सारणी में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के प्राचीन नामों को अलग-अलग कालक्रम के अनुसार दर्शाया गया है।


छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का घटनाक्रम

1861: मध्यप्रांत (Central Provinces) का उदय

1862: संभागों का निर्माण

मध्य प्रांत में प्रशासनिक सुविधा के लिए 5 संभाग बनाए गए। [CGVypam(Patwari)2017][CGPSC(EAP)2016],[CG PSC(MI)2014]

1903: सेन्ट्रल प्रॉविन्स और बरार का गठन

बरार क्षेत्र के विलय के पश्चात् इस पूरे क्षेत्र को ‘सेन्ट्रल प्रॉविन्स एण्ड बरार’ के नाम से जाना जाने लगा।

1905: भाषाई आधार पर छत्तीसगढ़ का भौगोलिक परिवर्तन

1905 के बंगाल विभाजन का प्रभाव छत्तीसगढ़ की सीमाओं पर भी पड़ा और भाषाई आधार पर इसका पुनर्गठन किया गया:



महत्वपूर्ण परीक्षोपयोगी प्रश्न


विधेयक पारित होने की प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ राज्य का गठन (1 नवम्बर, 2000)

राज्य निर्माण के समय के प्रमुख पदाधिकारी


छत्तीसगढ़ राज्य: गठन के समय और वर्तमान में

गठन के समय एवं वर्तमान में प्रशासनिक स्थिति

राज्य निर्माण हेतु गठित प्रमुख संगठन


छत्तीसगढ़ में जिलों के गठन का ऐतिहासिक क्रम

1861 में गठन (02 जिले)

1906 में गठन (01 जिला)

1948 में गठन (03 जिले)

1973 में गठन (01 जिला)

1998 में गठन (09 जिले)

2007 में गठन (02 जिले)

2012 में गठन (09 जिले)

2020 में गठन (01 जिला)

2022 में गठन (05 जिले)

जिलों के गठन का संक्षिप्त विवरण

नोट: इन नवीनतम 05 जिलों के गठन के पश्चात् छत्तीसगढ़ में जिलों की कुल संख्या 33 हो गई है।


छत्तीसगढ़ के जिलों का क्षेत्रफलानुसार अवरोही क्रम (घटते क्रम में)

यह सारणी छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों को उनके क्षेत्रफल के आधार पर बड़े से छोटे के क्रम में दर्शाती है, साथ ही जनसंख्या और अन्य प्रशासनिक इकाइयों का विवरण भी प्रदान करती है।


छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक इकाइयों की संरचना

यह सारणी छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक इकाइयों की वर्तमान संख्या और स्थिति को दर्शाती है।


  • निर्माण का आधार: छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा-13 के अंतर्गत राज्य सरकार को संभागों, जिलों, उपखण्डों (अनुविभागों) तथा तहसीलों के नाम, क्षेत्र और सीमाओं में परिवर्तन करने, उन्हें बनाने या समाप्त करने का अधिकार प्राप्त है।

संभाग (Division) की व्यवस्था

संभागों का गठन: एक ऐतिहासिक अवलोकन


📌 छत्तीसगढ़ के संभाग: एक अवलोकन

छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सुविधा के लिए कुल 5 संभाग हैं। पेश है इनसे जुड़ी विस्तृत जानकारी:

📜 संभागों का विवरण (Divisions of Chhattisgarh)

Previous Year Questions (PYQs): [CG Vyapam (Chemist)2016], [CG Vyapam (DCAG)2016]


🔑 जिले (Districts)

PYQs: [CGPSC(MI),(ARO)2014]


💡 अनुविभाग (Sub-Division)


🌍 तहसील (Tehsils)

PYQs: [CG PSC(TSI)202]


🌱 विकासखण्ड (Blocks)

PYQs: [CG PSC(AG-3)201]


📊 संभागवार तुलनात्मक अध्ययन

PYQs: [CG PSC(ACF)2017], [CG Vyapam(Chemist)20]


📖 छत्तीसगढ़ के विकासखण्ड एवं अनुसूचित विकासखण्ड

पांचवीं अनुसूची में वर्णित क्षेत्र

नोट: * चिह्न वाले विकासखण्ड आदिवासी विकासखण्ड हैं।

🌍 जिलावार विकासखण्डों की सूची

🌍 रायपुर और बिलासपुर संभाग के विकासखण्ड

📜 6.3 अनुसूचित क्षेत्र (Scheduled Area)

छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों को विशेष प्रशासनिक प्रावधानों के तहत “अनुसूचित क्षेत्र” का दर्जा दिया गया है।

** आंशिक रूप से अनुसूचित क्षेत्र में शामिल जिले **

जिलाशामिल तहसील/क्षेत्र
1. रायगढ़खरसिया, घरघोड़ा, धरमजयगढ़, लैलूंगा एवं तमनार
2. बालोदडौंडी
3. धमतरीसिहावा-नगरी
4. बिलासपुरकोटा (खण्ड-1)
5. गरियाबंदमैनपुर, छुरा, गरियाबंद

PYQ: निम्नलिखित में से छत्तीसगढ़ के किन स्थानों पर संविधान की पाँचवीं अनुसूची लागू है? – (धरमजयगढ़, मानपुर और मोहला विकास खण्ड, कांकेर जिला)। [CG PSC(ADA)2023]


🇮🇳 छत्तीसगढ़ राज्य के लिए पाँचवी अनुसूची के तहत घोषित अनुसूचित क्षेत्र

भारत सरकार के 20 फरवरी 2003 के राजपत्र में छत्तीसगढ़ के निम्नलिखित क्षेत्रों को अनुसूचित क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया गया है:

  1. सरगुजा जिला: (वर्तमान सरगुजा, बलरामपुर और सूरजपुर जिले)
  2. कोरिया जिला: (वर्तमान कोरिया और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले)
  3. बस्तर जिला: (वर्तमान बस्तर, नारायणपुर और कोण्डागांव जिले)
  4. दंतेवाड़ा जिला: (वर्तमान दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले)
  5. कांकेर जिला
  6. कोरबा जिला
  7. जशपुर जिला
  8. बिलासपुर जिला: (वर्तमान में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला) मरवाही, गौरेला-1 और गौरेला-2 आदिवासी विकासखण्ड, साथ ही बिलासपुर जिले का कोटा राजस्व निरीक्षक खंड।
  9. दुर्ग जिला: (वर्तमान बालोद जिला) में स्थित डौण्डी आदिवासी विकासखण्ड।
  10. राजनांदगांव: (वर्तमान मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिला)
  11. रायपुर जिला: (वर्तमान गरियाबंद जिला) में गरियाबंद, मैनपुर और छुरा आदिवासी विकास खण्ड।
  12. धमतरी जिला: में नगरी (सिहावा) आदिवासी विकासखण्ड।
  13. रायगढ़ जिला: में धरमजयगढ़, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा और खरसिया आदिवासी विकासखण्ड।

✨ 6.4 आकांक्षी जिला कार्यक्रम (Aspirational Districts Program)

छत्तीसगढ़ के 10 आकांक्षी जिले

  1. कांकेर
  2. कोण्डागांव
  3. बस्तर
  4. सुकमा
  5. दंतेवाड़ा
  6. बीजापुर
  7. नारायणपुर
  8. महासमुंद
  9. कोरबा
  10. राजनांदगांव (इसमें मो.-मा.-अ. एवं खै.-छु.-ग. जिले भी शामिल हैं)PYQ: [CG Vyapam (B.Ed.)2021]

🗺️ छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों का तुलनात्मक अध्ययन

यहाँ छत्तीसगढ़ के उन जिलों की सूची दी गई है जो अन्य जिलों की सीमाओं को स्पर्श करते हैं।

वर्तमान में सर्वाधिक जिलों से स्पर्श करने वाले जिले:

  1. कोरबा (09 जिले)
  2. बलौदाबाजार (07 जिले)

🌍 संभागवार सीमावर्ती जिलों की सूची

सरगुजा संभाग

बिलासपुर संभाग

दुर्ग संभाग

रायपुर संभाग

बस्तर संभाग


🌏 छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति एवं विस्तार

❤️ भारत का हृदय स्थल


🧭 अक्षांशीय विस्तार (Latitude)

📍 अक्षांशीय अंतिम बिंदु (Latitudinal Extreme Points)

  1. सबसे उत्तरी जिला 🔼: बलरामपुर (24°5″ उत्तरी अक्षांश)
  2. सबसे उत्तरी बिंदु 🔼: सुन्दरीगांव (रामानुजगंज) (24°5″ उत्तरी अक्षांश)
  3. सबसे दक्षिणी जिला 🔽: सुकमा (17°46″ उत्तरी अक्षांश) [PYQ: CGVyapam(ECH)2017]
  4. सबसे दक्षिणी बिंदु 🔽: कोंटा (17°46″ उत्तरी अक्षांश)

🧭 देशांतरीय विस्तार (Longitude)

📍 देशांतरीय अंतिम बिंदु (Longitudinal Extreme Points)

  1. सबसे पूर्वी जिला ⏩: जशपुर (84°25″ पूर्वी देशांतर)
  2. सबसे पूर्वी बिंदु ⏩: गिरला, जशपुर (84°25′ पूर्वी देशांतर)
  3. सबसे पश्चिमी जिला ⏪: बीजापुर (80°15″ पूर्वी देशांतर)
  4. सबसे पश्चिमी बिंदु ⏪: भद्रकाली, भोपालपट्टनम (80°15″ पूर्वी देशांतर)

💡 विशेष तथ्य: प्रदेश का देशांतरीय विस्तार (435 कि.मी.) उसके अक्षांशीय विस्तार (700-800 कि.मी.) की तुलना में कम है। [PYQ: CG PSC(YWO)2017]


✂️ कटान बिन्दु (Intersection Point)

PYQ: छत्तीसगढ़ के किस जिले में कर्क रेखा और भारतीय मानक समय देशांतर का कटान स्थित है? उत्तर: (A) कोरिया [CG PSC(ADJ) 201]


⚖️ कर्क रेखा एवं IST की तुलना

🏞️ छत्तीसगढ़ का विस्तार

⏳ छत्तीसगढ़ में समयांतराल (Time Difference)


🌊 समुद्र तल से दूरी एवं ऊँचाई

PYQ: रायपुर शहर की समुद्र तल से ऊँचाई कितनी है? उत्तर: 298.15 मीटर। [CG Vyapam (LECT. Maths)]

संभागवार जिलों की समुद्र तल से ऊँचाई


🗺️ छत्तीसगढ़ राज्य की भौगोलिक सीमा रेखा


🤝 छत्तीसगढ़ के समीपवर्ती राज्य

छत्तीसगढ़ की सीमाएं भारत के 7 पड़ोसी राज्यों से मिलती हैं, जिनका विवरण इस प्रकार है:

Previous Year Questions (PYQs): [CGPSC(TSI)2024, (Pre)2023][CG Vyapam (E-Chem.)2016]

🧭 पड़ोसी राज्यों के परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ की दिशा

📌 विशेष सीमावर्ती जिले


📊 जिलों का वर्गीकरण: सीमावर्ती एवं भू-आवेष्ठित

छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों को उनकी भौगोलिक स्थिति के आधार पर दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है:

1. अन्तर्राज्यीय सीमा पर स्थित जिले (22)

  1. जशपुर
  2. रायगढ़
  3. सारंगढ़
  4. महासमुंद
  5. गरियाबंद
  6. धमतरी
  7. कोण्डागांव
  8. बस्तर
  9. सुकमा
  10. बीजापुर
  11. नारायणपुर
  12. कांकेर
  13. मोहला-मानपुर-अंबागढ़
  14. राजनांदगांव
  15. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
  16. कबीरधाम
  17. मुंगेली
  18. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
  19. मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर
  20. कोरिया
  21. सूरजपुर
  22. बलरामपुर

PYQs: [CG Vyapam (TET-2)2021], [CG PSC(Pre)2012, 2015]

2. भू-आवेष्ठित (Land-Locked) जिले (11)

  1. सरगुजा
  2. कोरबा
  3. जांजगीर-चांपा
  4. बिलासपुर
  5. सक्ती
  6. बलौदाबाजार
  7. रायपुर
  8. बेमेतरा
  9. दुर्ग
  10. बालोद
  11. दंतेवाड़ा

PYQ: [CG Vyapam (ECH) 2017]

🛑 नोट: राज्य की सबसे दक्षिणी सीमा सुकमा जिले द्वारा बनाई जाती है। [PYQ: CG Vyapam (ECH) 2017]


⚖️ पड़ोसी राज्यों की तुलना: क्षेत्रफल एवं जनसंख्या (भारत में रैंक)


💡 प्रमुख तथ्य (Key Facts)


🌍 10. छत्तीसगढ़ की भू-गर्भिक संरचना


छत्तीसगढ़ के शैल समूहों का वर्गीकरण (टी. एस. हॉलैण्ड के अनुसार)

छत्तीसगढ़ में शैल समूहों का विस्तार एवं विशेषताएँ


शैल समूहों का विस्तृत विवरण

1. आर्कियन / आद्य महाकल्पीय शैल समूह


2. धारवाड़ शैल समूह


3. कड़प्पा शैल समूह


4. विंध्यन शैल समूह


5. गोंडवाना शैल समूह


6. दक्कन ट्रैप शैल समूह

सारांश तालिका: खनिज, चट्टान और निर्माण

PYQ: [CG PSC(ARTO)2022] में मिलान करने वाला प्रश्न पूछा गया था, जिसका सही उत्तर (A) है: (a) दक्कन ट्रैप – (iii) बॉक्साइट, (b) आर्कियन – (ii) नीस, (c) कड़प्पा – (iv) चूना-पत्थर, (d) धारवाड़ – (i) टिन।


🌾 11. छत्तीसगढ़ की मिट्टियाँ (Soils of Chhattisgarh)

किसी भी क्षेत्र में मौजूद चट्टानों से उस क्षेत्र की मिट्टी का निर्माण और उसकी प्रकृति तय होती है। छत्तीसगढ़ प्रायद्वीपीय पठार का हिस्सा है, इसलिए यहाँ अवशिष्ट प्रकार (Residual Soil) की मिट्टी पाई जाती है, जो कृषि और वन संसाधनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। प्रदेश की चट्टानी संरचना के आधार पर यहाँ मुख्य रूप से 5 प्रकार की मिट्टियाँ मिलती हैं।


छत्तीसगढ़ की मिट्टियों का तुलनात्मक अध्ययन


छत्तीसगढ़ में मिट्टियों का वर्गीकरण और वितरण

(यह सेक्शन दिए गए पेज में मैप और चार्ट के रूप में है, जिसे यहाँ टेक्स्ट और टेबल में प्रस्तुत किया गया है।)

🌱 मिट्टी का वर्गीकरण (Soil Orders)

🧪 मिट्टी का pH मान (प्रकृति)

🌾 छत्तीसगढ़ की प्रमुख मिट्टियाँ: एक विस्तृत अवलोकन

1. लाल-पीली मिट्टी (मटासी)


2. लाल बलुई / लाल रेतीली मिट्टी (टिकरा)


3. लाल दोमट मिट्टी


4. लैटेराइट मिट्टी (मुरूमी/भाठा)


5. काली मिट्टी (कन्हार/रेगुर)


अन्य स्थानीय मिट्टियाँ एवं वर्गीकरण

डोरसा मिट्टी

कछार मिट्टी

अन्य स्थानीय शब्द

📈 स्थानीय मिट्टी का क्रम (ऊँचाई से गहराई की ओर)

उत्तर छ.ग. (सरगुजा क्षेत्र)दक्षिण छ.ग. (बस्तर क्षेत्र)
टिकरा (सबसे ऊपर)मरहान (Marhan)
छावरटिकरा (Tikra)
गाद छावरमाल/बाड़ी
बाहरा (सबसे नीचे)गभार (Gabhar)

📊 मिट्टियों का वैज्ञानिक क्रम एवं प्रतिशत